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भारतीय खिलाड़ियों की ओलंपिक, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों की सभी बड़ी अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हालिया सफलता से सिर्फ खिलाड़ियों के दर्जे में इजाफा नही हुआ है बल्कि इससे उनसे लगी उम्मीदों का भी बोझ बढ़ा है।

तेजस ने अभी हाल में ही 9 मई को नीदरलैंड में 13.56 सेकेंड समय के साथ अपना बेस्ट प्रदर्शन किया था। बुधवार को ये रेस जीतकर उन्होंने एथलेटिक्स रोड टू पेरिस की सुंची में रैंकिंग में उपर जा सकते हैं।

लेकिन इन सभी पहलवानों ने अपनी लगन और निरंतर कड़ी मेहनत के बल पर अपना सपना तो पूरा किया, बल्कि भारत को इस क्षेत्र में वर्ल्ड लेवल पर अगल ही पहचान दिलाई। इसी कड़ी में आपको मिलाते हैं भारत देश की उन महिला पहलवानों से जिन्होंने देश को वर्ल्ड चैम्पियनशिप में मेडल दिलाया और भारत का नाम रोशन किया। 

अनुभव के मामले में हिंदुस्तान के पास कई बड़े-बड़े खेल पत्रकाम मौजूद हैं। लेकिन आज के इस लेख में हम वर्तमान के पांच ऐसे खेल पत्रकारों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जो आज भारत में सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं।

अब भारत विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में तीसरे स्थान पर पहुँच गया है। पांचवे दिन भारत ने 5 पदक जीते।

Paris Olympics 2024 : इस बार पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए भारतीय कुस्ती संघ ट्रायल करने के मूंड में नहीं है। तभी तो इस बार 6 भारतीय पहलवानों को बिना ट्रायल के ही डायरेक्ट एंट्री देने का फैसला किया है। इस सब की जानकारी भारतीय कुस्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने दी है।

World Para Championships: भारतीय पैरा एथलीट दीप्ति जीवनजी ने केवल दो वर्ष पहले ही एथलेटिक्स को ज्वाइन किया है। क्यूंकि उनकी आँखों में समस्या है। दीप्ति जीवनजी ने रविवार को ही अपनी इस हीट में 56.18 सेकंड का समय निकालते हुए एक नया एशियाई कीर्तिमान बनाया था। जिसको अब दीप्ति जीवनजी ने फाइनल हीट में विश्व कीर्तिमान में बदल दिया है।

रविवार को फ्लाईवेट केटेगरी में जैसे ही का मुकाबला शुरू हुआ अंगद बिष्ट ने विरोधी पर ताबड़तोड़ पंच बरसाना शुरू कर दिया। इस खबर के आने के बाद उत्तराखंड में खुशी का माहौल है। अगंद बिष्ट ने जब तक विरोधी खिलाड़ी कुछ समझ पाता  तब तक तो अंगद ने अपनी फुर्ती और अपने खतरनाक तेवर से घायल कर दिया। इसे देखते हुए मैच रेफरी ने टेक्निकल नॉकआउट (TKO) के नियम से फैसला अंगद के पक्ष में दे दिया।

Paris Paralympics: इस बार पेरिस पैरालंपिक का आयोजन 28 अगस्त से आठ सितंबर के बीच होना है। अब इसके लिए भारत के सुकांत कदम और सुहास एल वाई ने क्वालीफाई कर लिया है। क्यूंकि कदम पिछले कई वर्षों से काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे और देश के लिए पदक जीत रहे थे।

भारत ने खेल के महाकुंभ ओलंपिक में आज से लगभग 125 साल पहले कदम रख दिया था। लेकिन भारत ने ओलंपिक में जितना समय बिताया है उस हिसाब से देश की झोली में मेडल नहीं आ पाए। आज के इस लेख में हम आपको ओलंपिक में भारत के इतिहास और उपलब्धियों के बारे में बताने वाले हैं।