Monday, February 16

भारतीय क्रिकेट ने देश को एक से बढ़कर एक खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने अपने खेल से दुनियाभर पर राज किया है। अपना करियर खत्म करने के बाद वो खिलाड़ी या तो कोचिंग या फिर कमेंट्री में लग जाते हैं। उनमें से गिने-चुने ही प्लेयर्स होते हैं जो कि एडमिनिस्ट्रेशन में आगे जाना चाहते हैं।

बीसीसीआई दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेटिंग बॉडी है और इसका संचालन करना काफी मुश्किल होता है। हालांकि कई ऐसे क्रिकेटर रहे हैं जिन्होंने पहले इस खेल में अपना नाम कमाया और उसके बाद एडमिनिस्ट्रेशन लेवल पर अच्छा काम करते हुए आगे की पीढ़ियों के लिए भी योगदान दिया। तो चलिए जानते हैं उन दिग्गज खिलाड़ियों के बारे में जो बीसीसीआई प्रेसिडेंट बने हैं।

वो खिलाड़ी जो बाद में बने बीसीसीआई प्रेसिडेंट

10. एस. दिग्विजयसिंहजी (S. Digvijaysinhji) -1937-38

S Digvijaysinhji
S Digvijaysinhji

भले ही दिग्विजयसिंह जी ने ज़्यादा क्रिकेट न खेला हो लेकिन बतौर बीसीसीआई प्रेसिडेंट उन्होंने काफी अच्छा काम किया था। वेस्टर्न इंडिया के लिए इस खिलाड़ी ने एक फर्स्ट क्लास मैच खेला, जिसकी दो पारियों में 3.00 की औसत से छह रन बनाए। अपने छोटे से करियर के दौरान पूर्व खिलाड़ी ने न तो गेंदबाज़ी की और न ही फील्डिंग में कोई कैच लिया। वह 1937-38 में बीसीसीआई के प्रेसिडेंट रहे थे।

9. एंथनी डी मेलो (Anthony de Mello) 1946-1951

Anthony deMello
Anthony deMello

एंथनी डी मेलो ने बॉम्बे टूर्नामेंट में दिल्ली की तरफ से खेले थे। उन्होंने अपने करियर में 11 फर्स्ट क्लास मैच खेले, जिनमें उन्होंने 5.12 की औसत से 82 रन बनाए और इसके अलावा 17 विकेट लिए, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी प्रदर्शन 66 रन देकर 6 विकेट लेना था। वह 1946-51 तक बीसीसीआई के प्रेसिडेंट रहे थे।

8. विजयनगरम के महाराज कुमार (Maharaj Kumar of Vizianagaram ) 1954-56

Maharaj Kumar of Vizianagaram
Maharaj Kumar of Vizianagaram

विजयनगरम के महाराज कुमार ‘विज्जी’ के नाम से प्रसिद्ध थे। उन्होंने भारत के लिए तीन टेस्ट मैच और 47 फर्स्ट क्लास मैच खेले थे। टेस्ट मैचों में उनका प्रदर्शन साधारण रहा, जिसमें 8.25 की औसत से 33 रन बनाए थे। हालांकि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में, उन्होंने 1,228 रन बनाए, जिसमें 5 अर्धशतक शामिल थे और इस दौरान उन्होंने चार विकेट भी लिए। वह 1954 से लेकर 1956 तक बीसीसीआई के प्रेसिडेंट बने थे।

7. फतेहसिंहजी गायकवाड़ (Fatehsinhji Gaekwad) 1963-1966

Fatehsinhji Gaekwad
Fatehsinhji Gaekwad

फतेहसिंहजी गायकवाड़ ने बड़ौदा के लिए 28 फर्स्ट क्लास मैच खेले, जिनमें उन्होंने 21.30 की औसत से 831 रन बनाए, जिसमें 5 पचास शामिल थे और उनका हाईएस्ट स्कोर 99 था। उनके नाम गेंदबाज़ी में एक विकेट था। वह 1963 से लेकर 1966 तक बीसीसीआई के प्रेसिडेंट बने हुए थे।

6.  रामप्रकाश मेहरा (Ramprakash Mehra) – 1975-1977

Ramprakash Mehra
Ramprakash Mehra

रामप्रकाश मेहरा ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में दिल्ली और ईस्टर्न पंजाब टीमों के लिए मैच खेले थे। उन्होंने खेले 34 मैचों में 31.50 की औसत से 1,607 रन बनाए, जिसमें तीन शतक और आठ अर्धशतक शामिल थे, और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 209 रन था। इसके साथ-साथ वह साल 1975 से लेकर 1977 तक बीसीसीआई के प्रेसिडेंट भी थे।

