पूर्व भारतीय दिग्गज क्रिकेटर मिताली राज का जन्म 03 दिसम्बर 1982 को राजस्थान के जोधपुर में हुआ था। वह 2025 में आज अपना 44वां जन्मदिन मना रहीं हैं।
भारतीय महिला क्रिकेट का नाम लेते ही जो चेहरा सबसे पहले सामने आता है, वह है मिताली राज का। आज उनका जन्मदिन है और क्रिकेट जगत उन्हें सम्मान के साथ याद कर रहा है। मिताली सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं रहीं बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए वह एक ऐसे स्तंभ के रूप में उभरीं जिन्होंने टीम को मजबूती, आत्मविश्वास और विश्व स्तर पर पहचान दिलाई। उनका शांत स्वभाव, सही तकनीक और मैच परिस्थिति को समझने की अद्भुत क्षमता ने उन्हें महिला क्रिकेट इतिहास की सबसे महान खिलाड़ियों में शामिल किया।
उनके जन्मदिन पर उनके शानदार करियर की ओर नजर डालने से पता चलता है कि मिताली ने सिर्फ रिकॉर्ड ही नहीं बनाए बल्कि भारत को मुश्किल परिस्थितियों से निकालने में भी हमेशा अग्रणी रहीं। उन्होंने कई बार अकेले दम पर टीम की पारी को संभाला और अपनी क्लासिक बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल दिया। उनकी हर बड़ी पारी भारतीय क्रिकेट की कहानी को एक नई दिशा देती है और यही कारण है कि वह दुनिया की सबसे सफल महिला बल्लेबाजों में गिनी जाती हैं।
मिताली राज का पूरा वनडे करियर और सभी अहम आंकड़े
मिताली राज ने अपना वनडे डेब्यू 26 जून 1999 को आयरलैंड के खिलाफ किया। 16 साल की उम्र में नाबाद शतक लगाकर उन्होंने दुनिया को बता दिया कि भारतीय क्रिकेट को एक अनमोल रत्न मिल चुका है। अगले 23 वर्षों में उन्होंने ऐसा स्थिर और प्रभावशाली करियर बनाया जो महिला क्रिकेट इतिहास में बहुत कम देखने को मिलता है। उनकी बल्लेबाजी तकनीक हमेशा सटीक रही और लंबे समय तक टिककर खेलने की उनकी क्षमता किसी भी मैच परिस्थिति में भारत की सबसे बड़ी ताकत बन गई।
उनके करियर में कुल 232 वनडे मैच शामिल हैं, जिनमें उन्होंने 7805 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 50 से अधिक का औसत बनाए रखा, जो उनकी निरंतरता का सबसे बड़ा प्रमाण है। मिताली ने अपने करियर में 7 शतक और 64 अर्धशतक बनाए और उनका बेस्ट स्कोर 125* रहा। उनकी स्ट्राइक रेट 67 के आसपास रही, जो उनके धैर्य और स्थिरता को दर्शाती है। इसके साथ ही वह महिला वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनीं और सबसे लंबे समय तक विश्व की नंबर एक ODI बल्लेबाज के रूप में भी पहचानी गईं।
कप्तान के रूप में भी उनका योगदान अभूतपूर्व रहा। उन्होंने भारतीय महिला टीम को दो विश्व कप फाइनल तक पहुंचाया और कई युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। मिताली महिला क्रिकेट इतिहास की पहली ऐसी खिलाड़ी बनीं जिन्होंने सात अलग अलग विश्व कप टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। यह उपलब्धि उनके लंबे करियर, फिटनेस और निरंतर प्रदर्शन की अनोखी मिसाल है।
मिताली राज की वनडे करियर की पांच सबसे यादगार पारियाँ
1. 114* बनाम आयरलैंड, डबलिन, 1999
यह पारी मिताली के अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआत थी और शुरुआत ही ऐसी थी जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शुरुआत में रफ्तार पकड़ी लेकिन टीम को एक ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी जो पूरी पारी को लंबा खींच सके।
