फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे कम उम्र में खेलने का रिकॉर्ड नॉर्मन व्हाइटसाइड के नाम दर्ज है।
FIFA World Cup में खेलना हर फुटबॉलर का सपना होता है, लेकिन कुछ खिलाड़ियों ने बेहद कम उम्र में ही इस बड़े मंच पर डेब्यू करके पूरी दुनिया को चौंका दिया। इतने कम उम्र में वर्ल्ड कप जैसे दबाव वाले टूर्नामेंट में खेलना आसान नहीं होता, लेकिन कई युवा खिलाड़ियों ने अपने खेल से खास पहचान बनाई।
पेले, सैमुअल एटो और यूसूफा मुकोको जैसे खिलाड़ियों ने कम उम्र में फीफा वर्ल्ड कप खेलकर इतिहास रचा। इनमें से कई खिलाड़ी आगे चलकर अपने देश के सबसे बड़े फुटबॉल स्टार बने। आइए जानते हैं FIFA वर्ल्ड कप इतिहास के टॉप 5 सबसे युवा खिलाड़ियों के बारे में।
ये हैं FIFA वर्ल्ड कप इतिहास के टॉप 5 सबसे युवा खिलाड़ी
1. नॉर्मन व्हाइटसाइड (Norman Whiteside) – 17 साल 41 दिन
नॉर्थ आयरलैंड के पूर्व खिलाड़ी नॉर्मन व्हाइटसाइड फीफा वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी हैं। उन्होंने 1982 फीफा वर्ल्ड कप में यूगोस्लाविया के खिलाफ सिर्फ 17 साल 41 दिन की उम्र में डेब्यू किया था।
वर्ल्ड कप 1982 में नॉर्थ आयरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल तक का सफर भी तय किया था। बाद में व्हाइटसाइड इंग्लिश फुटबॉल के बड़े खिलाड़ियों में शामिल हुए। हालांकि, चोटों की वजह से उनका करियर ज्यादा लंबा नहीं चल सका।
नॉर्मन व्हाइटसाइड को उस समय जॉर्ज बेस्ट जैसा प्रतिभाशाली खिलाड़ी माना जाता था। उन्होंने वर्ल्ड कप में डेब्यू के समय मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए सिर्फ दो सीनियर मैच खेले थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह मिल गई थी।
2. सैमुअल एटो (Samuel Eto’o) – 17 साल 99 दिन
कैमरून के पूर्व स्टार स्ट्राइकर सैमुअल एटो ने 1998 फीफा वर्ल्ड कप में इटली के खिलाफ सिर्फ 17 साल 99 दिन की उम्र में डेब्यू किया था।
उस समय एटो रियल मैड्रिड से जुड़े हुए थे और उन्हें अफ्रीकी फुटबॉल का भविष्य माना जा रहा था। हालांकि, 1998 वर्ल्ड कप में उन्हें ज्यादा खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन आगे चलकर वह दुनिया के सबसे सफल स्ट्राइकरों में शामिल हुए।
सैमुअल एटो ने अपने करियर में चार फीफा वर्ल्ड कप खेले और कैमरून के लिए कई बड़े रिकॉर्ड बनाए। वह आज भी कैमरून फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।
3. फेमी ओपाबुनमी (Femi Opabunmi) – 17 साल 101 दिन
नाइजीरिया के पूर्व खिलाड़ी फेमी ओपाबुनमी ने 2002 फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ 17 साल 101 दिन की उम्र में डेब्यू किया था।
ओपाबुनमी ने युवा स्तर पर शानदार प्रदर्शन करके पहचान बनाई थी और उन्हें नाइजीरिया फुटबॉल का अगला बड़ा स्टार माना जा रहा था। 2002 वर्ल्ड कप में उनका डेब्यू काफी चर्चा में रहा क्योंकि इतनी कम उम्र में वर्ल्ड कप खेलना बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
हालांकि, उनका करियर ज्यादा लंबा नहीं चल पाया। आंखों की गंभीर बीमारी की वजह से उन्हें बहुत कम उम्र में ही फुटबॉल से संन्यास लेना पड़ा।
4. सालोमन ओलेम्बे (Salomon Olembe) – 17 साल 185 दिन
कैमरून के पूर्व मिडफील्डर सालोमन ओलेम्बे ने 1998 फीफा वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रिया के खिलाफ सिर्फ 17 साल 185 दिन की उम्र में डेब्यू किया था।
ओलेम्बे उस समय फ्रेंच क्लब नांतेस के लिए खेल रहे थे और अपनी शानदार तकनीक व मिडफील्ड कंट्रोल के लिए जाने जाते थे। उन्होंने बहुत कम उम्र में ही कैमरून राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बना ली थी।
वर्ल्ड कप के बाद भी उन्होंने लंबे समय तक कैमरून के लिए खेला और अफ्रीका कप ऑफ नेशंस जीतने वाली टीम का हिस्सा भी रहे। क्लब फुटबॉल में भी उनका करियर काफी सफल रहा।
5. पेले (Pele) – 17 साल 235 दिन
ब्राजील के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी पेले ने 1958 फीफा वर्ल्ड कप में सोवियत संघ के खिलाफ सिर्फ 17 साल 235 दिन की उम्र में डेब्यू किया था।
पेले शुरुआत में चोट की वजह से उस टूर्नामेंट के शुरुआती मैच नहीं खेल पाए थे, लेकिन टीम में वापसी के बाद उन्होंने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल में शानदार गोल दागे।
पेले ने उसी टूर्नामेंट में ब्राजील को पहला वर्ल्ड कप खिताब दिलाया और आगे चलकर फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में शामिल हुए। आज भी उनके नाम कई वर्ल्ड कप रिकॉर्ड दर्ज हैं।
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