Full List of Indian Chess Grandmasters: भारत ने पिछले तीन दशकों में चेस की दुनिया में जो पहचान बनाई है, वह किसी क्रांति से कम नहीं है। जहाँ कभी देश में चेस को सिर्फ एक बौद्धिक खेल माना जाता था, आज भारत विश्व के सबसे तेजी से उभरते चेस देशों में से एक है।
हाल ही में 16 वर्षीय इलम्पार्थी ए.आर. ने भारत के 90वें ग्रैंडमास्टर बनने का गौरव हासिल किया। उनके साथ भारत अब उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जहाँ 90 या उससे अधिक ग्रैंडमास्टर्स मौजूद हैं। यह उपलब्धि सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि उस समर्पण की कहानी है जिसने भारतीय चेस को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया।
ग्रैंडमास्टर (GM) क्या होता है?
ग्रैंडमास्टर (GM) चेस की दुनिया में मिलने वाला सबसे बड़ा व्यक्तिगत खिताब है। यह खिताब FIDE यानी World Chess Federation की ओर से दिया जाता है। यह खिताब पाने के लिए किसी खिलाड़ी को 2500 से अधिक का FIDE रेटिंग और तीन अंतरराष्ट्रीय ग्रैंडमास्टर नॉर्म्स हासिल करने होते हैं।
हर नॉर्म किसी कठिन टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन से मिलता है, जहाँ खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेटेड खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार अच्छा खेल दिखाना होता है। यह प्रक्रिया बेहद कठिन होती है, इसलिए GM टाइटल को चेस की दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।
भारत में चेस की शुरुआत और पहला ग्रैंडमास्टर
भारत में आधुनिक चेस की जड़ें गहरी हैं। मनुएल आरोन ने 1961 में भारत के पहले इंटरनेशनल मास्टर (IM) बनकर देश के लिए एक नया अध्याय शुरू किया। लेकिन असली इतिहास 1988 में बना, जब विश्वनाथन आनंद ने भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बनने का गौरव हासिल किया।
आनंद के बाद भारत में चेस को लेकर जो लहर उठी, उसने आने वाले वर्षों में कई युवाओं को प्रेरित किया। आज हर राज्य से नए खिलाड़ी सामने आ रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमा रहे हैं।
भारतीय महिला चेस खिलाड़ियों की ऐतिहासिक भूमिका
महिलाओं ने भी चेस में भारत को गौरवान्वित किया है। जयंश्री खाडिलकर 1979 में भारत की पहली महिला इंटरनेशनल मास्टर (WIM) बनीं, जबकि सुब्बारमन विजयलक्ष्मी ने 2001 में देश की पहली महिला ग्रैंडमास्टर (WGM) का खिताब जीता।
इसके बाद कोनेरु हम्पी ने 2002 में भारत की पहली महिला ग्रैंडमास्टर (GM) बनकर नया इतिहास लिखा। उनके बाद द्रोणावली हरिका, वैशाली रमेशबाबू और दिव्या देशमुख जैसी खिलाड़ियों ने देश की पहचान और मजबूत की है।
तमिलनाडु बना भारत का “चेस कैपिटल”
अगर भारतीय चेस की बात करें तो तमिलनाडु को “भारत की चेस कैपिटल” कहना गलत नहीं होगा। विश्वनाथन आनंद से लेकर रमेशबाबू प्रज्ञानानंद, गुकेश और अब इलम्पार्थी तक, देश के सबसे अधिक ग्रैंडमास्टर इसी राज्य से हैं।
तमिलनाडु सरकार ने चेस को स्कूल स्तर से बढ़ावा दिया, जिससे कई बच्चे इस खेल से जुड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की।
युवा ग्रैंडमास्टर्स की नई पीढ़ी