मिताली ने नाबाद 114 रन बनाकर न सिर्फ अपनी क्षमता दिखाई, बल्कि भारत को मजबूत स्कोर तक भी पहुंचाया। भारत ने कुल 258 रन बनाए और यह मैच 161 रनों से जीता। यह पारी उनके करियर का पहला अध्याय थी, जिसने भविष्य में कई ऐतिहासिक उपलब्धियों की नींव रखी।
2. 109 रन बनाम वेस्टइंडीज, कटक, 2011
यह मैच उस समय खेला गया जब भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही थी और स्कोर शुरुआती ओवरों में ही तीन विकेट पर लगभग पचास रन हो गया था। टीम को एक ऐसी पारी की जरूरत थी जो न सिर्फ रन बनाए बल्कि पूरे मैच को स्थिरता भी दे।
मिताली ने कप्तान के रूप में आगे बढ़ते हुए 109 रन की शानदार पारी खेली। इस पारी में उनका धैर्य, समझदारी और शॉट चयन पूरी तरह निखरा हुआ दिखाई दिया। उन्होंने भारत को 225 के स्कोर तक पहुंचाया और टीम ने यह मुकाबला आराम से जीत लिया।
3. 89 रन बनाम न्यूजीलैंड, डर्बी, विश्व कप 2017
यह मुकाबला भारत के लिए करो या मरो की स्थिति में खेला गया था, क्योंकि सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए जीत बेहद जरूरी थी। शुरुआत धीमी रही और भारतीय टीम पर दबाव बढ़ता गया। इस महत्वपूर्ण स्थिति में मिताली ने 89 रन की पारी खेलकर मैच का पूरा रुख बदल दिया।
उनकी बल्लेबाजी की खासियत यह थी कि उन्होंने रन गति बनाए रखी और विकेट बचाने की जिम्मेदारी भी संभाली। भारत ने 265 का स्कोर बनाया और न्यूजीलैंड को 79 रनों से हराया। इसी मैच में वह महिला वनडे क्रिकेट की सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी भी बनीं।
4. 91 रन बनाम इंग्लैंड, ताइपे, 2002
इंग्लैंड की मजबूत गेंदबाजी लाइनअप के खिलाफ यह पारी मिताली की तकनीक और धैर्य का एक बेहतरीन उदाहरण थी। भारतीय टीम लगातार विकेट खोती जा रही थी और रन गति बहुत धीमी थी। कठिन पिच और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मिताली ने 91 रन की शानदार पारी खेली और भारत को 200 से अधिक के प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया। भारत ने यह मैच रोमांचक अंदाज में जीता और इस जीत में मिताली की पारी सबसे बड़ा कारण थी।
5. 75 रन बनाम ऑस्ट्रेलिया, मैके, 2021
करियर के अंतिम वर्षों में भी मिताली की बल्लेबाजी में वही पुरानी चमक दिखाई देती थी। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत के शुरुआती विकेट जल्दी गिर गए थे और टीम दबाव में थी। मिताली ने 75 रन की संयमित और समझदारी भरी पारी खेलकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा।
उनकी स्ट्राइक रोटेशन क्षमता और शुरुआती झटकों के बाद टीम को संभालने की कला इस पारी में साफ दिखाई दी। हालांकि, भारत मैच नहीं जीत सका, लेकिन मिताली की यह पारी उनकी महानता को एक बार फिर साबित कर गई।
मिताली राज की ये पांच पारियाँ उनके करियर की नींव और भारतीय महिला क्रिकेट की प्रेरणा बनकर हमेशा याद की जाएंगी। उनका पूरा वनडे सफर स्थिरता, कौशल, फिटनेस और नेतृत्व की मिसाल रहा है। जन्मदिन के इस खास दिन पर पूरा क्रिकेट जगत उन्हें सलाम करता है और उनकी शानदार विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनकर रहेगी।
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