Monday, February 2

Full List of Indian Chess Grandmasters: भारत ने पिछले तीन दशकों में चेस की दुनिया में जो पहचान बनाई है, वह किसी क्रांति से कम नहीं है। जहाँ कभी देश में चेस को सिर्फ एक बौद्धिक खेल माना जाता था, आज भारत विश्व के सबसे तेजी से उभरते चेस देशों में से एक है।

हाल ही में 16 वर्षीय इलम्पार्थी ए.आर. ने भारत के 90वें ग्रैंडमास्टर बनने का गौरव हासिल किया। उनके साथ भारत अब उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जहाँ 90 या उससे अधिक ग्रैंडमास्टर्स मौजूद हैं। यह उपलब्धि सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि उस समर्पण की कहानी है जिसने भारतीय चेस को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया।

ग्रैंडमास्टर (GM) क्या होता है?

ग्रैंडमास्टर (GM) चेस की दुनिया में मिलने वाला सबसे बड़ा व्यक्तिगत खिताब है। यह खिताब FIDE यानी World Chess Federation की ओर से दिया जाता है। यह खिताब पाने के लिए किसी खिलाड़ी को 2500 से अधिक का FIDE रेटिंग और तीन अंतरराष्ट्रीय ग्रैंडमास्टर नॉर्म्स हासिल करने होते हैं।

हर नॉर्म किसी कठिन टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन से मिलता है, जहाँ खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेटेड खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार अच्छा खेल दिखाना होता है। यह प्रक्रिया बेहद कठिन होती है, इसलिए GM टाइटल को चेस की दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।

भारत में चेस की शुरुआत और पहला ग्रैंडमास्टर

भारत में आधुनिक चेस की जड़ें गहरी हैं। मनुएल आरोन ने 1961 में भारत के पहले इंटरनेशनल मास्टर (IM) बनकर देश के लिए एक नया अध्याय शुरू किया। लेकिन असली इतिहास 1988 में बना, जब विश्वनाथन आनंद ने भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बनने का गौरव हासिल किया।

आनंद के बाद भारत में चेस को लेकर जो लहर उठी, उसने आने वाले वर्षों में कई युवाओं को प्रेरित किया। आज हर राज्य से नए खिलाड़ी सामने आ रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमा रहे हैं।

भारतीय महिला चेस खिलाड़ियों की ऐतिहासिक भूमिका

महिलाओं ने भी चेस में भारत को गौरवान्वित किया है। जयंश्री खाडिलकर 1979 में भारत की पहली महिला इंटरनेशनल मास्टर (WIM) बनीं, जबकि सुब्बारमन विजयलक्ष्मी ने 2001 में देश की पहली महिला ग्रैंडमास्टर (WGM) का खिताब जीता।

इसके बाद कोनेरु हम्पी ने 2002 में भारत की पहली महिला ग्रैंडमास्टर (GM) बनकर नया इतिहास लिखा। उनके बाद द्रोणावली हरिका, वैशाली रमेशबाबू और दिव्या देशमुख जैसी खिलाड़ियों ने देश की पहचान और मजबूत की है।

तमिलनाडु बना भारत का “चेस कैपिटल”

अगर भारतीय चेस की बात करें तो तमिलनाडु को “भारत की चेस कैपिटल” कहना गलत नहीं होगा। विश्वनाथन आनंद से लेकर रमेशबाबू प्रज्ञानानंद, गुकेश और अब इलम्पार्थी तक, देश के सबसे अधिक ग्रैंडमास्टर इसी राज्य से हैं।

तमिलनाडु सरकार ने चेस को स्कूल स्तर से बढ़ावा दिया, जिससे कई बच्चे इस खेल से जुड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की।

युवा ग्रैंडमास्टर्स की नई पीढ़ी

2020 के बाद भारत में कई युवा ग्रैंडमास्टर्स उभरे हैं। डोम्माराजू गुकेश, रमेशबाबू प्रज्ञानानंद, निहाल सरीन, और एरिगैसी अर्जुन जैसे खिलाड़ी आज विश्व के टॉप 20 में जगह बना चुके हैं।

