Archery: भारत की महिला रिकर्व टीम ने आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-2 में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान चीन को हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया है। इस बार भारत की महिला रिकर्व टीम ने शंघाई में खेले गए आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-2 में मेजबान चीन को शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। इस मैच में भारत की स्टार महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी, अंकिता भकत और कुमकुम मोहोड़ की तिकड़ी ने शानदार वापसी की है। जबकि भारत के साहिल जाधव ने कंपाउंड वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल भी जीता है।
भारतीय महिला टीम ने जीता स्वर्ण पदक :-

भारत की महिला रिकर्व टीम ने आर्चरी वर्ल्ड कप स्टेज-2 में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान चीन को हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया है। वहीं इस बार यह टूर्नामेंट शंघाई में हो रहा था। इसके अलावा बीते दिन रविवार को खेले गए इस टूर्नामेंट के फाइनल मैच में भारत ने दबाव भरे शूट-ऑफ में चीन को 5-4 (28-26) से हराया है। वहीं अब इस जीत के साथ भारत ने साल 2021 के बाद पहला आर्चरी वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल भी जीता है।
दीपिका कुमारी ने दिलाई भारत को यादगार जीत :-
इस बार भारत की तरफ से दीपिका कुमारी, अंकिता भकत और कुमकुम मोहोड़ ने शानदार खेल दिखाया है। वहीं इस बार यह फाइनल मैच काफी रोमांचक रहा और दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। इसके चलते हुए भारत ने इस फाइनल का पहला सेट जीत लिया था। लेकिन इसके बाद चीन ने वापसी करते हुए मुकाबला बराबरी पर ला दिया था।

इसके बाद चार सेट के बाद स्कोर बराबर रहा था और यह मैच शूट-ऑफ तक पहुंच गया था। इसके बाद निर्णायक पल में भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखा। इसके बाद फिर आखिरी तीर पर अनुभवी दीपिका कुमारी ने नौ अंक हासिल किए और भारत को यादगार जीत दिला दी।
भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में कोरिया को भी चौंकाया था :-
इससे पहले भारतीय टीम ने फाइनल से पहले सेमीफाइनल में 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। वहीं इस जीत ने भारत का आत्मविश्वास और बढ़ा दिया था। इसके चलत हुए कोरिया जैसी मजबूत टीम को हराने के बाद भारतीय टीम ने फाइनल में चीन को भी हराकर अपनी इस खेल में श्रेष्ठता साबित कर दी।
साहिल जाधव ने जीता कांस्य पदक :-
इससे पहले बीते शनिवार को भारत के पुरुष तीरंदाज साहिल जाधव ने पुरुष कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत का मेडल का खाता खोला था। इसके अलावा इस 25 वर्षीय साहिल ने कांस्य पदक मैच में डेनमार्क के मार्टिन डैम्सबो को 147-144 से हराया था। इस मैच में पहले सेट से पिछड़ने के बाद उन्होंने लगातार वापसी करते हुए अगले चार सेट जीत लिए। इसके अलावा यह साहिल के करियर का पहला वर्ल्ड कप पदक भी है।

इसके अलावा अभी भारत की पदक उम्मीदें यहीं खत्म नहीं हुईं हैं। क्यूंकि महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में सिमरनजीत कौर सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। इसके चलते हुए वह अपने पहले व्यक्तिगत वर्ल्ड कप पदक से केवल एक जीत ही दूर हैं। इसके अलावा अब शंघाई में मिला यह गोल्ड मेडल भारतीय तीरंदाजी के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है। क्यूंकि अब इन बड़े मैचों में दबाव झेलकर जीतना यह भी दिखाता है कि भारतीय खिलाड़ी अब दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों को लगातार चुनौती देने के लिए तैयार हैं।
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