IPL 2026 के दौरान शेन वॉटसन ने ज्यादा क्रिकेट और इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।
आईपीएल 2026 के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के असिस्टेंट कोच शेन वॉटसन का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा कि मौजूदा समय में ज्यादा क्रिकेट खेलने का दबाव अब खिलाड़ियों और टीमों दोनों पर दिखने लगा है।
वॉटसन के मुताबिक इंटरनेशनल क्रिकेट और आईपीएल के बीच कम समय होने से खिलाड़ियों की फिटनेस पर असर पड़ता है, जिससे टीम की प्लानिंग और कॉम्बिनेशन प्रभावित होता है।
वॉटसन ने ज्यादा क्रिकेट पर जताई खुली चिंता
शेन वॉटसन ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखते हुए कहा, “फ्रेंचाइजी और आईपीएल के नजरिए से यह अफसोस की बात है कि अभी बहुत ज्यादा क्रिकेट खेला जा रहा है।” उनके अनुसार, यही वजह है कि टीमों के लिए पूरे सीजन में स्थिरता बनाए रखना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने आगे कहा, “हम ऑक्शन के दौरान टीम को इस तरह तैयार करते हैं कि हमें सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन मिले, लेकिन आईपीएल से पहले हालात ऐसे हो जाते हैं कि बस यही उम्मीद रहती है कि सभी खिलाड़ी फिट और उपलब्ध रहें।”
लगातार क्रिकेट से बढ़ा फिटनेस पर खतरा
वॉटसन ने बताया कि जब बड़े टूर्नामेंट आईपीएल से ठीक पहले होते हैं, तो खिलाड़ी अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं। ऐसे में चोट का खतरा काफी बढ़ जाता है और कई खिलाड़ी पूरी तरह फिट नहीं रह पाते।
उन्होंने कहा, “जब आईपीएल से पहले कोई ICC टूर्नामेंट होता है, तो खिलाड़ी अपनी लिमिट तक जाते हैं और कई बार चोट के बावजूद खेलते हैं, क्योंकि उनका लक्ष्य देश के लिए जीत हासिल करना होता है।”
टीम कॉम्बिनेशन बिगड़ने की बढ़ी टेंशन
उन्होंने माना कि चोटों और लगातार क्रिकेट के कारण टीमों को अपनी रणनीति बार-बार बदलनी पड़ती है। जो कॉम्बिनेशन ऑक्शन के समय तय किया जाता है, वह अक्सर मैदान पर लागू नहीं हो पाता।
वॉटसन ने कहा, “ऐसे में चोटें हमारी प्लानिंग को बदल देती हैं। हमें हर समय तैयार रहना पड़ता है कि कौन खिलाड़ी उपलब्ध है और उसी के हिसाब से टीम कॉम्बिनेशन तैयार करना पड़ता है।”
इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर वॉटसन ने रखी साफ राय
शेन वॉटसन ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर भी अपनी असहमति जताई और इसे ऑलराउंडरों के लिए नुकसानदायक बताया। उनका मानना है कि यह नियम खिलाड़ियों को दोनों विभागों में योगदान देने का मौका कम कर देता है।
उन्होंने कहा, “मैं इम्पैक्ट प्लेयर नियम का बड़ा फैन नहीं हूं, खासकर ऑलराउंडरों के नजरिए से। अगर टीम में पहले से अतिरिक्त गेंदबाज है, तो ऑलराउंडर को गेंदबाजी का मौका नहीं मिलता।”
शेन वॉटसन ने की भारत के घरेलू खिलाड़ियों की तारीफ
हालांकि, वॉटसन ने भारतीय घरेलू खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि अब किसी टीम में कमजोर कड़ी नहीं दिखती। पिछले कुछ सालों में घरेलू क्रिकेट का स्तर काफी ऊपर गया है।
उनके अनुसार, अब हर खिलाड़ी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखता है, जिससे आईपीएल और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन गया है और टीमों के पास बेहतर विकल्प मौजूद हैं।
शेन वॉटसन का यह बयान साफ दिखाता है कि ज्यादा क्रिकेट और इम्पैक्ट प्लेयर नियम दोनों ही टीमों के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं। आईपीएल 2026 में इसका असर पूरे सीजन में देखने को मिल सकता है, जहां टीमों को लगातार बदलते हालात के बीच संतुलन बनाकर खेलना होगा।
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