Carolina Marin: स्पेन की दिग्गज खिलाड़ी कैरोलिना मारिन ने बैडमिंटन को अलविदा कह दिया है। वहीं अपनी चोटों के चलते हुए उन्होंने अब केवल 32 साल की उम्र में मजबूरन यह कड़ा फैसला लिया है। क्यूंकि वह काफी लंबे समय से अपने घुटने की चोट परेशान चल रही थी। इसके चलते हुए अब उन्होंने अपने पेशेवर करियर से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है।
इसके अलावा उन्होंने साल 2016 में भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को हराकर ओलिंपिक का गोल्ड मेडल जीता था।इसके अलावा भी उन्होंने तीन बार वर्ल्ड चैंपियनशिप का ख़िताब भी जीता है। इसके चलते हुए अब उन्होंने सोशल मीडिया पर इमोशनल वीडियो मैसेज शेयर करते हुए कहा है कि मेरा सफर अब यहीं समाप्त होता है।

इसके आगे उन्होंने बताया कि चोट के कारण उन्होंने अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए प्रतियोगिता से दूर रहने का कठिन फैसला लिया है। इसके आगे उन्होंने कहा है कि मैं चाहती थी कि हम आखिरी बार ट्रैक पर मिलें, लेकिन अब मैं और अपने शरीर को जोखिम में नहीं डालना चाहती हूं।
पीवी सिंधु के साथ खेले हैं कई यादगार मैच :-
स्पेन की इस दिग्गज खिलाड़ी कैरोलिना मारिन का बैडमिंटन में करियर काफी शानदार रहा है। इसके अलावा उन्होंने साल 2009 में इस खेल में इंटरनेशनल लेवल पर डेब्यू किया था और जल्द ही वह एक दमदार खिलाड़ी बन गईं। इसके अलावा उन्होंने 66 हफ़्तों के लंबे समय तक विश्व की नंबर एक खिलाड़ी के तौर पर बैडमिंटन जगत पर राज भी किया है।

इसके अलावा उन्होंने अपने 15 साल के लंबे इंटरनेशनल करियर में एशिया के बड़े-बड़े खिलाड़ियों को चुनौती भी दी है। इसके चलते हुए उन्होंने भारत की दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु के साथ भी कई यादगार मैच खेले थे।

इसके अलावा उन्होंने रियो 2016 ओलिंपिक और 2018 विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में भारतीय स्टार सिंधु को हराया था। वहीं अपने शानदार बैडमिंटन करियर में उन्होंने साल 2014, 2015 और 2018 में विश्व चैंपियनशिप, सात यूरोपीय खिताब और 2016 ओलिंपिक में गोल्ड मेडल भी जीता था।
पेरिस 2024 ओलिंपिक में आखिरी बार दिखाई दी थी मारिन :-
इसके अलावा स्पेन की इस दिग्गज खिलाड़ी कैरोलिना मारिन आखिरी बार साल 2024 में पेरिस ओलिंपिक में कोर्ट पर दिखाई दी थी। तब यह उनकी दो गंभीर एसीएल चोटों के बाद कोर्ट पर वापसी थी। इसके चलते हुए अब वह हुएल्वा में आयोजित होने वाले आगामी यूरोपीय चैंपियनशिप में भी नहीं खेलती दिखेंगी।

इसके अलावा वह अपने शहर के सम्मान में वहां पर उपस्थित रहेंगी। इसके चलते हुए उन्होंने कहा है कि मैं हुएल्वा में रैकेट हाथ में नहीं लूंगी लेकिन अपनी ऊर्जा शहर को लौटाते हुए संन्यास लूंगी। इसके अलावा उन्होंने अपने खेल जीवन पर गर्व जताते हुए कहा है कि, “मुझे बैडमिंटन खेल जगत में अपनी सभी उपलब्धियों पर बहुत गर्व है। यह न केवल खिताबों के लिए, बल्कि मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह सम्मान हासिल करने के लिए भी है।”
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