विश्वनाथन आनंद भारत के पहले ग्रैंडमास्टर और पाँच बार विश्व चैंपियन हैं। हम्पी कोनेरू भारत की पहली महिला ग्रैंडमास्टर और दो बार रैपिड चैंपियन हैं। रमेशबाबू, हरिकृष्णा और हरिका ने भी कई अंतरराष्ट्रीय खिताब और पदक जीते। ये पांचों भारत के शतरंज इतिहास के सबसे महान खिलाड़ी हैं।
इन पांच चेस खिलाड़ियों के बारे में जानते हैं
1. विश्वनाथन आनंद
विश्वनाथन आनंद का जन्म 11 दिसंबर 1969 को हुआ। वे भारत के पहले शतरंज(chess) ग्रैंडमास्टर हैं। आनंद पाँच बार के विश्व शतरंज चैंपियन, दो बार के विश्व रैपिड शतरंज चैंपियन, दो बार के शतरंज विश्व कप चैंपियन, विश्व ब्लिट्ज़ शतरंज कप चैंपियन और छह बार के शतरंज ऑस्कर विजेता हैं। 1988 में भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बने और उनकी FIDE रेटिंग अब तक की आठवीं सबसे ऊँची है। उन्होंने एलेक्सी शिरोव, व्लादिमीर क्रैमनिक और वेसलिन टोपालोव जैसे बड़े खिलाड़ियों को हराया। 2006 में वे 2800 रेटिंग पार करने वाले चौथे खिलाड़ी बने। आनंद को खेल रत्न और पद्म विभूषण जैसे पुरस्कार भी मिले। वे आज भी शतरंज की दुनिया के महान खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।
2.हम्पी कोनेरू
हम्पी कोनेरू का जन्म 31 मार्च 1987 में हुआ। वे भारत की प्रसिद्ध शतरंज ग्रैंडमास्टर हैं, महिला विश्व शतरंज चैंपियनशिप में उपविजेता रह चुकी हैं। हम्पी दो बार महिला विश्व रैपिड शतरंज चैंपियन बनीं हैं। 2002 में, 15 साल की उम्र में उन्होंने ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया था और भारत की पहली महिला ग्रैंडमास्टर बनीं। उन्होंने ओलंपियाड, एशियाई खेल और एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते। 2007 में वे जुडिट पोल्गार के बाद 2600 रेटिंग पार करने वाली दूसरी महिला खिलाड़ी बनीं। हम्पी ने 2019 और 2024 में महिला विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप भी जीती।
3. रमेशबाबू प्रज्ञानंद
रमेशबाबू प्रज्ञानंद का जन्म 10 अगस्त 2005 को हुआ। वे भारत के प्रसिद्ध शतरंज खिलाड़ी हैं। प्रज्ञानंद 2023 शतरंज विश्व कप में दूसरे स्थान पर रहे और विश्वनाथन आनंद के बाद टाटा स्टील शतरंज टूर्नामेंट जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी बने। उन्होंने 2022 एशियाई खेलों में पुरुष टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल और 2024 में शतरंज ओलंपियाड में ओपन क्लास में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। जून 2025 में, उन्होंने ई-स्पोर्ट्स क्लब टीम लिक्विड के साथ अनुबंध भी किया हुआ था।
4. पेंटाला हरिकृष्णा
पेंटाला हरिकृष्णा का जन्म 10 मई 1986 को हुआ। वे भारत के प्रमुख शतरंज ग्रैंडमास्टर हैं। 2001 में, वे सबसे कम उम्र में ग्रैंडमास्टर बने। हरिकृष्णा ने 2001 में कॉमनवेल्थ चैंपियन, 2004 में विश्व जूनियर चैंपियन और 2011 में एशियाई व्यक्तिगत चैंपियन का खिताब जीता। उन्होंने टाटा स्टील ग्रुप बी (2012) और बील एमटीओ मास्टर्स (2013) जीते। हरिकृष्णा ने कई शतरंज ओलंपियाड में भारत का प्रतिनिधित्व किया और विश्व टीम चैंपियनशिप में ब्रोंज़ मेडल भी जीता है । 2013 में वे 2700 एलो रेटिंग पार करने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी बने।
5. हरिका द्रोणावल्ली
हरिका द्रोणावल्ली का जन्म 12 जनवरी 1991 को हुआ। वे भारत की प्रमुख शतरंज ग्रैंडमास्टर हैं। हरिका ने 2024 के शतरंज ओलंपियाड में गोल्ड मेडल जीतने वाली महिला टीम का हिस्सा रही। उन्होंने 2012, 2015 और 2017 में महिला विश्व शतरंज चैंपियनशिप में तीन बार ब्रोंज़ मेडल जीते। हरिका को 2007-08 में अर्जुन पुरस्कार और 2019 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। 2016 में, उन्होंने चीन के चेंगदू में आयोजित FIDE महिला ग्रां प्री प्रतियोगिता जीती और FIDE महिला रैंकिंग में वर्ल्ड में 11वें स्थान से 5वें स्थान पर पहुँच गईं। 2019 में, उन्हें खेल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।