ये खिलाड़ी ना केवल भारत के लिए खेल रहे हैं, बल्कि वर्ल्ड चैंपियनशिप की दौड़ में भी शामिल हैं। उनके प्रदर्शन ने यह साबित किया है कि भारत अब सिर्फ उभरता हुआ देश नहीं, बल्कि एक चेस सुपरपावर बन चुका है।

महिला ग्रैंडमास्टर्स की नई लहर

वैशाली रमेशबाबू और दिव्या देशमुख जैसी युवा खिलाड़ी आज भारतीय महिला चेस का चेहरा बन चुकी हैं। वैशाली ने 2023 में ग्रैंडमास्टर बनकर अपने भाई प्रज्ञानानंद के साथ एक अद्भुत रिकॉर्ड बनाया। यह विश्व की पहली भाई-बहन की जोड़ी है, जिसने दोनों ने GM खिताब जीता। इसके अलावा, दिव्या देशमुख ने 2025 में GM बनकर भारतीय महिला चेस की ताकत को और बढ़ाया।

भारत के सभी ग्रैंडमास्टर्स की पूरी सूची (Full List of Indian Chess Grandmasters)

क्रमांक वर्ष खिलाड़ी का नाम राज्य
1 1987 विश्वनाथन आनंद तमिलनाडु
2 1991 दिब्येंदु बरुआ पश्चिम बंगाल
3 1997 प्रविण ठिप्से महाराष्ट्र
4 2000 अभिजीत कुंटे महाराष्ट्र
5 2000 के. शशिकिरण तमिलनाडु
6 2001 पेंटाला हरिकृष्णा आंध्र प्रदेश
7 2002 कोनेरु हम्पी आंध्र प्रदेश
8 2003 सूर्य शेखर गांगुली पश्चिम बंगाल
9 2003 संदीपन चंदा पश्चिम बंगाल
10 2004 आर.बी. रमेश तमिलनाडु
11 2004 तेजस बकरे गुजरात
12 2006 पी. मगेष चंद्रन तमिलनाडु
13 2006 दीपन चक्रवर्ती तमिलनाडु
14 2006 नीलोत्पल दास पश्चिम बंगाल
15 2006 परिमार्जन नेगी दिल्ली
16 2007 जी.एन. गोपाल केरल
17 2008 अभिजीत गुप्ता राजस्थान
18 2008 एस. अरुण प्रसाद तमिलनाडु
19 2009 एस. किदम्बी तमिलनाडु
20 2009 आर.आर. लक्ष्मण तमिलनाडु
21 2010 श्रीराम झा दिल्ली
22 2010 दीप सेनगुप्ता पश्चिम बंगाल
23 2010 बी. अधिबन तमिलनाडु
24 2011 एस.पी. सेथुरमन तमिलनाडु
25 2011 हरिका द्रोणावल्ली आंध्र प्रदेश
26 2012 लालित बाबू एम.आर. आंध्र प्रदेश
27 2012 वैभव सूरी दिल्ली
28 2012 एम.आर. वेंकटेश तमिलनाडु
29 2012 सहज ग्रोवर दिल्ली
30 2013 विदित गुजराथी महाराष्ट्र
31 2013 श्याम सुंदर एम तमिलनाडु
32 2013 अक्षयराज कोरे महाराष्ट्र
33 2013 विष्णु प्रसन्ना तमिलनाडु
34 2013 देबाशीस दास ओडिशा
35 2013 सप्तर्षि रॉय चौधरी पश्चिम बंगाल
36 2014 अंकित राजपारा गुजरात
37 2015 अरविंद चितंबरम तमिलनाडु
38 2015 कार्तिकेयन मुरली तमिलनाडु
39 2015 अश्विन जयराम तमिलनाडु
40 2015 स्वप्निल एस. धोफाडे महाराष्ट्र
41 2015 एस.एल. नारायणन केरल
42 2016 शार्दुल गागरे महाराष्ट्र
43 2016 दिप्तयान घोष पश्चिम बंगाल
44 2016 प्रियदर्शन के तमिलनाडु
45 2017 आर्यन चोपड़ा दिल्ली
46 2017 श्रीनाथ नारायणन तमिलनाडु
47 2017 हिमांशु शर्मा हरियाणा
48 2017 अनुराग म्हामल गोवा
49 2017 अभिमन्यु पुराणिक महाराष्ट्र
50 2017 थेज कुमार एम.एस. कर्नाटक
51 2018 सप्तर्षि रॉय पश्चिम बंगाल
52 2018 रमेशबाबू प्रज्ञानानंद तमिलनाडु
53 2018 निहाल सरीन केरल
54 2018 एरिगैसी अर्जुन तेलंगाना
55 2018 कार्तिक वेंकटारमन तेलंगाना
56 2018 हर्षा भारतकोटी तेलंगाना
57 2018 पी. कार्तिकेयन तमिलनाडु
58 2018 स्टेनी जॉर्ज एंथनी कर्नाटक
59 2019 विश्वक एन.आर. तमिलनाडु
60 2019 डॉमराजू गुकेश तमिलनाडु
61 2019 पनीरसेल्वम इनियन तमिलनाडु
62 2019 स्वयम मिश्रा ओडिशा
63 2019 गिरीश कौशिक कर्नाटक
64 2019 पृथु गुप्ता दिल्ली
65 2019 रौनक साधवानी महाराष्ट्र
66 2020 आकाश गणेशन तमिलनाडु
67 2020 लियोन मेंडोंका गोवा
68 2021 अर्जुन कल्याण तमिलनाडु
69 2021 हर्षित राजा महाराष्ट्र
70 2021 राजा ऋत्विक तेलंगाना
71 2021 संकल्प गुप्ता महाराष्ट्र
72 2021 मित्रभा गुहा पश्चिम बंगाल
73 2022 भारत सुब्रमण्यम तमिलनाडु
74 2022 राहुल श्रीवत्सव पी तेलंगाना
75 2022 वी. प्रनव तमिलनाडु
76 2022 प्रणव आनंद कर्नाटक
77 2022 आदित्य मित्तल महाराष्ट्र
78 2023 कौस्तव चटर्जी पश्चिम बंगाल
79 2023 प्रणेश एम तमिलनाडु
80 2023 विग्नेश एन.आर. तमिलनाडु
81 2023 सयंतन दास पश्चिम बंगाल
82 2023 वुप्पला प्रणीथ तेलंगाना
83 2023 आदित्य सामंत महाराष्ट्र
84 2023 वैशाली रमेशबाबू तमिलनाडु
85 2024 श्याम निखिल पी तमिलनाडु
86 2025 श्रीहरी एल.आर. तमिलनाडु
87 2025 हरिकृष्णन ए.रा तमिलनाडु
88 2025 दिव्या देशमुख महाराष्ट्र
89 2025 रोहित कृष्णा एस तमिलनाडु
90 2025 इलम्पार्थी ए.आर. तमिलनाडु

