2023 से पाकिस्तान क्रिकेट टीम के प्रदर्शन में लगातार गिरावट देखी जा रही है, जिसका कारण PCB में चल रही उथल-पुथल और राजनीति है।
पाकिस्तान क्रिकेट टीम (Pakistan Cricket Team) इन दिनों अपने इतिहास के सबसे शर्मनाक दौर से गुजर रही है। पिछले तीन सालों से टीम का प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है। मैदान पर मिल रही हार और मैदान के बाहर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की उठापटक ने पाकिस्तान क्रिकेट को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। अब ताजा मामला चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का है, जहां मेजबान होते हुए पाकिस्तान बिना एक भी जीत दर्ज किए ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गया।
PCB की राजनीति और खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता की कमी की वजह से टीम लगातार नीचे गिर रही है। टीम के पास ना तो कोई स्थायी कप्तान है और ना ही कोई मजबूत रणनीति। नतीजा ये हुआ कि, कभी दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में से एक मानी जाने वाली पाकिस्तान टीम अब कमजोर टीमों के खिलाफ भी हार रही है।
क्या PCB में लगातार उठापटक ने किया पाकिस्तान क्रिकेट को बर्बाद?
पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा बदहाली की सबसे बड़ी वजह उनका खुद का क्रिकेट बोर्ड ही है। पिछले तीन सालों में PCB में इतनी उठापटक हुई है, जितनी शायद ही किसी देश के क्रिकेट बोर्ड में इतने कम समय में हुई हो। 2023 से अब तक चार बार PCB चेयरमैन बदले और सबसे हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान टीम में आठ कोच भी बदले गए।
कप्तानी के मोर्चे पर भी PCB ने बार-बार फैसले बदलकर खिलाड़ियों को पूरी तरह से असमंजस में डाल दिया। तीन साल में व्हाइट बॉल टीम में चार कप्तान बदले गए। बाबर आजम, शादाब खान, शाहीन अफरीदी और मोहम्मद रिजवान अलग-अलग समय पर व्हाइट बॉल टीमों के कप्तान रहे।
हालांकि, शान मसूद लगातार टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान बने हुए हैं, जो भी तथाकथित रूप से अपने पिता और पाकिस्तान क्रिकेट के प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक मंसूर मसूद खान के शिफारिश पर टीम में हैं। शान की अच्छी बात यह है कि वह अंग्रेजी अच्छा बोल लेते हैं, क्योंकि वह इससे पहले लगातार काउंटी क्रिकेट खेलते रहे हैं।
यही नहीं, इन तीन सालों में PCB के चयनकर्ता भी बार-बार बदलते रहे और इस दौरान चयन समिति में 26 बार बदलाव किया गया। कभी मुख्य चयनकर्ता या किसी सदस्य को ही बाहर कर दिया गया, तो कभी अचानक से किसी को इस समिति का हिस्सा बना दिया गया।
PCB की इस राजनीति का असर सीधे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर पड़ा। बार-बार बदलती कप्तानी और कोचिंग स्टाफ की वजह से टीम की कोई स्थायी लय नहीं बन पाई, जिसके चलते उनके प्रदर्शन में लगातार गिरावट भी देखी गई।
ICC टूर्नामेंट्स में लगातार हो रही है पाकिस्तान की फजीहत
पाकिस्तान क्रिकेट टीम की सबसे बड़ी बेइज्जती तो पिछले तीन ICC टूर्नामेंट्स में हुई है, जहाँ वह अगले स्टेज के लिए क्वालीफाई तक नहीं कर सके हैं। सबसे पहले, भारत में खेले गए वर्ल्ड कप 2023 में पाकिस्तान ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गया। उस दौरान उन्होंने अपनी हार पर तरह-तरह के बहाने भी बनाए और कुछ ऐसे भी बयान दिए, जिसको सुनने के बाद किसी की हँसी नहीं रूकेगी।
इसके बाद, टी20 वर्ल्ड कप 2024 में तो टीम ने सभी को हैरान कर दिया, जब USA जैसी कमजोर टीम ने उन्हें हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। डलास में खेले गए उस मैच में सह-मेजबान टीम ने अंतिम ओवर में हारिस रऊफ के खिलाफ 15 रन बनाकर मैच टाई कराया था। इसके बाद, सुपर ओवर में उन्होंने मोहम्मद आमिर के खिलाफ 17 रन बटोरे और जीत भी हासिल की।
अब चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी मेजबान पाकिस्तान की फजीहत जारी रही। टीम को इस टूर्नामेंट में अपने पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ 60 रनों से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद, सबसे बड़े मुकाबले में उन्हें भारत के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। उस मैच में शुभमन गिल, विराट कोहली और श्रेयस अय्यर ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से पाकिस्तानी गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए थे।
