Saturday, March 7

तमिलनाडु के युवा तेज गेंदबाज दीपेश देवेंद्रन को भारत के उभरते हुए तेज गेंदबाजों में से एक माना जाता है। दाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने अपनी पेस और सीम से अंडर-19 क्रिकेट में खास पहचान बनाई है।

दीपेश ने कम उम्र में ही अंडर-16 और अंडर-19 टीम तक का सफर तय कर लिया है। वह एक बार फिर से सुर्खियों में हैं, क्योंकि अंडर-19 वर्ल्ड कप में वह शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। तो चलिए जानते हैं कि कौन हैं 18 वर्षीय दीपेश देवेंद्रन?

व्यक्तिगत जानकारी (Personal Information)

Deepesh Devendran Biography Age Height Teams Stats And Career Timeline
Deepesh Devendran Biography Age Height Teams Stats And Career Timeline

पूरा नाम: दीपेश देवेंद्रन

जन्म: 4 जनवरी 2008 (तमिलनाडु, इंडिया)

उम्र: 18 वर्ष

बैटिंग स्टाइल: राइट-हैंड बैट

बॉलिंग स्टाइल: राइट आर्म मीडियम

भूमिका: तेज गेंदबाज

हाइट: 6 फीट 1 इंच

टीमें: इंडिया अंडर-19, तमिलनाडु, सीएचएम मदुरै पैंथर्स

हाई पेस के साथ गेंदबाजी करते हैं दीपेश

दीपेश लगभग छह फुट लंबे तेज गेंदबाज हैं और अपनी लंबाई की वजह से उन्हें अतिरिक्त उछाल मिलता है। इसका असर यूएई में खेले गए अंडर-19 एशिया कप में साफ देखने को मिला, जहां उन्होंने 5 मैचों में 14 विकेट लिए। इस दौरान उनका औसत 11.92 और इकॉनमी रेट 4.77 रहा और वे टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाज बने।

दीपेश की खास बात यह है कि वे सिर्फ तेज ही नहीं, बल्कि समझदारी से गेंदबाजी भी करते हैं। उन्हें यॉर्कर डालना आता है और उनके पास शानदार स्लोवर बॉल हैं, जो किसी भी बल्लेबाज को मुश्किल में डाल सकती हैं।

यूथ लेवल में दीपेश का प्रदर्शन रहा है शानदार

पूर्व भारतीय अंडर-19 तेज गेंदबाज और तमिलनाडु के अंडर-19 कोच यो महेश ने उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि दीपेश ने मुंबई के खिलाफ सिर्फ 19 रन देकर 5 विकेट लिए थे। अंडर-19 लेवल पर दीपेश का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। इससे कुछ हफ्ते पहले ही उन्होंने ब्रिस्बेन में खेले गए एक यूथ टेस्ट मैच में भारत अंडर-19 के लिए 8 विकेट झटके थे।

यो महेश, दीपेश के पिता वी. देवेंद्रन के साथ भी खेल चुके हैं और 2007 में उनके साथ सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीत चुके हैं। उन्होंने दीपेश की गति और उछाल को देखकर उनकी प्रतिभा को पहचाना।

इनस्विंग बॉल हैं दीपेश की ताकत

यो महेश बताते हैं कि विनो मांकड़ ट्रॉफी के दौरान पहली बार दीपेश को करीब से देखने पर ही वे उनसे काफी प्रभावित हो गए थे। उनकी लंबाई उनकी सबसे बड़ी ताकत है और वे गेंद को विकेट से काफी तेजी से निकालते हैं। मुंबई के खिलाफ उन्होंने बहुत कम समय में पूरी टीम को ढेर कर दिया था।

दाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ अंदर आती हुई गेंद दीपेश की सबसे बड़ी ताकत है। वे इसे बाहर की ओर स्विंग कराने पर भी लगातार मेहनत कर रहे हैं। यो महेश का मानना है कि दीपेश स्विंग गेंदबाज भले न हों, लेकिन सीम और सीधी गेंदबाजी में वे काफी माहिर हैं। उनके एक्शन की वजह से गेंद अपने आप दाएं हाथ के बल्लेबाज की ओर आती है, जिससे बल्लेबाजों को परेशानी होती है।

