12 सितंबर, 2009… यही वो तारीख है जब भारतीय क्रिकेट ने राज सिंह डूंगरपुर जैसे दिग्गज को खो दिया। यह वो नाम है जिसने न सिर्फ भारत, बल्कि विश्व क्रिकेट को कुछ अनमोल तोहफे दिए लेकिन उनमें से सबसे नायाब सचिन तेंदुलकर थे। उनका जन्म 19 दिसंबर 1935 को राजस्थान के डूंगरपुर में हुआ था।
डूंगरपुर ने 16 साल तक फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेला और 20 साल तक बीसीसीआई से भी जुड़े रहे। वह दो बार टीम इंडिया के चयनकर्ता रहे और इस दौरान उन्होंने सचिन तेंदुलकर जैसे नायाब हीरे को टीम इंडिया के लिए चुना था।
16 साल की उम्र में डूंगरपुर ने किया था सचिन का टीम इंडिया में चयन

क्रिकेट जगत में राजभाई के नाम से मशहूर राज सिंह डूंगरपुर 1989-90 में टीम इंडिया के चयनकर्ता थे और इस दौरान उन्होंने तेंदुलकर को महज 16 साल की उम्र में राष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका दिया था। डूंगरपुर ने सचिन को क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (CCI) में प्रवेश दिलाने के लिए नियमों को भी तोड़ दिया था।
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इसका खुलासा भी तेंदुलकर ने एक बार एक कार्यक्रम में किया था। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन ने बताया कि राज सिंह ने उन्हें मात्र 14 साल की उम्र में सीसीआई के ड्रेसिंग रूम में प्रवेश दिलाने के लिए नियमों को तोड़ा था।
इंग्लैंड में मेरी ट्रेनिंग के लिए डूंगरपुर ने खुद जुटाए स्पॉन्सर
इतना ही नहीं, डूंगरपुर ने इंग्लैंड में सचिन की ट्रेनिंग अच्छी से हो सके इसके लिए स्पॉन्सर भी खुद जुटाए थे। उन्होंने कहा, “इन मैचों में रन बनाने के बाद, तुम्हें अपनी दसवीं की परीक्षाओं पर ध्यान देना चाहिए। अगर तुम इसी तरह खेलते रहे, तो वह दिन दूर नहीं जब तुम भारत के लिए खेलोगे।” इसके बाद, उसी साल नवंबर में मुझे टीम इंडिया में शामिल कर लिया गया।
रणजी ट्रॉफी में फोकस करने को कहा
तेंदुलकर ने यह भी बताया कि, उनका पहला रणजी ट्रॉफी सीज़न काफी सफल रहा था। उस समय इस बात पर बहस चल रही थी कि क्या वे वेस्टइंडीज दौरे पर जाएंगे। उस समय मुख्य चयनकर्ता राज सिंह थे और उन्होंने सचिन से संपर्क किया। उन्होंने मुझे बताया कि वे वेस्टइंडीज दौरे पर नहीं जा रहे हैं। क्रिकेट के भगवान ने कहा, “डूंगरपुर मेरे पास आए और मुझे रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल और फाइनल पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा।”
अनिल कुंबले जैसे दिग्गज को भी दिया टीम में मौका
राज सिंह डूंगरपुर ने सिर्फ सचिन तेंदुलकर को ही नहीं बल्कि कई अन्य खिलाड़ियों को भी टीम में चुना जो आगे जाकर दिग्गज बने, उनमें से भारत के महानतम स्पिनर अनिल कुंबले भी शामिल हैं। यही नहीं, इसके अलावा मोहम्मद अजहरुद्दीन को टीम इंडिया का कप्तान बनाने में भी डूंगरपुर का ही हाथ था।
डूंगरपुर और लता मंगेशकर करते थे प्यार
कहा जाता है कि राज सिंह डूंगरपुर और देश की महान गायिका लता मंगेशकर एक-दूसरे से प्यार करते थे। डूंगरपुर और लता के भाई दोस्त थे और अक्सर उनके घर आते-जाते रहते थे। इस दौरान लता और राज की दोस्ती हुई। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। हालाँकि, उनका प्यार कभी शादी में नहीं बदल पाया। उसके बाद न तो लता मंगेशकर और न ही राज सिंह डूंगरपुर ने किसी से शादी की।