टूर्नामेंट में उनका आखिरी ग्रुप मैच बांग्लादेश के खिलाफ था, लेकिन वो मुकाबला बारिश की वजह से धुल गया। इस तरह पाकिस्तान बिना एक भी जीत के टूर्नामेंट से बाहर हो गया। हालांकि, वह कुदरत के निज़ाम के चलते एक अंक हासिल करने में कामयाब हुए, नहीं तो शायद उन्हें वो भी ना मिलता।
WTC 2023-25 में भी पाकिस्तान का प्रदर्शन रहा सबसे शर्मनाक
पिछले तीन सालों में, पाकिस्तान की हालत सिर्फ वनडे और टी20 ही नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भी काफी खराब रही है। मौजूदा WTC साइकिल में यह टीम सबसे निचले पायदान पर रही। ये पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास में पहली बार था, जब टीम ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023-25 के पॉइंट्स टेबल में आखिरी स्थान हासिल किया।
टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान की हार का सिलसिला अब भी लगातार जारी है। हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ 2024 में घरेलू सरजमीं पर उन्होंने 2-1 से सीरीज जरूर जीती थी, लेकिन वह तब सम्भव हुई, जब बाबर आजम, शाहीन अफरीदी और नसीम शाह जैसे लोगों को टीम से खदेड़ दिया गया। साजिद खान और नोमान अली ने अंतिम दो मैचों कुल 39 विकेट लेकर अपनी टीम को सीरीज जिताई थी, नहीं तो पहले मैच में हैरी ब्रूक का तिहरा शतक और जो रूट का दोहरा शतक शायद वह कभी भूल नहीं पाते।
कमजोर टीमों के खिलाफ हार से गिरी पाकिस्तान क्रिकेट की साख
पाकिस्तान की गिरती साख का सबसे बड़ा कारण ये है कि टीम अब उन देशों के खिलाफ भी हार रही है, जिन्हें क्रिकेट जगत में कमजोर माना जाता है। 2023 में अफगानिस्तान ने उन्हें पहली बार 2-1 से टी20 सीरीज और वर्ल्ड कप में एक मैच हराया।
इसके बाद, 2024 में उन्हें पहली बार आयरलैंड से एक टी20 मैच में हार मिली, जबकि उसके तुरंत बाद ही टी20 वर्ल्ड कप 2024 में USA ने पाकिस्तान को हराकर सनसनी फैला दी। उससे घरेलू मैदान पर तो पाकिस्तान की साख पूरी तरह से मिट्टी में मिल गई।
2024 में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को उसी के घर में 2-0 से क्लीन स्वीप कर दिया। यह पहली बार था जब उन्हें बांग्लादेश से हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद, हाल ही में वेस्टइंडीज ने उनके खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज 1-1 से बराबर कर दी थी।
क्या अंधेरे में है पाकिस्तान क्रिकेट का भविष्य?
2022 के बाद से यानी यदि पिछले तीन सालों से पाकिस्तान क्रिकेट टीम की गतिविधियों पर नजर डालें तो, ऐसा लग रहा है जैसे पाकिस्तान क्रिकेट का भविष्य अंधेरे में है। अगर PCB ने जल्द ही कोई बड़ा कदम नहीं उठाया, तो आने वाले सालों में पाकिस्तान क्रिकेट सिर्फ इतिहास की किताबों में ही दिखाई देगा।
लगातार हार के बाद पाकिस्तान फैंस पूरी तरह से नाराज हैं। सोशल मीडिया पर PCB के खिलाफ जमकर गुस्सा निकाला जा रहा है। फैंस का कहना है कि PCB में हो रही राजनीति ने टीम को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। बार-बार हो रहे बदलावों ने टीम के माहौल को खराब बना दिया है। बार-बार हो रही उथल-पुथल के चलते खिलाड़ी अपने प्रदर्शन पर फोकस करने के बजाय टीम में अपनी जगह बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
पाकिस्तान टीम में आने वाली है ससुर-दामाद की जोड़ी
हाल ही में यह खबर आई है कि, पूर्व स्पिनर सकलैन मुश्ताक़ पाकिस्तान के हेड कोच बनने वाले हैं और वह अपने दामाद शादाब खान को कप्तान बनाना चाहते हैं, जो चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में टीम में अपनी जगह तक नहीं बना पाए थे। दूसरी ओर, मुश्ताक़ का ‘कुदरत का निज़ाम’ वाला प्रेस कॉन्फ्रेंस भला कौन ही भूल सकता है।
हालांकि, शादाब एक अच्छे ऑलराउंडर हैं, लेकिन जब 2023 में पाकिस्तान को अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में 1-2 हार मिली थी, तब वह ही टीम के कप्तान थे। उन्हें उनके लगातार खराब प्रदर्शन के चलते टीम से बाहर किया गया था और घरेलू टूर्नामेंट चैंपियंस कप में वह बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में कोई कमाल भी नहीं दिखा सके थे।
मतलब यह है कि, भले ही चेयरमैन बदल जाए, हेड कोच बदल जाए या कप्तान बदल जाए, लेकिन अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को टीम में डालना और टैलेंटेड खिलाड़ियों को ड्रेसिंग रूम में आने का मौका ना देना, ये रवायत तो पाकिस्तान क्रिकेट में लगातार चलती ही रहेगी। फिलहाल जो हालात हैं, उन्हें देखकर ये कहना गलत नहीं होगा कि पाकिस्तान क्रिकेट का बुरा दौर अभी और लंबा चलने वाला है। फैंस आगामी कप्तानों को भी आगे के मैचों में हार के बाद “इंशाअल्लाह ब्वॉयज प्लेड वेरी वेल” कहते हुए सुनते रहेंगे।
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