बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में 200+ का स्कोर मैच को पूरी तरह खुला रखता है।
आईपीएल 2026 का 26वां मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। यहां हाल के मैचों में बार-बार यही देखने को मिला है कि स्कोर चाहे बड़ा हो, मुकाबला अंत तक खुला रहता है।
यही वजह है कि इस मैच से पहले 200 से ज्यादा रन को लेकर चर्चा है। कई मौकों पर यह स्कोर जीत दिलाता है, लेकिन कुछ मैचों में इसी के आसपास के टोटल भी आखिरी ओवरों में दबाव में आते दिखे हैं।
एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम बेंगलुरु का ग्राउंड कैसा है?
बेंगलुरु का यह मैदान अपने छोटे साइज के लिए जाना जाता है। यहां बाउंड्री काफी पास रहती है, जिससे हर गेंद पर बड़ा शॉट लगाना आसान हो जाता है और बल्लेबाज खुलकर खेलते हैं।
यहां की आउटफील्ड तेज है, इसलिए सही टाइमिंग के साथ गेंद तेजी से बाउंड्री तक पहुंचती है। हालांकि, इस सीजन में कुछ मौकों पर बल्लेबाजों को शुरुआत में थोड़ा समय लेना पड़ा है, लेकिन सेट होने के बाद रन तेजी से बनने लगते हैं।
हाल के मुकाबलों में भी यही पैटर्न दिखा है। यहां एक मैच में RCB ने 250/3 का बड़ा स्कोर बनाया, वहीं एक मुकाबले में 200+ रन का टारगेट चेज हुआ, जबकि एक मैच में 150 के आसपास का स्कोर भी आखिरी ओवर तक सुरक्षित नहीं रहा।
बेंगलुरु में रिकॉर्ड और ट्रेंड
इस मैदान पर अब तक 105 आईपीएल मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने करीब 41 प्रतिशत मैच जीते हैं। दूसरी पारी में दबाव अलग तरह से काम करता है, जहां लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम 53 प्रतिशत मुकाबलों में सफल रही है।
यहां 287/3 सबसे बड़ा स्कोर रहा है, जबकि 48 रन का सबसे छोटा स्कोर भी इसी मैदान पर बना है। 213 रन का लक्ष्य हासिल किया गया है, वहीं 106 रन जैसा स्कोर भी बचाया गया है।
औसत स्कोर और मैच का पैटर्न
बेंगलुरु में पहली पारी का औसत स्कोर करीब 170 और दूसरी पारी का 151 रन के आसपास रहता है, लेकिन आईपीएल 2026 में टीमें कई बार 200 से ऊपर पहुंचती नजर आई हैं।
यहां पॉवरप्ले में 45-55 रन बनते हैं, जिससे शुरुआत से रन गति बनी रहती है। 10 ओवर तक स्कोर 80-90 के आसपास और 15 ओवर तक 130-150 के करीब पहुंच जाता है। आखिरी ओवरों में रन तेजी से बढ़ते हैं और यहीं से मैच का दबाव भी बढ़ता है, जिससे मुकाबला अंत तक खुला रहता है। हालांकि, पिछले कुछ मुकाबलों में इसमें काफी बदलाव हुआ है।
इस मैदान पर कितना स्कोर सुरक्षित है?
हाल के मैचों को देखें तो एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में 180-200 का स्कोर मुकाबले में बनाए रखता है, लेकिन 200 के पार जाने के बाद भी यह नहीं कहा जा सकता कि मैच पूरी तरह खत्म हो गया है।
यहां पर 200+ स्कोर चेज भी हुए हैं और बड़े स्कोर डिफेंड भी हुए हैं, जिससे यह साफ है कि मुकाबला आखिरी ओवरों तक जा सकता है।
टॉस और गेंदबाजी का रोल
इस मैदान पर चेज करने वाली टीम को ज्यादा सफलता मिली है, इसलिए कप्तान रन बोर्ड पर लगाने से ज्यादा लक्ष्य का पीछा करना पसंद कर सकते हैं।
गेंदबाजी के आंकड़ों में पिछले मुकाबलों में 103 विकेट गिरे हैं। इनमें से 78 विकेट (76%) तेज गेंदबाजों ने लिए हैं, जबकि 25 विकेट (24%) स्पिनरों ने लिए हैं, जो बीच के ओवरों में रन रोकते नजर आए हैं।
अंत में कहा जाए तो, बेंगलुरु के इस मैदान पर रन जरूर बनते हैं, लेकिन यहां मुकाबला आखिरी ओवरों तक बना रहता है। ऐसे में RCB vs DC मैच में 200 के आसपास का स्कोर भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
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