दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए वनडे के बाद प्रेनेलन सुब्रायन के ऊपर संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन को लेकर रिपोर्ट किया गया है। ऑफ स्पिनर ने इस मैच के दौरान गेंदबाजी करते हुए दस ओवरों में 46 रन देकर 1 विकेट लिया और ओपनर बल्लेबाज ट्रैविस हेड को आउट किया। इस तरह साउथ अफ्रीका ने 98 रनों से जीत हासिल कर वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। 31 वर्षीय सुब्रायन का यह वनडे डेब्यू था, जो बुलावायो में ज़िम्बाब्वे के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेलने के लगभग दो महीने बाद हुआ।

जानिए क्या हैं पूरा मामला
सुब्रायन को अब 14 दिनों के भीतर ICC द्वारा मान्यता प्राप्त परीक्षण केंद्र में अपने गेंदबाजी एक्शन का जाँच करवाना होगा। दक्षिण अफ्रीका को उम्मीद है कि वह ब्रिस्बेन में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय क्रिकेट केंद्र में ऐसा करने में सफल होंगे, जहाँ इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के बाएँ हाथ के स्पिनर मैथ्यू कुहनेमन का परीक्षण किया गया था । गेंदबाज़ों को गेंद फेंकते समय कोहनी को 15 डिग्री तक मोड़ने की अनुमति है और जब तक उनके गेंदबाजी के परीक्षण के नतीजे नहीं आ जाते हैं,उस दौरान वह एक भी मैचों में गेंदबाजीनहीं कर सकते हैं। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के कोच शुक्री कॉनराड ने कहा कि टीम ने फैसला किया है कि सुब्रायन परीक्षण प्रक्रिया पूरी होने तक वह नहीं खेलेंगे।
“वह खेलने के लिए उपलब्ध है,” कॉनराड ने कहा। “जब तक आपका परीक्षण नहीं हो जाता, तब तक आपको खेलने की अनुमति बोर्ड के तरफ नहीं है
इसके पहले भी इन प्लेयर्स के गेंदबाज़ी एक्शन पर लगे चुके हैं बैन
सचित्रा सेनानायके- सचित्रा सेनानायके को 2014 में आईसीसी ने अवैध गेंदबाजी एक्शन के कारण बैन किए था, इसके बाद सचित्रा ने नियमों के हिसाब से अपनी गेंदबाजी में बदलाव किया है। सफल जाँच के बाद उनकी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी ने यह साबित किया कि संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन वाले गेंदबाज मेहनत और सुधार से दोबारा मौका पा सकते हैं।
दक्षिण अफ्रीका केजोहान बोथा की संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के लिए रिपोर्ट की गई और बाद में उन्हें तब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बैन कर दिया कर दिया गया था जब तक कि उनकी गेंदबाजी एक्शन सही साबित नहीं हो जाती। सुधार और परीक्षण पास करने के बाद, उन्हें फिर से गेंदबाजी करने की अनुमति दे दी गई। बोथा की कहानी आईसीसी की सख्त कार्रवाई नीतियों के बावजूद दृढ़ता की एक मिसाल है इन्होने अपने गेंदबाजी में काम करके इंटरनेशनल क्रिकेट खेला ।
सईद अजमल– 2014 में कोहनी के फ़ैलाने के विस्तार की गाइडलाइन से ज़्यादा विस्तार के कारण प्रतिबंधित किए गए थे. सईद अजमल को अपनी अपने गेंदबाजी के स्टाइल को नए सिरे से तैयार करना पड़ा। सुधार और बायोमैकेनिकल परीक्षणों के बाद, उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की अनुमति मिल गई। उनका यह सफ़र गेंदबाज़ों के सामने आने वाली चुनौतियों को दर्शाता है, कि मेहनत के दम पर इसमें सुधार किया जा सकता है।
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