FAQs

1. भारत के पहले चेस ग्रैंडमास्टर कौन थे?

भारत के पहले ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद थे, जिन्होंने 1988 में यह उपलब्धि हासिल की थी।

2. भारत में कुल कितने ग्रैंडमास्टर हैं?

अक्टूबर 2025 तक भारत में कुल 90 ग्रैंडमास्टर हैं, जिनमें चार महिला खिलाड़ी शामिल हैं।

3. भारत की पहली महिला ग्रैंडमास्टर कौन थीं?

भारत की पहली महिला ग्रैंडमास्टर कोनेरु हम्पी थीं, जिन्होंने 2002 में यह खिताब जीता।

4. भारत के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर कौन हैं?

डोम्माराजू गुकेश और रमेशबाबू प्रज्ञानानंद दोनों ने बेहद कम उम्र में ग्रैंडमास्टर बनकर रिकॉर्ड बनाया, और अब नई पीढ़ी में इलम्पार्थी ए.आर. (16 वर्ष) ने यह उपलब्धि दोहराई है।

5. भारत में सबसे ज्यादा ग्रैंडमास्टर किस राज्य से हैं?

भारत में सबसे ज्यादा ग्रैंडमास्टर तमिलनाडु से हैं, जहाँ से अब तक 30 से अधिक खिलाड़ी यह खिताब हासिल कर चुके हैं।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। नीतिश कुमार मिश्र अपने पेशेवर लेखन के जरिए पाठकों को न सिर्फ सटीक खबरें, बल्कि गहन विश्लेषण के माध्यम से खेलों को और करीब से समझने का मौका भी देते हैं।

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