International Olympic Committee: IOC ने एक बार फिर से भारतीय ओलंपिक संघ की फंडिंग शुरू कर दी है। इस बीच आईओसी के निदेशक जेम्स मैकलियोड ने पीटी उषा को लिखे पत्र में कहा कि था कि आईओए ने हाल के हफ्तों में जो सुधारात्मक कदम उठाए हैं, उनसे पारदर्शिता और एकता का माहौल बना है। इसी के चलते हुए आईओसी ने भारत के लिए फिर से फंडिंग बहाल करने का फैसला लिया है।
भारतीय ओलंपिक संघ की फंडिंग फिर से हुई शुरू :-
भारतीय ओलंपिक संघ के अंदरूनी विवाद और प्रशासनिक अड़चनें दूर होने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने एक बड़ा फैसला लिया है। इस बीच अब आईओसी ने ओलंपिक सॉलिडेरिटी प्रोग्राम के तहत आईओए को दिया जाने वाला वित्त पोषण दोबारा से शुरू करने की घोषणा भी कर दी है। क्यूंकि पिछले साल यह फंडिंग आईओसी द्वारा रोक दी गई थी।

क्यूंकि उस समय आईओए में सीईओ रघुराम अय्यर की नियुक्ति को लेकर खींचतान चल रही थी। लेकिन भारतीय केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के हस्तक्षेप के बाद आईओए अध्यक्ष पीटी उषा और कार्यकारी परिषद के असंतुष्ट सदस्यों के बीच अब समझौता हो गया है। इसके चलते हुए बीती 24 जुलाई को अय्यर की नियुक्ति को औपचारिक मंजूरी दी गई और 13 अगस्त को आयोजित आम सभा में लंबित रिपोर्टें और वित्तीय ऑडिट भी पास किए गए थे।

इस बीच अब आईओसी के निदेशक जेम्स मैकलियोड ने पीटी उषा को लिखे पत्र में कहा है कि आईओए ने हाल के हफ्तों में जो सुधारात्मक कदम उठाए हैं, उनसे पारदर्शिता और एकता का माहौल बना है। इसके चलते हुए अब आईओसी ने भारत के लिए फंडिंग को दोबारा से बहाल कएने का फैसला कर लिया है। इसके अलावा मैकलियोड ने यह भी उम्मीद जताई है कि भारत में प्रस्तावित राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम खेल संगठनों में सुशासन को और मजबूत करेगा और ओलंपिक चार्टर की भावना को आगे बढ़ाएगा।

इसके चलते हुए अब आईओसी का यह कदम न केवल आईओए के लिए बड़ी राहत है, बल्कि उन खिलाड़ियों के लिए भी उत्साहजनक है जिनके विकास कार्यक्रमों पर पिछले एक साल से रोक लगी हुई थी। वहीं अब फंडिंग के बहाल हो जाने के बाद उनके प्रशिक्षण और संसाधनों की उपलब्धता बेहतर हो जाने की उम्मीद है।
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