Youth Asian Games: भारतीय भारोत्तोलक प्रीतिस्मिता भोई ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई यूथ खेलों में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीत लिया है। इसके अलावा अगर उनकी स्नैच की दो लिफ्ट विफल नहीं हुई होतीं तो उनका कुल वजन और ज्यादा होता। इस प्रतियोगिता में वह स्नैच में पहली ही लिफ्ट में सफल हो सकीं थी। इसके बाद उन्होंने इसकी भरपाई क्लीन एंड जर्क में पूरी कर ली थी। क्यूंकि उन्होंने इसमें 87, 90 और 92 की तीन लिफ्ट उठाईं थी।
प्रीतिस्मिता भोई ने बनाया विश्व रिकॉर्ड :-

भारत के उड़ीसा राज्य की भारोत्तोलक प्रीतिस्मिता भोई ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई यूथ खेलों में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीत लिया है। इसके चलते हुए उन्होंने अब इन खेलों में अपने देश को तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया है। वहीं इस बार उन्होंने 44 किलो भार वर्ग में कुल 158 किलो वजन उठाते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किया है।इस प्रतियोगिता में उन्होंने स्नैच में 66 और और क्लीन एंड जर्क में 92 किलो वजन उठाया था।

इसके अलावा राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रीतिस्मिता भोई ने कुल 150 किलो वजन उठाया था। इसके अलावा अगर प्रीतिस्मिता की स्नैच की दो लिफ्ट विफल नहीं हुई होतीं तो उनका कुल वजन और ज्यादा होता। इस बार वह स्नैच में पहली ही लिफ्ट में सफल हो पाईं थी। इसके बाद उन्होंने इसकी भरपाई क्लीन एंड जर्क में पूरी कर ली थी, क्यूंकि इसमें उन्होंने 87, 90 और 92 की तीन लिफ्ट उठाईं थी।
पिता को जल्दी खोया, मां ने दिया साथ :-
इसके अलावा जब प्रीतिस्मिता केवल दो ही वर्ष की थी, तब उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनका और उनकी बड़ी बहन का लालन-पालन उनकी मां ने ही किया था। इसके बाद से ही ये दोनों बहने एथलेटिक्स करती थीं। इसके बाद वेटलिफ्टिंग कोच गोपाल दास ने इन दोनों को मां से वेटलिफ्टिंग में उतारने का अनुरोध किया था।

लेकिन उनकी माँ तैयार नहीं थीं, लेकिन कोच के समझाने पर वह राजी हो गईं। इसके बाद बीते वर्ष प्रीतिस्मिता 40 भार वर्ग में विश्व यूथ चैंपियनशिप में भी स्वर्ण जीत चुकी हैं। वहीं अब वह मोदीनगर में भारतीय टीम के मुख्य प्रशिक्षक विजय शर्मा के संरक्षण में तैयारियां कर रहीं हैं।
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