भारत की युवा बॉक्सर जैस्मिन लेंबोरिया ने वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। 24 वर्षीय जैस्मिन ने 57 किलोग्राम की मुक्केबाज़ी में गोल्ड मेडल अपने नाम किया हैं। फाइनल मुक़ाबले में उन्होंने पोलैंड की जूलिया सेरेमेटा को हराया था,जूलिया ने हाल ही में पेरिस ओलंपिक्स 2024 में सिल्वर मेडल जीता था। इंग्लैंड के लिवरपूल में आयोजित इस टूर्नामेंट में भारत को यह पहला गोल्ड मेडल हासिल हुआ है।
जैस्मिन लेंबोरिया ने इंग्लैंड में बनी वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियन
यह वर्ल्ड चैंपियनशिप इंग्लैंड में आयोजित किया जा रहा है। इस टूर्नामेंट में हरियाणा की रहने वाली 24 वर्षीय जैस्मिन लेंबोरिया ने 57 किलोग्राम मुक्केबाज़ी की कैटेगरी में उनका सामना जूलिया सेरेमेटा के साथ चल रहे मुकाबले में धीमी शुरुआत करते हुए और तीन मिनट के राउंड के बाद पीछे चल रही थीं, मैच के शुरुआत में जूलिया ने बढ़त बनाए रखा था। दूसरे राउंड में जैस्मिन ने अपने ‘लॉन्ग रेंज स्टाइल’ का इस्तेमाल किया और बाजी पलट दी। बीच-बीच में उन्होंने बेहतरीन जैब लगाए और बहुत से अंक बटोरे। जिसके बाद जजों ने भारतीय खिलाड़ी जैस्मिन के पक्ष में वोट दिया और इस मुकाबले में 4-1 में उन्हें विजयी घोषित कर दिया गया।
कौन हैं जैस्मिन लेंबोरिया
30 अगस्त 2001 को हरियाणा में जैस्मिन जन्मी थी। अपने चाचा से प्रेरेरित होकर इस खिलाड़ी ने मुक्केबाजी में कदम रखने का फैसला किया। उनके दो चाचा संदीप सिंह और परविंदर सिंह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं। लेंबोरिया के परिवार में कई मुक्केबाज हुए। उनके परदादा हवा सिंह भी मुक्केबाज रहे हैं। उन्होंने 1960 और 70 के दशक में भारतीय हैवीवेट मुक्केबाजी में अपना दबदबा बनाया और 1966 तथा 1970 के एशियाई खेलों में लगातार स्वर्ण पदक जीते थे, अर्जुन पुरस्कार और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता भी रहे हैं।