2020 के बाद भारत में कई युवा ग्रैंडमास्टर्स उभरे हैं। डोम्माराजू गुकेश, रमेशबाबू प्रज्ञानानंद, निहाल सरीन, और एरिगैसी अर्जुन जैसे खिलाड़ी आज विश्व के टॉप 20 में जगह बना चुके हैं।
ये खिलाड़ी ना केवल भारत के लिए खेल रहे हैं, बल्कि वर्ल्ड चैंपियनशिप की दौड़ में भी शामिल हैं। उनके प्रदर्शन ने यह साबित किया है कि भारत अब सिर्फ उभरता हुआ देश नहीं, बल्कि एक चेस सुपरपावर बन चुका है।
महिला ग्रैंडमास्टर्स की नई लहर
वैशाली रमेशबाबू और दिव्या देशमुख जैसी युवा खिलाड़ी आज भारतीय महिला चेस का चेहरा बन चुकी हैं। वैशाली ने 2023 में ग्रैंडमास्टर बनकर अपने भाई प्रज्ञानानंद के साथ एक अद्भुत रिकॉर्ड बनाया। यह विश्व की पहली भाई-बहन की जोड़ी है, जिसने दोनों ने GM खिताब जीता। इसके अलावा, दिव्या देशमुख ने 2025 में GM बनकर भारतीय महिला चेस की ताकत को और बढ़ाया।
भारत के सभी ग्रैंडमास्टर्स की पूरी सूची (Full List of Indian Chess Grandmasters)
| क्रमांक | वर्ष | खिलाड़ी का नाम | राज्य |
|---|---|---|---|
| 1 | 1987 | विश्वनाथन आनंद | तमिलनाडु |
| 2 | 1991 | दिब्येंदु बरुआ | पश्चिम बंगाल |
| 3 | 1997 | प्रविण ठिप्से | महाराष्ट्र |
| 4 | 2000 | अभिजीत कुंटे | महाराष्ट्र |
| 5 | 2000 | के. शशिकिरण | तमिलनाडु |
| 6 | 2001 | पेंटाला हरिकृष्णा | आंध्र प्रदेश |
| 7 | 2002 | कोनेरु हम्पी | आंध्र प्रदेश |
| 8 | 2003 | सूर्य शेखर गांगुली | पश्चिम बंगाल |
| 9 | 2003 | संदीपन चंदा | पश्चिम बंगाल |
| 10 | 2004 | आर.बी. रमेश | तमिलनाडु |
| 11 | 2004 | तेजस बकरे | गुजरात |
| 12 | 2006 | पी. मगेष चंद्रन | तमिलनाडु |
| 13 | 2006 | दीपन चक्रवर्ती | तमिलनाडु |
| 14 | 2006 | नीलोत्पल दास | पश्चिम बंगाल |
| 15 | 2006 | परिमार्जन नेगी | दिल्ली |
| 16 | 2007 | जी.एन. गोपाल | केरल |
| 17 | 2008 | अभिजीत गुप्ता | राजस्थान |
| 18 | 2008 | एस. अरुण प्रसाद | तमिलनाडु |
| 19 | 2009 | एस. किदम्बी | तमिलनाडु |
| 20 | 2009 | आर.आर. लक्ष्मण | तमिलनाडु |
| 21 | 2010 | श्रीराम झा | दिल्ली |
| 22 | 2010 | दीप सेनगुप्ता | पश्चिम बंगाल |
| 23 | 2010 | बी. अधिबन | तमिलनाडु |
| 24 | 2011 | एस.पी. सेथुरमन | तमिलनाडु |
| 25 | 2011 | हरिका द्रोणावल्ली | आंध्र प्रदेश |
| 26 | 2012 | लालित बाबू एम.आर. | आंध्र प्रदेश |
| 27 | 2012 | वैभव सूरी | दिल्ली |
| 28 | 2012 | एम.आर. वेंकटेश | तमिलनाडु |
| 29 | 2012 | सहज ग्रोवर | दिल्ली |
| 30 | 2013 | विदित गुजराथी | महाराष्ट्र |
| 31 | 2013 | श्याम सुंदर एम | तमिलनाडु |
| 32 | 2013 | अक्षयराज कोरे | महाराष्ट्र |
| 33 | 2013 | विष्णु प्रसन्ना | तमिलनाडु |
| 34 | 2013 | देबाशीस दास | ओडिशा |
| 35 | 2013 | सप्तर्षि रॉय चौधरी | पश्चिम बंगाल |
| 36 | 2014 | अंकित राजपारा | गुजरात |
| 37 | 2015 | अरविंद चितंबरम | तमिलनाडु |
| 38 | 2015 | कार्तिकेयन मुरली | तमिलनाडु |
| 39 | 2015 | अश्विन जयराम | तमिलनाडु |
| 40 | 2015 | स्वप्निल एस. धोफाडे | महाराष्ट्र |
| 41 | 2015 | एस.एल. नारायणन | केरल |
| 42 | 2016 | शार्दुल गागरे | महाराष्ट्र |
| 43 | 2016 | दिप्तयान घोष | पश्चिम बंगाल |
| 44 | 2016 | प्रियदर्शन के | तमिलनाडु |
| 45 | 2017 | आर्यन चोपड़ा | दिल्ली |
| 46 | 2017 | श्रीनाथ नारायणन | तमिलनाडु |
