Davis Cup 2026: भारत के टेनिस खिलाड़ी धक्षिनेश्वर सुरेश ने यादगार प्रदर्शन करते हुए निर्णायक पांचवां मैच जीत कर डेविस कप में भारत को नीदरलैंड पर 3-2 से जीत दिला दी है। इसके चलते हुए अब भारत ने डेविस कप के क्वालीफायर्स के दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया है।
धक्षिनेश्वर सुरेश ने किया शानदार प्रदर्शन :-
इसके अलावा दूसरी बार डेविस कप खेल रहे भारत के 25 वर्षीय खिलाड़ी धक्षिनेश्वर ने दोनों एकल मुकाबले और युकी भांबरी के साथ युगल मुकाबला जीता है। इसके चलते हुए उन्होंने लिएंडर पेस के साल 2004 में जापान के खिलाफ किए गए उस चमत्कारिक प्रदर्शन की याद भी दिला दी है। क्यूंकि उस समय पेस ने दोनों एकल और एक युगल मैच जीतकर अकेले दम पर भारत को शानदार जीत दिलाई थी।

इसके अलावा 22 साल बाद विश्व रैंकिंग में 465वें स्थान पर काबिज धक्षिनेश्वर ने उसी तरह का यादगार प्रदर्शन करते हुए पांचवें मुकाबले में गाय डि ओडेन को 6-4, 7-6 से मैच हराया था। इस मुकाबले में जीत हासिल करते ही दक्षिणेश्वर पीठ के बल लेट गए और सारे साथी खिलाड़ी उन्हें गले लगाने के लिए दौड़ पड़े। इसके बाद पूरी भारतीय टीम ने उनको अपने कन्धों पर उठा लिया।

इसके अलावा भारत ने इससे पहले पिछले साल स्विटरजलैंड को उसकी धरती पर हराया था। जबकि इस बार नीदरलैंड अपने दो शीर्ष एकल खिलाड़ियों टालोन ग्रीकस्पूर ( विश्व रैंकिंग 29) और बोटिच वान डे जैंडशल्प (67) के बिना आया था। इससे अलावा साल 2019 में भारत ने डेविस कप का नया प्रारूप शुरू होने के बाद से पहली बाद क्वालीफायर्स के दूसरे दौर में जगह बनाई है।

इस मैच में जीत के चलते हुए अब भारतीय टीम का अगले दौर में उसका सामना कोरिया से हो सकता है। वहीं इससे पहले युकी भांबरी और धक्षिनेश्वर सुरेश ने मैराथन युगल मुकाबला जीता था। लेकिन इसके बाद एकल में सुमित नागल के हारने के बाद पांचवां मैच निर्णायक हो गया था। उस मैच में नागल एक सेट जीतने के बाद दुनिया के 88वें नंबर के खिलाड़ी जेस्पर डि जोंग से करीब तीन घंटे तक चले मैच में 7-5, 1-6, 4-6 से हार गए थे।

जबकि इससे पहले युगल मुकाबले में धक्षिनेश्वर और भांबरी ने डेविड पेल और सैंडर एरेंड्स को 7-6, 3-6, 7-6 से हराकर भारत को 2-1 से बढत दिला दी थी। तब करीब तीन घंटे तक चले बराबरी के उस मैच में एन श्रीराम बालाजी की जगह धक्षिनेश्वर को उतारने का भारतीय कप्तान रोहित राजपाल का फैसला सटीक साबित हुआ था। लेकिन इन दोनों टीमों ही टीमों के लिए यह काफी अहम मैच था। क्यूंकि कल दोनों का स्कोर 1-1 से बराबर था।

इसके अलावा उस मैच में भाम्बरी की सर्विस पर लगातार दबाव था। क्यूंकि सातवें गेम में जब उनकी पहली सर्विस कमजोर पड़ गई थी। तब स्कोर 30-30 से बराबर था। इसके बाद उनके उस एक ‘डबल फॉल्ट’ से नीदरलैंड को ब्रेक प्वाइंट मिला था। लेकिन इसके बाद भाम्बरी ने सटीक रिटर्न से जवाब देकर उस खतरे को ताल दिया था। इसके बाद धक्षिनेश्वर बैकहैंड वॉली पर गेम प्वाइंट बनाने से चूक गए और एरेंड्स के स्मैश से डच टीम को फिर बढत बनाने का मौका मिला। इसके बाद इस खतरे को भी भारतीय जोड़ी ने टाल दिया था। फिर लंबी रिटर्न पर एरेंड्स से चूक गई और यह लंबा गेम खत्म हुआ।
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