Jaskaran Singh: भारतीय पहलवान जसकरण सिंह की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं क्योंकि उन पर लगाए गए प्रतिबंध की अवधि में बढ़ोतरी की जा सकती है। क्यूंकि उन्होंने अब नाडा की शर्तों का उल्लंघन करते हुए टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है। लेकिन अब उनका यह दाव उनपर भारी पद सकता है। इसके चलते हुए अब उनपर लगाए गए प्रतिबंध की अवधि को और बढ़ाया जा सकता है।
पहलवान जसकरण सिंह ने किया शर्तों का उल्लंघन :-

भारतीय पहलवान जसकरण सिंह की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं। क्यूंकि अब उन पर लगाए गए प्रतिबंध की अवधि में बढ़ोतरी की जा सकती है। भारतीय पहलवान पर तीन साल का प्रतिबंध लगा था। लेकिन अब इसकी अवधि बढ़ सकती है। क्यूंकि इस बात का कारण यह है कि उन्होंने अयोग्यता अवधि के दौरान ईरान में एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लिया था। इसके चलते हुए अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी उनसे काफी नाराज है।
जाने क्यों लगा था जसकरण पर प्रतिबंध :-
आईटीए यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग की ओर से डोपिंग विरोधी कार्यक्रमों का प्रबंधन करता है। इसके चलते हुए अब उन्होंने जसकरण को यूडब्ल्यूडब्ल्यू के डोपिंग विरोधी नियमों के अनुच्छेद 10.14.1 के स्पष्ट उल्लंघन के लिए एक औपचारिक नोटिस जारी किया है। वहीं इस नियम के अनुसार कोई भी खिलाड़ी प्रतिबंध की अवधि के दौरान किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकता है।

इसके अलावा भारतीय पहलवान जसकरण पर अभी 19 जुलाई 2023 से लेकर 18 जुलाई 2026 तक प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं इस भारतीय पहलवान पर यह प्रतिबंध जॉर्डन में यूडब्ल्यूडब्ल्यू एशियाई चैंपियनशिप (अंडर20) के दौरान प्रतिबंधित पदार्थ लिगैंड्रोल के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद लगाया गया था। इसके अलावा भारतीय पहलवान जसकरण ने पिछले साल अप्रैल में यह प्रतिबंध स्वीकार किया था।

लेकिन आईटीए के अनुसार प्रतिबंध से संबंधित फैसला जारी होने के ठीक दो सप्ताह बाद भारतीय पहलवान जसकरण ने आठ और नौ मई 2025 को ईरान के इस्फहान में तख्ती कप 2025 में भाग लिया था। तब उन्होंने इस टूर्नामेंट में पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं इस टूर्नामेंट को ईरान के कुश्ती महासंघ से मंजूरी मिली थी। इसके अलावा ईरान का कुश्ती महासंघ यूडब्ल्यूडब्ल्यू का सदस्य है।
जसकरण को 16 जनवरी तक देना होगा जवाब :-
इसके अलावा अब आईटीए ने कहा है कि आधिकारिक परिणामों और ऑनलाइन पोस्ट किए गए फाइनल के वीडियो फुटेज सहित सार्वजनिक रूप से उपलब्ध साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि पहलवान ने अपनी अयोग्यता की शर्तों का उल्लंघन करते हुए प्रतिस्पर्धा में भाग लिया है। जबकि नियमों के अनुसार कोई भी अयोग्य खिलाड़ी अपने राष्ट्रीय महासंघ या उस राष्ट्रीय महासंघ के सदस्य क्लब द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविर, प्रदर्शनी या अभ्यास में भाग नहीं ले सकता है।

इसके अलावा वह किसी ऐसे क्लब के टूर्नामेंट में भी भाग नहीं ले सकते हैं जिसे किसी सरकारी एजेंसी से वित्तीय लाभ मिल रहा हो। वहीं अब यूडब्ल्यूडब्ल्यू के नियमों के अनुसार प्रतिबंध के दौरान किसी प्रतियोगिता में भाग लेने पर खिलाड़ी को उतनी ही अवधि का और प्रतिबंध झेलना पड़ सकता है जितनी अवधि का प्रबंध उस पर अभी लगाया गया है। लेकिन अब आईटीए ने भारतीय पहलवान जसकरण को लिखित जवाब देने के लिए 16 जनवरी तक का समय दिया है।
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