लोअर ऑर्डर में हिटिंग भी कर सकते हैं दीपेश

दीपेश निचले क्रम में बल्लेबाजी भी अच्छी कर लेते हैं। अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में उन्होंने भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए थे। उन्होंने सिर्फ 16 गेंदों में 36 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 2 छक्के शामिल थे। दीपेश का कहना है कि उन्हें बल्लेबाजी पसंद है और मौका मिलने पर वे खुलकर शॉट खेलते हैं।

दीपेश का पूरा ध्यान अंडर-19 वर्ल्ड कप पर है। वहीं यो महेश का मानना है कि अगर वे अपनी गेंदबाजी की लंबाई में थोड़ा सुधार कर लें, तो रणजी ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंट में भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

यो महेश का कहना है कि इन युवा तेज गेंदबाजों का सही तरीके से ख्याल रखना बहुत जरूरी है। उन्हें जरूरत से ज्यादा नहीं खिलाना चाहिए, ताकि उनका वर्कलोड मैनेजमेंट भी सही से हो सके। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु को रणजी ट्रॉफी जीतनी है, तो मजबूत और फिट तेज गेंदबाजों का एक अच्छा पैक तैयार करना होगा।

करियर टाइमलाइन (Career Timeline)

T20I डेब्यू: अभी नहीं हुआ

वनडे डेब्यू: अभी नहीं हुआ

फर्स्ट क्लास डेब्यू: अभी नहीं हुआ

लिस्ट-A डेब्यू: अभी नहीं हुआ

टी20 डेब्यू: अभी नहीं हुआ

खेलने का अंदाज और विशेषताएं

दीपेश अपनी पेस और सीम के लिए जाने जाते हैं। उनकी उम्र अभी कम है और उसके बावजूद वे निरंतरता के साथ 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं। उनके पास स्विंग कराने की काबिलियत कम है, लेकिन वे सीम कराते हैं, जो बल्लेबाजों को और भी ज्यादा परेशान करती है। देवेंद्रन के पास हाई पेस के साथ-साथ स्लोवर बॉल और कटर भी मौजूद हैं, जिसके चलते वे व्हाइट बॉल के अच्छे गेंदबाज बन सकते हैं।

दीपेश अगर विकेट नहीं ले रहे होते हैं, तो रनों पर लगाम लगा सकते हैं, ताकि दूसरे छोर पर विकेट मिल सके। वे लोअर ऑर्डर में आकर कुछ बड़ी हिट्स भी लगा सकते हैं। उनका फिटनेस लेवल और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता भविष्य के लिए उन्हें भारतीय क्रिकेट का एक भरोसेमंद विकल्प बनाती है।

बैटिंग आंकड़े (Batting Stats)

यूथ टेस्ट
  • मैच: 3
  • पारियां: 4
  • रन: 47
  • औसत: 15.66
  • स्ट्राइक रेट: 72.30
  • अर्धशतक (50s): 0
  • शतक (100s): 0
यूथ वनडे
  • मैच: 11
  • पारियां: 6
  • रन: 46
  • औसत: 7.66
  • स्ट्राइक रेट: 127.77
  • अर्धशतक (50s): 0
  • शतक (100s): 0

बॉलिंग आंकड़े (Bowling Stats)

यूथ टेस्ट
  • मैच: 3
  • पारियां: 6
  • विकेट: 12
  • औसत: 20.66
  • स्ट्राइक रेट: 34.1
  • इकॉनमी रेट: 3.62
  • 5 विकेट हॉल: 1
यूथ वनडे
  • मैच: 11
  • पारियां: 11
  • विकेट: 16
  • औसत: 27.31
  • स्ट्राइक रेट: 27.7
  • इकॉनमी रेट: 5.90
  • 5 विकेट हॉल: 0

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आकाश अवस्थी स्पोर्ट्स डाइजेस्ट हिंदी में बतौर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और स्पोर्ट्स जर्नलिज्म में दो वर्षों का अनुभव रखते हैं। इससे पहले वे इंडिया न्यूज़ और स्पोर्ट्सविकी जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम कर चुके हैं। क्रिकेट, कबड्डी और अन्य खेलों की बारीकियों को गहराई से समझना और उन्हें आसान व रोचक अंदाज में पाठकों तक पहुंचाना उनकी खासियत है। खेल जगत के साथ साथ पॉलिटिक्स की हर हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है।

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