Saturday, June 20

Mirabai Chanu: टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने कहा है कि एशियाई खेलों में पदक जीतना इस साल उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है। क्यूंकि पिछले काफी समय से मीराबाई चानू भारतीय भारोत्तोलन का असल चेहरा रही हैं। इस दौरान उनके शानदार करियर में एशियाई खेलों का पदक ही एकमात्र ऐसी उपलब्धि है जो अभी तक उनके खाते में नहीं आया है। इसके अलावा उनके पास टोक्यो ओलंपिक का रजत, विश्व चैंपियनशिप के तीन पदक और राष्ट्रमंडल खेलों में भी तीन पदक शामिल हैं।

एशियाई खेलों को लेकर मीराबाई चानू का आया बयान :-

भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने अब यहां खेलो इंडिया जनजातीय खेलों के उद्घाटन समारोह के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा है कि, “इस बार एशियाई खेल मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत महत्वपूर्ण हैं। क्योंकि अभी तक इन खेलों में मेरा काम पूरा नहीं हुआ है। इसके अलावा एशियाई खेलों में प्रतिस्पर्धा का स्तर बहुत ऊंचा होता है। इसके चलते हुए यह और भी चुनौतीपूर्ण और रोमांचक बन जाता है।”

Mirabai Chanu
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इसके अलावा इन एशियाई खेलों में चानू का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। क्यूंकि उन्होंने साल 2014 के एशियाई खेलों में पदार्पण करते हुए नौवां स्थान हासिल किया था। इसके अलावा अपनी पीठ की चोट के चलते हुए उनको साल 2018 के संस्करण से बाहर होना पड़ा था। जबकि साल 2022 के एशियाई खेलों में वह पदक के सबसे करीब पहुंची थीं। लेकिन उस समय कूल्हे की चोट के कारण अहम समय पर उनका अभियान प्रभावित हुआ था। क्यूंकि तब वह मामूली अंतर से पदक जीतने से चूक गई थी।

Mirabai Chanu
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इसके चलते हुए अब 31 वर्षीय भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू महाद्वीपीय प्रतियोगिता में संभवतः अपने अंतिम प्रयास की तैयारी कर रही हैं। वहीं अब उनका लक्ष्य अपने शानदार करियर में इन खेलों में इस एकमात्र कमी को पूरा करना है। इसके अलावा इसी साल जुलाई-अगस्त में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों और 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों के बीच वजन संतुलन बनाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती भी है।

Mirabai Chanu
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इस बार वह इन कॉमनवेल्थ खेलों में 48 किग्रा वर्ग में हिस्सा लेने वाली हैं। जबकि एशियाई खेलों के लिए वह फिर से 49 किग्रा वर्ग में वापसी करेंगी। इस बीच अब उन्होंने कहा है कि, “मैं राष्ट्रमंडल खेलों तक अपना वजन 48 किग्रा के भीतर रखूंगी। लेकिन इसके दो महीने बाद ही एशियाई खेल हैं जो 49 किग्रा वर्ग में हैं। इसलिए मुझे फिर से अपने वजन में बदलाब करना होगा।” इसके अलावा उन्होंने खेलो इंडिया जनजातीय खेलों की शुरुआत की सराहना करते हुए इसे दूरदराज के इलाकों के खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण मंच भी बताया है।

Mirabai Chanu
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इसके आगे उन्होंने कहा कि, “एक खिलाड़ी के तौर पर अब मेरे लिए यह गर्व का क्षण है कि अब सरकार केआईटीजी जैसी पहल को प्राथमिकता दे रही है। क्यूंकि यह प्रतियोगिता दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच भी देगी। इसके अलावा मैंने देशभर में, खासकर पूर्वोत्तर और अन्य जनजातीय क्षेत्रों में ऐसे कई उदाहरण देखे हैं, जहां प्रतिभा तो है लेकिन ऐसे मंचों की कमी के कारण वह निखर नहीं पाती है।”

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Sports Content Writer लाखन सैनी (Lakhan Saini) एक स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं, जो खेलों की दुनिया की बारीकियों को समझने और उसे सरल, सटीक और प्रभावशाली अंदाज में लिखने के लिए जाने जाते हैं। वे क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और अन्य खेलों की ख़बरें लिखने में महारत रखते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य पाठकों को ताजा और सटीक जानकारियों के साथ अपडेट रखना है।

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