World Boxing Cup Finals: वर्ल्ड बॉक्सिंग फाइनल इस बार भारत में खेला जा रहा है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत भारत में आगमी 14 नवम्बर से ग्रेटर नोएडा के शहीद विजय सिंह पथिक स्टेडियम में खेला जाएगा। तभी तो अब भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह की मानें तो हाल ही में लिवरपूल में विश्व चैंपियन बनने वाली जैस्मिन (57) और मीनाक्षी हुड्डा (48) अगर विश्वकप फाइनल्स में खिताब जीतती हैं तो ये दोनों अपने-अपने भार वर्गों में दुनिया की नंबर एक मुक्केबाज बन जाएंगी।
निकहत जरीन के लिए आसान नहीं होगी वापसी :-

इसके अलावा पेरिस ओलंपिक के बाद से पूर्व विश्व चैंपियन निकहत जरीन के लिए मुक्केबाजी के रिंग में वापसी करना आसान नहीं रही है। क्यूंकि इस बार हुई विश्व चैंपियनशिप में वह कोई कमाल नहीं दिखा सकीं थी। वहीं अब अपने घर में होने जा रहा यह बॉक्सिंग विश्वकप फाइनल्स सिर्फ उनके लिए ही नहीं बल्कि 2023 की विश्व चैंपियन स्वीटी के लिए भी वापसी का बड़ा मंच बनने जा रहा है।
पथिक स्टेडियम में खेला जाएगा मेगा टूर्नामेंट :-
इसके अलावा आगामी 14 नवंबर से ग्रेटर नोएडा शहीद विजय सिंह पथिक स्टेडियम में होने वाले इस टूर्नामेंट को निकहत जरीन और स्वीटी बूरा ने अपना स्वर्णिम लक्ष्य बनाया है। तभी तो अब स्वीटी तो दो वर्ष पूर्व विश्व चैंपियन बनने के बाद पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लेने वाली हैं। इस बार वह अपने पुराने भार वर्ग 75 में ही खेलने वाली हैं।

भारत इस टूर्नामेंट का मेजबान होने के चलते पुरुष और महिलाओं के सभी 10-10 भार वर्गों में अपने मुक्केबाज उतारने जा रहा है। इसके अलावा भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह की मानें तो हाल ही में लिवरपूल में विश्व चैंपियन बनने वाली जैस्मिन (57) और मीनाक्षी हुड्डा (48) अगर विश्वकप फाइनल्स में विजेता बनती हैं तो दोनों अपने भार वर्गों में दुनिया की नंबर एक मुक्केबाज बन जाएंगी।
दो साल बाद रिंग में वापसी करेंगी स्वीटी बूरा :-
भारत की स्टार महिला मुक्केबाज लवलीना इस समय चोटिल हैं। तभी तो उनकी जगह पर खेल रहीं स्वीटी का कहना है कि साल 2023 में विश्व चैंपियन बनने के बाद उनके लिए दो साल उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं। वहीं यह 75 भार वर्ग उनके लिए नया नहीं है।

क्यूंकि उनका वजन 76 से 77 किलो के आसपास ही रहता है। इसलिए वजन कम करने में परेशानी नहीं हुई है। लेकिन अब इस विश्वकप के जरिये वह फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ने उतरेंगी। जबकि निकहत का कहना है कि यह टूर्नामेंट उनके लिए काफी अहम है। इसमें वह स्वर्ण जीतकर 300 अंक जुटाते हुए रैंकिंग सुधारना चाहेंगी।
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