Deaflympics 2025: टोक्यो में चल रहे डेफलिंपिक्स में भारत के युवा निशानेबाज धनुष श्रीकांत ने पुरुष 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया है। इसके अलावा उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में 630.6 अंक बनाकर डेफलिंपिक्स रिकॉर्ड भी बनाया था। जबकि भारत के ही खिलाड़ी मुर्तजा 626.3 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे हैं। इस बार फाइनल में धनुष ने न सिर्फ डेफलिंपिक्स रिकॉर्ड तोड़ा बल्कि डेफ फाइनल वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है।
भारत ने की डेफलिंपिक्स में शानदार शुरुआत :-

टोक्यो में चल रहे डेफलिंपिक्स में भारत के युवा निशानेबाज धनुष श्रीकांत ने पुरुष 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर भारत का पदक का खाता भी खोल दिया है। वहीं इस बार भारत के निशानेबाज धनुष ने फाइनल में 252.2 अंक बनाते हुए डेफ फाइनल वर्ल्ड रिकॉर्ड भी स्थापित किया है। इसके अलावा भारत के ही मोहम्मद मुर्तजा वानिया ने 250.1 अंक के साथ रजत पदक जीता है। जबकि दक्षिण कोरिया के बैक स्यूंघाक ने 223.6 अंक के साथ कांस्य पदक जीता है।
क्वालिफिकेशन में भी धनुष ने बनाया रिकॉर्ड :-

इसके अलावा भारत के निशानेबाज धनुष ने क्वालिफिकेशन राउंड में 630.6 अंक बनाकर डेफलिंपिक्स रिकॉर्ड कायम किया है। जबकि भारत के ही मुर्तजा 626.3 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे हैं। इसके बाद फाइनल में धनुष ने न सिर्फ डेफलिंपिक्स रिकॉर्ड तोड़ा है बल्कि डेफ फाइनल वर्ल्ड रिकॉर्ड भी तोड़कर अपने नाम कर लिया है। वहीं यह उनके करियर का दूसरा पुरुष 10 मीटर एयर राइफल डेफलिंपिक्स स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने साल 2022 के कैक्सियास डू सुल डेफलिंपिक्स में व्यक्तिगत और मिक्स्ड टीम दोनों में स्वर्ण जीते थे।
मिश्रित टीम में नजरें चौथे स्वर्ण पर :-

इसके अलावा भारत के स्टार निशानेबाज धनुष अब आज सोमवार को महित संधू के साथ मिलकर 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम इवेंट में भी उतरने वाले हैं। यहां पर उनका लक्ष्य अपने करियर का चौथा डेफलिंपिक्स स्वर्ण हासिल करने पर लगी होगी।
महिला वर्ग में महित संधू को मिला रजत :-

इसके अलावा महिला 10 मीटर एयर राइफल में भारत की महित संधू ने कुल 250.5 अंक के साथ रजत पदक जीत लिया है। जबकि भारत की ही कोमल वाघमारे ने कुल 228.3 अंक के साथ कांस्य पदक जीता है। इसके अलावा यूक्रेन की लिडकोवा वायोलेटा ने 252.4 अंक के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक जीता है।
जीत के बाद धनुष की मां का आया बयान :-
स्वर्ण पदक जीतने के बाद धनुष की मां आशा श्रीकांत ने कहा है कि, “धनुष कल काफी आत्मविश्वास में था।उसकी रैंकिंग पिछले साल से थोड़ी उतार-चढ़ाव में थी, लेकिन यह प्रदर्शन उसके लिए बहुत प्रेरणादायक है।” इसके बाद उन्होंने बताया कि धनुष पहले राष्ट्रीय स्तर पर नंबर-1 पर भी पहुंच चुके हैं। इसके अलावा बचपन से श्रवण बाधित धनुष की दो बार कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी हुई थी, पहली एक साल की उम्र में और दूसरी नौ साल की उम्र में। इसके बाद उन्होंने कहा कि, “वह मशीन के सहारे सुनता है। वह कुछ ही शब्द बोल पाता है और ज्यादातर इशारों के जरिए समझाता है।”
स्पोर्ट्स से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi के साथ जुड़े रहें और हमें यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, और ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।







