Michael Schumacher: जर्मनी के दिग्गज और फॉर्मूला-1 के महानतम ड्राइवरों में शुमार माइकल शूमाकर की जिंदगी में 12 साल बाद अब एक ऐसा मोड़ आया है जिसकी किसी ने भी कल्पना नहीं की थी। क्यूंकि अब सात बार के विश्व चैम्पियन ड्राइवर माइकल शूमाकर अब पूरी तरह बिस्तर पर ही आश्रित नहीं हैं। क्यूंकि एक रिपोर्ट के अनुसार अब वह व्हीलचेयर की सहायता से अपने घर में इधर-उधर जा सकते हैं। इसके अलावा वह लंबे समय तक सिर्फ मेडिकल रूम तक ही सीमित रहे थे।
लेकिन अब उनकी इस रिकवरी में यह बदलाव उनके डॉक्टरों, परिवार और दुनिया भर के उनके प्रशंसकों के लिए बड़ी राहत है। क्यूंकि 12 साल पहले एडवेंचर स्पोर्ट्स एक्टीविटीज के दौरान हुए एक भयानक एक्सीडेंट के चलते वह कोमा में चले गए थे। वहीं इसके बाद से ही शूमाकर की झलक उनके फैन्स को नहीं दिखी है। लेकिन अब वह धीरे-धीरे ही सही अपनी बीमारी से रिकवर कर रहे हैं।
गोपनीयता के बीच जारी थी उनकी जंग :-
इसके अलावा साल 2013 की स्कीइंग दुर्घटना के बाद शूमाकर की स्थिति हमेशा गोपनीय रखी गई थी। क्यूंकि इसके बाद से उनके परिवार ने मीडिया से दूरी बनाए रखी थी। ताकि उनका उपचार और मानसिक शांति प्रभावित न हो सके। लेकिन अभी हाल की एक रिपोर्ट्स के मुताबिक शूमाकर अब सीधा बैठ सकते हैं और सीमित रूप से इशारों या आंखों की प्रतिक्रिया के जरिए आसपास की चीजों को समझ सकते हैं।

इसके अलावा ब्रिटिश टेबलॉयड द डेली मेल ने दावा किया है कि शूमाकर की संज्ञानात्मक जागरूकता में कुछ सुधार देखने को मिला है। इस रिपोर्ट के अनुसार उनका संचार अत्यंत सीमित है, लेकिन वे अपने आसपास की दुनिया को आंशिक रूप से प्रोसेस कर पाते हैं।
उनकी पत्नी कोरिना शूमाकर ने निभाई बड़ी भूमिका :-
दिग्गज ड्रावर शूमाकर की रिकवरी की इस यात्रा में उनकी पत्नी कोरिना शूमाकर की भूमिका सबसे अहम रही है। क्यूंकि उन्होंने स्विट्जरलैंड और स्पेन स्थित अपने घरों में वर्ल्ड-क्लास मेडिकल सेटअप तैयार करवाया है। क्यूंकि इसमें 24 घंटे डॉक्टर, विशेषज्ञ नर्सें, फिजियोथेरपिस्ट और न्यूरोलॉजी एक्स्पर्ट मौजूद रहते हैं।

इसके अलावा कोरिना ने वर्षों से मीडिया से दूरी बनाए रखकर शूमाकर के डेटा और प्राइवेसी की भी कड़ी रक्षा की है। जबकि उनके करीबी एक सूत्र ने पहले कहा था कि, “कोरिना एक दीवार की तरह खड़ी हैं, और हर संभव प्रयास कर रही हैं कि माइकल को किसी भी कीमत पर सुरक्षित रखा जाए।”
पर्दे के पीछे की रिकवरी है काफी खास :-

इसके अलावा शूमाकर की यह रिकवरी प्रक्रिया सिर्फ मेडिकल नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक भी है। क्यूंकि इस बीच सभी विशेषज्ञ रोज कॉगनिटिव स्टीमुलेशन, न्यूरोलॉजिकल थेरेपी और मसल कंडीशनिंग कराते हैं। इससे कि शूमाकर का शरीर और मस्तिष्क सक्रिय रह सकें। इस बीच उनका परिवार भी मीडिया एक्सपोजर से बचता है, जिससे उनके ऊपर अनावश्यक दबाव न बढ़ पाए।
माइकल शूमाकर की उपलब्धियां :-

माइकल शूमाकर फॉर्मूला-1 (F1) इतिहास के सबसे महान और सफल रेसिंग ड्राइवरों में से एक रहे हैं। क्यूंकि उन्होंने 7 बार वर्ल्ड चैम्पियनशिप रेस जीती है। लेकिन अभी हालिया खबरों के अनुसार साल 2013 की दुर्घटना के 12 साल बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार के संकेत मिले हैं। क्यूंकि अब वह बिस्तर से उठकर व्हीलचेयर पर बैठने और आसपास की चीजों को समझने में धीरे-धीरे रिकवर कर रहे हैं।
माइकल शूमाकर का जीवन परिचय :-

माइकल शूमाकर का जन्म 3 जनवरी 1969 को पश्चिमी जर्मनी के हर्थ शहर , उत्तरी राइन-वेस्टफेलिया में एक श्रमिक वर्ग परिवार में हुआ था। उनके पिता रोल्फ एक ईंट बनाने वाले थे। जिन्होंने बाद में स्थानीय कार्ट ट्रैक चलाया था। जबकि उनकी माता एलिजाबेथ ने ट्रैक की कैंटीन चलाई थी।
माइकल शूमाकर के बारे में मुख्य बातें इस प्रकार हैं :-
परिचय : जर्मन रेसर, 1991-2012 के बीच F1 के दिग्गजों में से एक।
रिकॉर्ड : 7 विश्व चैंपियनशिप खिताब और 91 ग्रैंड प्रिक्स जीत के साथ उन्होंने रिकॉर्ड स्थापित किए।
टीम : विशेष रूप से फेरारी के लिए बेहतरीन प्रदर्शन (2000-2004 के बीच लगातार खिताब) के लिए जाने जाते हैं।
दुर्घटना (2013) : दिसंबर 2013 में स्कीइंग करते समय सिर में गंभीर चोट लगने के बाद कोमा में चले गए थे।
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