Thursday, March 19

Asian Athletics: भारतीय एथलीट गुलवीर सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीत लिया है। भारत के नेशनल रिकॉर्ड धारक गुलवीर ने 13:24.77 सेकेंड का समय लेते हुए अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीत लिया है। इस बार उन्होंने थाईलैंड के कीरेन तुंटिवेट को पछाड़ दिया है। क्यूंकि तुंटिवेट ने 13:24.97 सेकेंड का समय लिया था। जबकि जापान के नागिया मोरी 13:25.06 सेकेंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे है।

गुलवीर सिंह ने जीता दूसरा स्वर्ण पदक :-

भारत के स्टार एथलीट गुलवीर सिंह ने काफी शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीत लिया है। इस बार उन्होंने पुरुष 5000 मीटर फाइनल में एक दशक पुराना टूर्नामेंट का रिकॉर्ड तोड़कर पहला स्थान हासिल किया है। इसके अलावा भारत को ऊंची कूद में पूजा ने स्वर्ण पदक दिला दिया है। क्यूंकि इस 18 साल की भारतीय खिलाड़ी ने अपने अंतिम से पहले प्रयास में 1.89 मीटर की छलांग लगाकर उज्बेकिस्तान की सफीना सादुल्लाएवा (1.86 मीटर) को पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता।

Gulveer Singh
Gulveer Singh

इस बार भारत के नेशनल रिकॉर्ड धारक गुलवीर ने 13:24.77 सेकेंड का समय लेते हुए अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीत लिया है। इस बार उन्होंने थाईलैंड के कीरेन तुंटिवेट को पछाड़ दिया है। क्यूंकि तुंटिवेट ने 13:24.97 सेकेंड का समय लिया था। जबकि जापान के नागिया मोरी 13:25.06 सेकेंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे है। वहीं इससे पहले इस टूर्नामेंट में इस स्पर्धा का पिछला रिकॉर्ड कतर के मोहम्मद अल गार्नी के नाम था। जिन्होंने साल 2015 के सीजन में 13:34.47 सेकेंड का समय लिया था।

गुलवीर ने दो वर्ग में जीते स्वर्ण पदक :-

एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप गुलवीर के लिए यह जीत दोहरी खुशी जैसी है, क्योंकि उन्होंने इस टूर्नामेंट के शुरुआती दिन 10000 मीटर में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। तब उन्होंने 10000 मीटर में 28:38.63 सेकेंड का समय लिया था।

Gulveer Singh
image source via getty images

इसके चलते हुए अब गुलवीर अपने इस प्रदर्शन के दम पर उन भारतीय एथलीटों की एलीट सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुष 5000 मीटर वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है। इस मामले में उनसे पहले गोपाल सैनी (1981), बहादुर प्रसाद (1993) और जी. लक्ष्मण (2017) ऐसा कर चुके हैं। इससे पहले उन्होंने साल 2023 में भी यहां पर कांस्य पदक जीता था।

स्वर्ण का बचाव नहीं कर पाई पारुल :-

इसके अलावा महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में इस बार भारत को निराशा हाथ लगी है। क्यूंकि मौजूदा चैंपियन पारुल चौधरी अपने स्वर्ण पदक का बचाव नहीं कर सकीं है। इस बार उन्होंने 9:12.46 सेकेंड का समय लिया। जिसके चलते हुए उनको इस बार रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।

Parul Chaudhary
Parul Chaudhary

इस बार उनको कजाखस्तान की नोरा जेरुतु तानुई ने हराया है। जिन्होंने 9:10.46 सेकेंड का समय लिया था। जबकि इस बार कजाखस्तान की डेजी जेपकेमेई ने 9:27.51 सेकेंड के साथ कांस्य पदक जीता है। इसके चलते हुए अब इस प्रतियोगिता में भारत के पदकों की संख्या 17 (सात स्वर्ण, सात रजत और तीन कांस्य) हो गई है।

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Sports Content Writer लाखन सैनी (Lakhan Saini) एक स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं, जो खेलों की दुनिया की बारीकियों को समझने और उसे सरल, सटीक और प्रभावशाली अंदाज में लिखने के लिए जाने जाते हैं। वे क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और अन्य खेलों की ख़बरें लिखने में महारत रखते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य पाठकों को ताजा और सटीक जानकारियों के साथ अपडेट रखना है।

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