Tuesday, February 17

Paris Paralympics: भारतीय महिला पैरा शूटर मोना अग्रवाल ने पेरिस पैरालंपिक (Paris Paralympics) में तीन पदक स्पर्धाओं में हिस्सा लिया है। इस बार इन खेलों में मोना ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है। इसके बाद अब वह मिश्रित 50 मीटर राइफल प्रोन आर6 स्पर्धा और महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन आर8 स्पर्धा में भाग लेंगी।

para shooter Mona Agarwal
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इस समय पेरिस पैरालंपिक 2024 (Paris Paralympics) के मुकाबले शुरू हो चुके हैं। तभी तो इस बार पैरा शूटर मोना अग्रवाल ने शुक्रवार को 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में 228.7 का स्कोर करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया और भारत को कांस्य पदक दिलाया। वहीं उनसे पहले इसी स्पर्धा में पैरा शूटर अवनि लेखरा ने स्वर्ण पदक जीता है।

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भारत की महिला पैरा शूटर अवनि ने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में 249.6 का स्कोर करते हुए पैरालंपिक का रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन इस बार इस महिला पैरा शूटर ने 249.7 का स्कोर करते हुए अपने ही पैरालंपिक रिकॉर्ड को तोड़ दिया। वहीं इसी स्पर्धा में दक्षिण कोरिया की युनरी ली ने 246.8 का स्कोर करते हुए रजत पदक जीता है।

Paris Paralympics कौन हैं पैरा शूटर मोना अग्रवाल :-

इस बार पेरिस पैरालिंपिक (Paris Paralympics) में भाग लेने वाले हर एथलीट की अपनी कहानी होती है। क्यूंकि हर एथलीट इन खिलाड़ियों से ही प्रेरणा ले रहा है। वहीं भारत की पैरा एथलीट मोना अग्रवाल की कहानी खेल प्रेमियों को अधिक प्रेरित कर सकती है। क्यूंकि मोना अग्रवाल का जन्म राजस्थान के सीकर में हुआ था। उनका जन्म काफी संघर्षों भरा रहा है।

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भारत की यह पैरा खिलाड़ी मोना अग्रवाल बचपन में ही पोलियो की बीमारी से ग्रसित हो गई थी। तभी तो इस पोलियो की बीमारी के कारण ही वह बचपन से ही चलने में असमर्थ हो गई थीं। वहीं इसके अलावा भी उनको लड़कियों के प्रति पूर्वाग्रह के कारण भी समाज के तानों का सामना करना पड़ा। तभी तो मोना अग्रवाल अपनी पढाई भी पूरी नहीं कर सकी थी। इसके बाद फिर वह पैरा शूटर बनने के लिए जयपुर चली गई थी। इसके लिए उनको उनकी बहन ने प्रेरित किया था।

Paris Paralympics 2021 में पैरा शूटिंग में आजमाया हाथ :-

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इसके बाद फिर व्हीलचेयर के जरिए चलने वाली मोना अग्रवाल ने पैरा एथलेटिक्स की ओर अपना रुख किया था। तब उन्होंने कई खेलों जैसे शॉट पुट, डिस्कस, जेवलिन थ्रो और पावरलिफ्टिंग में हाथ आजमाया था और राज्य स्तरीय टूर्नामेंट में पहुंचकर अपनी अलग पहचान बनाई थी। लेकिन तब उनका शरीर एथलेटिक्स की कठोरता को झेलने में असमर्थ था। इसके बाद उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए 2021 में पैरा शूटिंग की ओर रुख किया था।

Paris Paralympics डब्ल्यूएसपीएस विश्व कप 2024 में जीता स्वर्ण पदक :-

भारत की पैरा शूटर मोना अग्रवाल को साल 2023 में क्रोएशिया के ओसिजेक में होने वाले डब्ल्यूएसपीएस विश्व कप के लिए चुना गया था। तब इस प्रतियोगिता में उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद फिर उन्होंने साल 2022 के एशियाई पैरा खेलों और लीमा में 2023 डब्ल्यूएसपीएस चैंपियनशिप के जरिए पेरिस पैरालंपिक 2024 (Paris Paralympics) के लिए क्वालिफाई करने के लिए अपना लक्ष्य रखा था।

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लेकिन तब वह पैरालंपिक के लिए क्वालिफाई करने से चूक गई थी। लेकिन फिर इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित हुए डब्ल्यूएसपीएस विश्व कप 2024 में यह सफलता हासिल की। तब इस प्रतियोगिता में मोना अग्रवाल ने 250.7 का कुल स्कोर दर्ज करके स्वर्ण पदक जीता था।

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Sports Content Writer लाखन सैनी (Lakhan Saini) एक स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं, जो खेलों की दुनिया की बारीकियों को समझने और उसे सरल, सटीक और प्रभावशाली अंदाज में लिखने के लिए जाने जाते हैं। वे क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और अन्य खेलों की ख़बरें लिखने में महारत रखते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य पाठकों को ताजा और सटीक जानकारियों के साथ अपडेट रखना है।

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