Doping: अहमदाबाद में पिछले वर्ष कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कई रिकॉर्ड के साथ महाराष्ट्र के साईराज परदेसी ने स्वर्ण जीता था। लेकिन इस मौजूदा समय में साईराज परदेसी डोपिंग में फंस गए हैं। वहीं पिछले साल ही कॉमवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कई रिकॉर्ड के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। इसके चलते हुए उन्होंने इससे ठीक चार महीने पहले साजिश की आशंका जताई थी।
डोपिंग में फंसे भारतीय CWG चैंपियन साईराज परदेसी :-
पिछले साल अहमदाबाद में खेले गए कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कई रिकॉर्ड के साथ महाराष्ट्र के साईराज परदेसी ने स्वर्ण जीता था तो तब खेल मंत्रालय से लेकर भारतीय वेटलिफ्टिंग महासंघ के लिए खुशी का ठिकाना नहीं रहा था। क्यूंकि उस समय उनका प्रदर्शन ही काफी शानदार रहा था।

वहीं तब उन्होंने 88 किलो भार वर्ग में कुल 348 किलो वजन उठाया था। लेकिन इससे पहले भारत में इस भार में अच्छा प्रदर्शन कभी नहीं हुआ था। इसके अलावा साईराज परदेसी इस वर्ष ग्लास्गो में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों के स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार बन गए थे। लेकिन अब यह प्रदर्शन साईराज के लिए मुसीबत बन गया है।
साईराज साजिश का लगा चुके हैं आरोप :-
इससे पहले भारतीय खेल मंत्रालय और साई को मिली शिकायत के मुताबिक साईराज को पता लगा है कि उनको डोप में फंसाने की साजिश रची जा रही है। वहीं अब इस आरोप के मुताबिक इस साजिश के पीछे कोई और नहीं बल्कि कैंप में शामिल कोच थीं। इसके चलते साईराज ने इसके बाद मंत्रालय, साई, वेटलिफ्टिंग महासंघ को कोच के खिलाफ डोप में फंसाए जाने की शिकायत भी की थी।

तब आननफानन महासंघ ने जांच बिठा दी थी। इसके अलावा शिकायत किए हुए लगभग चार माह हुए थे। लेकिन तब यह जांच पूरी भी नहीं हुई थी कि साईराज नाडा के आउट ऑफ कंपटीशन टेस्ट में डोप में फंस गए हैं। क्यूंकि अब उनके सैंपल में स्टेरायड मेस्टोनेलॉन पाया गया है।
साईराज को अब सुनवाई में साबित करनी होगी साजिश :-
इसके चलते हुए अब साईराज पर अस्थायी प्रतिबंध लग गया है। इसके अलावा अब नाडा के हियरिंग पैनल के समक्ष अगर वह अपनी बेगुनाही साबित नहीं कर पाए तो कॉमनवेल्थ खेलों में भाग नहीं ले पाएंगे। लेकिन अब उस शिकायत के मुताबिक एनआईएस पटियाला में कैंप में उनके एक साथी ने उनको एक ऐसी रिकॉर्डिंग सुनाई थी जिससे उनके होश उड़ गए थे।

तब उनको बताया गया था कि एक महिला कोच ने उन्हें खाने में कुछ मिलाकर डोप में फंसाने को कहा है। लेकिन जांच कमेटी ने जब उनसे सुबूत मांगे तो साईराज को साथी खिलाड़ी ने कोच की रिकॉर्डिंग देने से मना कर दिया था।
साईराज अक्तूबर-दिसंबर में थे निगेटिव :-
इसके अलावा साईराज ने बीते वर्ष अगस्त में कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में स्वर्ण जीता था। इसके बाद 24 अक्तूबर को उन्होंने खेल मंत्रालय को शिकायत दी थी कि इस वर्ष फरवरी में वह डोप में फंस गए हैं। क्यूंकि अब उनकी डोप रिपोर्ट आ गई है। लेकिन इससे पहले अक्तूबर और दिसंबर में हुए टेस्ट में वह निगेटिव आए थे।

इस बीच अब यह वैसा ही मामला है जब रियो ओलंपिक से पहले पहलवान नरसिंह यादव ने उन्हें खाने में मिलावट कर डोप में फंसाने का आरोप लगाया था। लेकिन तब नाडा ने सुनवाई में नरसिंह को बरी कर दिया था। इसके बाद रियो पहुंचते ही वाडा की सुनवाई में उन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके चलते हुए तब उनको रियो से लौटना पड़ा था। वहीं अब अगर साईराज भी इस साजिश को साबित नहीं कर पाए तो उन पर भी चार वर्ष तक का प्रतिबंध लग सकता है।
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