पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने दावा किया है कि 2012-13 के दौरान चयन समिति सचिन तेंदुलकर के विकल्प की तलाश कर रही थी।
भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने 2013 में अपने 200वें टेस्ट मैच के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए उस मुकाबले में उन्होंने शानदार 74 रन की पारी खेली और 24 साल लंबे अपने ऐतिहासिक करियर का अंत किया।
हालांकि, अब उनके रिटायरमेंट को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल (Sandeep Patil) ने दावा किया है कि चयन समिति ने तेंदुलकर के संन्यास से करीब एक साल पहले ही उनके संभावित विकल्प की तलाश शुरू कर दी थी।
चयन समिति सचिन के विकल्प की तलाश में थी
सितंबर 2012 से सितंबर 2016 तक बीसीसीआई के चीफ सेलेक्टर रहे संदीप पाटिल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में इस मुद्दे पर खुलकर बात की।
उनके अनुसार 2012 और 2013 की शुरुआत में सचिन तेंदुलकर का फॉर्म उम्मीद के मुताबिक नहीं था। ऐसे में चयन समिति भविष्य को ध्यान में रखते हुए टीम में बदलाव पर विचार कर रही थी।
सचिन तेंदुलकर भी रह गए थे हैरान
संदीप पाटिल ने बताया कि जब उन्होंने सचिन तेंदुलकर से इस विषय पर बात की तो वह खुद भी इस चर्चा को सुनकर हैरान रह गए थे।
पाटिल ने कहा, “मैंने उनसे पूछा कि आपके आगे के क्या प्लान हैं। सचिन ने पूछा क्यों? तब मैंने बताया कि चयन समिति आपके विकल्प की तलाश कर रही है। वह चौंक गए और उन्होंने दोबारा फोन करके पूछा, क्या आप सच में ऐसा कह रहे हैं? मैंने कहा हाँ।”
चयन समिति के फैसलों को नहीं मिला श्रेय
संदीप पाटिल ने यह भी कहा कि उस समय की चयन समिति को कई बड़े खिलाड़ियों को मौका देने का श्रेय नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि उसी दौर में जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा और अजिंक्य रहाणे जैसे खिलाड़ियों को टीम में लाने में चयन समिति की अहम भूमिका थी।
पाटिल ने कहा, “लोगों को बस यही याद है कि हमने सचिन को ड्रॉप किया था। लेकिन शमी आए, बुमराह आए, अश्विन, जडेजा और रहाणे आए। उन फैसलों के बारे में कोई बात नहीं करता।”
200वें टेस्ट के साथ खत्म हुआ महान करियर
सचिन तेंदुलकर ने नवंबर 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी।
उनका आखिरी मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया, जो उनके करियर का 200वां टेस्ट भी था। इसी सीरीज में रोहित शर्मा और मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था।
आज भी रिकॉर्ड बुक में सबसे आगे सचिन
संन्यास के कई साल बाद भी सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड आज तक कायम है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 34,357 रन बनाए, जो किसी भी खिलाड़ी द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा रन हैं।
सचिन टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं और टेस्ट क्रिकेट में 50 शतक लगाने वाले इकलौते खिलाड़ी भी हैं।
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