Tuesday, March 10

Athens Olympics Shooting Star: यूनान की राजधानी एथेंस में भारतीय निशानेबाज़ी के लिए हमेशा से एक भाग्यशाली जगह रही है। 2004 में यहीं पर राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने ओलंपिक में डबल ट्रैप में रजत पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया था। अब एक बार फिर एथेंस ने इतिहास दोहराया है  इस बार जोरावर सिंह संधू के जरिए, जिन्होंने 48 साल की उम्र में वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में ट्रैप शूटिंग में कांस्य पदक जीता है।

जोरावर का यह सफर बहुत लंबा और प्रेरणादायक रहा है। 31 साल पहले उन्होंने पहली बार जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था और 27 साल पहले सीनियर स्तर पर अपनी शुरुआत की थी। इतने सालों बाद, 2025 की ISSF वर्ल्ड शॉटगन चैंपियनशिप में उन्होंने दिखा दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है।शुक्रवार को एथेंस के मालाकासा शूटिंग रेंज में हुए फाइनल में, ज़ोरावर ने मुश्किल मौसम बारिश और बादलों के बीच भी कमाल का प्रदर्शन किया। 50 शॉट्स के फाइनल में उन्होंने पहले 40 में से 31 टारगेट पर निशाना साधा। अंत में वे ओलंपिक चैंपियन जोसिप ग्लासनोविक (क्रोएशिया) और जूनियर वर्ल्ड चैंपियन एंड्रेस गार्सिया (स्पेन) के बाद तीसरे स्थान पर रहे।

राष्ट्रीय राइफल संघ के अध्यक्ष ने क्या कहा

राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) के अध्यक्ष कलिकेश नारायण सिंह देव ने ज़ोरावर सिंह संधू की जीत को भारतीय निशानेबाज़ी के लिए एक और ऐतिहासिक पल बताया। उन्होंने कहा कि ज़ोरावर ने ट्रैप शूटिंग में भारत के लिए केवल तीसरा व्यक्तिगत वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सफलता इस बात का संकेत है कि भारतीय निशानेबाज़ अब हर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं और लगातार चुनौतियों को पार कर रहे हैं। ज़ोरावर की प्रतिबद्धता और समर्पण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इसका पूरा श्रेय मिलना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने कोच पीटर विल्सन और पूरे कोचिंग स्टाफ की भी तारीफ़ की, जिन्होंने ट्रैप टीम के प्रदर्शन को और बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

 

Zoravar Singh Sandhu's amazing feat, winning a bronze medal at the age of 48
zoravar singh sandhu

ज़ोरावर के लिए दिन की शुरुआत से ही मुकाबला चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि उन्हें फाइनल में जगह बनाने के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करना था। बीते दो दिनों में खेले गए चार राउंड्स में उन्होंने सिर्फ एक बार निशाना चूका था। पाँचवें और अंतिम राउंड में उन्होंने 23 अंक बनाए। उनके सभी राउंड्स का स्कोर था 24, 25, 25, 25, और 23। इस तरह उनका कुल स्कोर 122 रहा, जो फाइनल में क्वालिफाई करने के लिए काफी था।

वहीं, प्रतियोगिता में एंटन ग्लासनोविक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी 125 टारगेट पर निशाना लगाया और विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए पहले स्थान पर रहे। उनके भाई योसिप ने 124 अंक बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया और अमेरिका के विश्व नंबर 2 विलियम हिंटन ने 123 के स्कोर के साथ तीसरा स्थान पाया।

       स्पोर्ट्स से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi के साथ जुड़े रहें और हमें यूट्यूबफेसबुकइंस्टाग्रामऔर ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।

Share.

मैं हिंदी कंटेंट राइटर, SEO एक्सपर्ट और डिजिटल मीडिया स्पेशलिस्ट हूं। मुझे फीचर राइटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट प्रोडक्शन में काफी दिलचस्पी है। मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हिमाचल प्रदेश से एम.ए. इन जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया की पढ़ाई की है। अपने करियर की शुरुआत सिद्धिविनायक टाइम्स में जूनियर हिंदी कंटेंट राइटर के रूप में की और वर्तमान में ABC वर्ल्ड मीडिया में स्पोर्ट्स और गेमिंग कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

Leave A Reply

Exit mobile version