Hockey: भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के रिकॉर्ड को लेकर चल रही अटकलों को अब खारिज कर दिया है। वहीं इस समय मनप्रीत सिंह ने सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैचों के रिकॉर्ड को लेकर किसी भी विवाद से इनकार करते हुए कहा है कि इस समय उनका पूरा फोकस एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने पर ही लगा है। इसके आगे उन्होंने बताया कि दिलीप टिर्की खुद चाहते हैं कि वह उनका रिकॉर्ड तोड़ें और लंबे समय तक भारत के लिए खेलते रहें।
दिलीप टिर्की से विवाद पर मनप्रीत सिंह ने दिया बयान :-
भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के रिकॉर्ड को लेकर चल रही अटकलों को अब खारिज कर दिया है। इस बीच उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनका मुख्य लक्ष्य आगामी एशियाई खेलों में बेहतर प्रदर्शन करना है।

इसके अलावा वह अभी तक भारतीय टीम की तरफ से 411 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। जबकि इस समय वह दिलीप टिर्की के 412 मैचों के रिकॉर्ड से केवल दो मैच ही दूर हैं। वहीं अभी हाल ही में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि इस रिकॉर्ड को लेकर मनप्रीत और हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की के बीच काफी तनाव बना हुआ था।
मनप्रीत ने दी अपनी प्रतिक्रिया :-
इसके अलावा अब इन अटकलों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मनप्रीत ने कहा है कि उन्होंने खुद टिर्की से इस विषय पर बात की है। इसके आगे उन्होंने कहा कि, “इस बारे में काफी बातें हो रही थीं, लेकिन मैंने दिलीप सर से बात की है। लेकिन वह खुद भी चाहते हैं कि मैं उनका रिकॉर्ड तोड़ूं और 500 मैच तक खेलूं।”

इसके आगे उन्होंने कहा कि वह अपनी फिटनेस पर लगातार काम कर रहे हैं। क्यूंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय तक खेलने के लिए फिट रहना काफी जरुरी है। लेकिन इस समय उनका पूरा फोकस एशियाई खेलों और विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाल ही लगा है।
दिलीप टिर्की ने भी मनप्रीत से विवाद को किया खारिज :-
इसके बाद हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने भी इन खबरों को पूरी तरह से गलत बताया है। इसके आगे उन्होंने कहा है कि, “इस समय ऐसा बिल्कुल नहीं है कि मेरा रिकॉर्ड बचाने के लिए मनप्रीत को खेलने से रोका जा रहा है। अगर ऐसा होता तो उन्हें पहले ही टीम से बाहर कर दिया जा सकता था। लेकिन हम सदा खिलाड़ियों के सम्मान और उनके प्रदर्शन को प्राथमिकता देते हैं।” इसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि पेरिस ओलंपिक 2024 के दौरान ही भविष्य की योजना बनाई गई थी। इसके चलते हुए कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों को लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए नहीं चुना जाएगा। जिसके चलते हुए अब नए खिलाड़ियों को तैयार किया जा सके।

इसके अलावा टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को 41 साल बाद कांस्य पदक दिलाने वाले कप्तान मनप्रीत ने है कि वह साल-दर-साल अपने लक्ष्य तय करते हैं। इसके आगे उन्होंने कहा है कि इस समय उनका पूरा ध्यान एशियाई खेलों पर ही लगा हुआ है। जबकि इसके आगे का निर्णय वह अपनी फिटनेस और प्रदर्शन के आधार पर ही लेने वाले हैं। इसके अलावा भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन के दृष्टिकोण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि टीम में चयन पूरी तरह फिटनेस और प्रदर्शन पर निर्भर करता है।
स्पोर्ट्स से जुड़ी ताजा खबरों के लिए Sports Digest Hindi के साथ जुड़े रहें और हमें यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, और ट्विटर (X) पर भी फॉलो करें।