5. राजसिंह डूंगरपुर (Rajsingh Dungarpur) 1996-1999

Rajsingh Dungarpur
Rajsingh Dungarpur

राजसिंह डूंगरपुर ने भी अपना फर्स्ट क्लास करियर मध्य भारत और राजस्थान के लिए खेला। इस दौरान 86 मुकाबले खेले, जिनमें उन्होंने 1,292 रन बनाए और 206 विकेट लिए। इसके अलावा उन्होंने मैच में पाँच बार चार विकेट और एक बार दस विकेट भी लिए। साल 1996 से 1999 तक पूर्व खिलाड़ी ने बीसीसीआई के प्रेसिडेंट की कमान भी संभाली थी।

4. अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) – 2016-17

Anurag Thakur
Anurag Thakur

भाजपा सरकार में मंत्री और पूर्व क्रिकेटर अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक मैच खेला था, जिसमें वह कोई रन नहीं बना सके, लेकिन नौ ओवर में 2 विकेट जरूर चटकाए। उन्होंने साल 2016-17 में बतौर बीसीसीआई प्रेसिडेंट कमान संभाली थी।

3. सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) – 2019-2022

Sourav Ganguly
Sourav Ganguly

भारत के महानतम क्रिकेटरों में से एक सौरव गांगुली ने पहले बतौर भारतीय कप्तान वर्ल्ड लेवल पर लड़ना सिखाया और उसके बाद एडमिनिस्ट्रेशन लेवल पर भी अच्छा काम किया। कोविड के दौरान आईपीएल कराना और घरेलू क्रिकेट में लगातार नए-नए बदलाव करना उनके समय में ही शुरू हुआ था।

सौरव गांगुली ने 254 फर्स्ट क्लास मैच खेले, जिनमें 44.18 की औसत से 15,687 रन बनाए, जिसमें 33 शतक शामिल थे। यही नहीं, 437 लिस्ट ए मैचों में उन्होंने 41.32 की औसत से 15,622 रन बनाए। इसके साथ ही पूर्व कप्तान ने फर्स्ट क्लास में 167 और लिस्ट ए में 171 विकेट भी लिए। वह साल 2019 से लेकर 2022 तक बीसीसीआई के प्रेसिडेंट भी थे।

2. रोजर बिन्नी (Roger Binny) –  2022–2025

Roger Binny
Roger Binny

भारत को पहली बार वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले रोजर बिन्नी ने बतौर बीसीसीआई प्रेसिडेंट भी सराहनीय भूमिका निभाई थी। भारत को क्रिकेट में वर्ल्ड लेवल पर लाने में 1983 वर्ल्ड कप का बहुत महत्व रहा है और उसमें उनका प्रदर्शन भी अच्छा रहा था।

बिन्नी ने 136 फर्स्ट क्लास मैचों में 34.08 की औसत से 6,579 रन बनाए, जिसमें 14 शतक भी शामिल थे और उस दौरान उन्होंने 205 विकेट भी अपने नाम किए। यही नहीं, लिस्ट ए में इस दिग्गज ऑलराउंडर ने 1,038 रन बनाने के साथ-साथ 122 विकेट भी लिए।

रोजर को सौरव गांगुली के जाने के बाद बीसीसीआई का प्रेसिडेंट बनाया गया था और उनकी उम्र 70 पार होने के चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा था। क्योंकि बोर्ड के नियमानुसार कोई भी व्यक्ति 70 साल से अधिक उम्र तक एडमिनिस्ट्रेशन में नहीं रह सकता है।

1. मिथुन मन्हास (Mithun Manhas) – 2025

Mithun Manhas
Mithun Manhas

मिथुन मन्हास घरेलू क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज़ हैं। हालांकि शानदार प्रदर्शन के बावजूद उनको कभी टीम इंडिया के लिए डेब्यू करने का मौका नहीं मिला। लेकिन डोमेस्टिक क्रिकेट में वह लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे। उन्होंने लंबे समय तक रणजी ट्रॉफी में दिल्ली की कमान संभाली थी और उनकी कप्तानी में टीम 2007-08 में ट्रॉफी जीतने में भी सफल हुई थी।

मन्हास ने 157 फर्स्ट क्लास मैच खेले, जिनमें 45.82 की औसत से 9,714 रन बनाए और उसमें 27 शतक भी शामिल थे। लिस्ट ए क्रिकेट में उन्होंने 45.84 की औसत से 4,126 रन बनाए। उन्होंने गेंदबाज़ी में भी योगदान दिया और फर्स्ट क्लास में 40 और लिस्ट ए क्रिकेट में 25 विकेट लिए।

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आकाश अवस्थी स्पोर्ट्स डाइजेस्ट हिंदी में बतौर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और स्पोर्ट्स जर्नलिज्म में दो वर्षों का अनुभव रखते हैं। इससे पहले वे इंडिया न्यूज़ और स्पोर्ट्सविकी जैसे प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म्स के साथ भी काम कर चुके हैं। क्रिकेट, कबड्डी और अन्य खेलों की बारीकियों को गहराई से समझना और उन्हें आसान व रोचक अंदाज में पाठकों तक पहुंचाना उनकी खासियत है। खेल जगत के साथ साथ पॉलिटिक्स की हर हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है।

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