Thursday, June 18

Norway Chess: नॉर्वे चेस टूर्नामेंट 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंद ने एक और यादगार उपलब्धि हासिल कर ली है। क्यूंकि इस बीच अब उन्होंने मेजबान देश के स्टार खिलाड़ी और विश्व नंबर-1 मैग्नस कार्लसन को क्लासिकल मुकाबले में हराकर इतिहास रच दिया है। इसक अलावा अब यह इसी टूर्नामेंट में कार्लसन के खिलाफ उनकी दूसरी क्लासिकल जीत भी रही है।

वहीं अब अपनी इस खास पलब्धि के साथ प्रज्ञानंद एक ही नॉर्वे चेस संस्करण में कार्लसन को दो बार क्लासिकल फॉर्मेट में हराने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी भी बन गए हैं। इसके अलावा अब वह इस साल विश्व नंबर-1 खिलाड़ी कार्लसन को क्लासिकल मुकाबलों में दो बार हराने वाले पहले खिलाड़ी भी बने हैं।

हार के बाद कार्लसन के चेहरे पर दिखी निराशा :-

इस मैच के समाप्त दिग्गज चेस खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन के चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दे रही थी। इसके बाद उन्होंने भारतीय खिलाड़ी प्रज्ञानंद से हाथ मिलाया और अपना सिर हिलाते हुए अपनी हताशा जाहिर की।

R Praggnanandhaa
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इसके कुछ ही देर बाद वह खेल क्षेत्र से बाहर चले गए थे। इस बीच अब कार्लसन के लिए यह हार केवल एक मैच गंवाने वाली नहीं थी। क्यूंकि उनकी यह हार अब उनके आठवें नॉर्वे चेस खिताब के सपने को भी बड़ा झटका देने वाली साबित हो सकती है।

नार्वे चेस खिताब की दौड़ हुई रोमांचक :-

इसके अलावा अब इस जीत के साथ आर प्रज्ञानंद 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। इसके चलते हुए अब वह इस टूर्नामेंट को जीतने की दौड़ में मजबूती से बने हुए है। जबकि दूसरी तरफ अभी तक इस टूर्नामेंट में कार्लसन का अभियान काफी उतार- चढाव वाला रहा है। क्यूंकि अभी तक उनको चार क्लासिकल मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। इनमें से उनकी दो हार प्रज्ञानंद के खिलाफ आई हैं।

R Praggnanandhaa
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इसके अलावा इस टूर्नामेंट में अभी अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो 14 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं। क्यूंकि अब उन्होंने जर्मनी के विंसेंट कीमर को आर्मागेडन टाईब्रेक में हराकर अपनी बढ़त को और भी मजबूत कर लिया है। जबकि फ्रांस के चेस खिलाड़ी अलीरेजा फिरूजा ने मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश को क्लासिकल मुकाबले में हराकर 13 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल कर लिया है।

हार के बाद गुकेश की उम्मीदों को लगा झटका :-

D Gukesh
D Gukesh

इसके अलावा मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश को इस टूर्नामेंट में अपनी तीसरी क्लासिकल हार झेलनी पड़ी है। इसके चलते हुए अब आठ अंकों पर मौजूद गुकेश के लिए इस टूर्नामेंट को जीतना लगभग असंभव हो गया है। इसके अलावा अब यदि वह अपने बचे हुए दोनों क्लासिकल मुकाबले जीत भी लेते हैं तब भी उनके अधिकतम 14 अंक ही हो पाएंगे।

अंतिम दौरों पर टिकी है सभी की निगाहें :-

R Praggnanandhaa
image source via getty images

इसके अलावा अब इस टूर्नामेंट के दो दौर ही शेष बचे हैं। वहीं इस टूर्नामेंट में अभी भी प्रज्ञानंद का सपना पूरी तरह जीवित है। क्यूंकि अब दिग्गज चेस खिलाड़ी कार्लसन को उनके घरेलू मैदान पर दो बार हराकर भारतीय युवा सितारे प्रज्ञानंद ने यह साबित कर दिया है कि वह विश्व शतरंज के सबसे बड़े मंच पर किसी भी खिलाड़ी को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। वहीं अब इस टूर्नामेंट के आने वाले मैच न केवल खिताब का फैसला करेंगे, बल्कि यह भी तय करेंगे कि क्या प्रज्ञानंद नॉर्वे चेस जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन सकते हैं।

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Sports Content Writer लाखन सैनी (Lakhan Saini) एक स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं, जो खेलों की दुनिया की बारीकियों को समझने और उसे सरल, सटीक और प्रभावशाली अंदाज में लिखने के लिए जाने जाते हैं। वे क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और अन्य खेलों की ख़बरें लिखने में महारत रखते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य पाठकों को ताजा और सटीक जानकारियों के साथ अपडेट रखना है।

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