| 47 | 2017 | हिमांशु शर्मा | हरियाणा |
| 48 | 2017 | अनुराग म्हामल | गोवा |
| 49 | 2017 | अभिमन्यु पुराणिक | महाराष्ट्र |
| 50 | 2017 | थेज कुमार एम.एस. | कर्नाटक |
| 51 | 2018 | सप्तर्षि रॉय | पश्चिम बंगाल |
| 52 | 2018 | रमेशबाबू प्रज्ञानानंद | तमिलनाडु |
| 53 | 2018 | निहाल सरीन | केरल |
| 54 | 2018 | एरिगैसी अर्जुन | तेलंगाना |
| 55 | 2018 | कार्तिक वेंकटारमन | तेलंगाना |
| 56 | 2018 | हर्षा भारतकोटी | तेलंगाना |
| 57 | 2018 | पी. कार्तिकेयन | तमिलनाडु |
| 58 | 2018 | स्टेनी जॉर्ज एंथनी | कर्नाटक |
| 59 | 2019 | विश्वक एन.आर. | तमिलनाडु |
| 60 | 2019 | डॉमराजू गुकेश | तमिलनाडु |
| 61 | 2019 | पनीरसेल्वम इनियन | तमिलनाडु |
| 62 | 2019 | स्वयम मिश्रा | ओडिशा |
| 63 | 2019 | गिरीश कौशिक | कर्नाटक |
| 64 | 2019 | पृथु गुप्ता | दिल्ली |
| 65 | 2019 | रौनक साधवानी | महाराष्ट्र |
| 66 | 2020 | आकाश गणेशन | तमिलनाडु |
| 67 | 2020 | लियोन मेंडोंका | गोवा |
| 68 | 2021 | अर्जुन कल्याण | तमिलनाडु |
| 69 | 2021 | हर्षित राजा | महाराष्ट्र |
| 70 | 2021 | राजा ऋत्विक | तेलंगाना |
| 71 | 2021 | संकल्प गुप्ता | महाराष्ट्र |
| 72 | 2021 | मित्रभा गुहा | पश्चिम बंगाल |
| 73 | 2022 | भारत सुब्रमण्यम | तमिलनाडु |
| 74 | 2022 | राहुल श्रीवत्सव पी | तेलंगाना |
| 75 | 2022 | वी. प्रनव | तमिलनाडु |
| 76 | 2022 | प्रणव आनंद | कर्नाटक |
| 77 | 2022 | आदित्य मित्तल | महाराष्ट्र |
| 78 | 2023 | कौस्तव चटर्जी | पश्चिम बंगाल |
| 79 | 2023 | प्रणेश एम | तमिलनाडु |
| 80 | 2023 | विग्नेश एन.आर. | तमिलनाडु |
| 81 | 2023 | सयंतन दास | पश्चिम बंगाल |
| 82 | 2023 | वुप्पला प्रणीथ | तेलंगाना |
| 83 | 2023 | आदित्य सामंत | महाराष्ट्र |
| 84 | 2023 | वैशाली रमेशबाबू | तमिलनाडु |
| 85 | 2024 | श्याम निखिल पी | तमिलनाडु |
| 86 | 2025 | श्रीहरी एल.आर. | तमिलनाडु |
| 87 | 2025 | हरिकृष्णन ए.रा | तमिलनाडु |
| 88 | 2025 | दिव्या देशमुख | महाराष्ट्र |
| 89 | 2025 | रोहित कृष्णा एस | तमिलनाडु |
| 90 | 2025 | इलम्पार्थी ए.आर. | तमिलनाडु |
FAQs
1. भारत के पहले चेस ग्रैंडमास्टर कौन थे?
भारत के पहले ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद थे, जिन्होंने 1988 में यह उपलब्धि हासिल की थी।
2. भारत में कुल कितने ग्रैंडमास्टर हैं?
अक्टूबर 2025 तक भारत में कुल 90 ग्रैंडमास्टर हैं, जिनमें चार महिला खिलाड़ी शामिल हैं।
3. भारत की पहली महिला ग्रैंडमास्टर कौन थीं?
भारत की पहली महिला ग्रैंडमास्टर कोनेरु हम्पी थीं, जिन्होंने 2002 में यह खिताब जीता।
4. भारत के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर कौन हैं?
डोम्माराजू गुकेश और रमेशबाबू प्रज्ञानानंद दोनों ने बेहद कम उम्र में ग्रैंडमास्टर बनकर रिकॉर्ड बनाया, और अब नई पीढ़ी में इलम्पार्थी ए.आर. (16 वर्ष) ने यह उपलब्धि दोहराई है।
5. भारत में सबसे ज्यादा ग्रैंडमास्टर किस राज्य से हैं?
भारत में सबसे ज्यादा ग्रैंडमास्टर तमिलनाडु से हैं, जहाँ से अब तक 30 से अधिक खिलाड़ी यह खिताब हासिल कर चुके हैं।
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