संजू सैमसन ने बताया कि यह पारी उनके संघर्ष भरे सफर का सबसे खास पल है।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की जीत सिर्फ एक मैच जीत नहीं थी, बल्कि संजू सैमसन (Sanju Samson) के करियर की सबसे भावुक कहानी बन गई। लंबे समय तक टीम में जगह को लेकर सवाल झेलने वाले इस बल्लेबाज ने दबाव में नाबाद 97 रन बनाकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया और मैच खत्म होते ही उनके चेहरे पर सालों की मेहनत का असर साफ दिखाई दे रहा था।

जब जीत का चौका लगा तो सैमसन घुटनों के बल बैठ गए, आसमान की ओर देखा, हेलमेट फेंका और हाथ जोड़कर शुक्रिया किया। उसी पल समझ आ गया था कि यह पारी उनके लिए सिर्फ रन नहीं बल्कि एक सपना पूरा होने जैसा है। बाद में उन्होंने जो कहा, उसमें उनका पूरा संघर्ष साफ झलक रहा था।

“यह मेरे लिए पूरी दुनिया जैसा है” – संजू सैमसन

सैमसन ने कहा कि यह पल उनके लिए सिर्फ एक अच्छा मैच नहीं बल्कि जिंदगी का सबसे बड़ा सपना था।

उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए पूरी दुनिया जैसा है। जब से मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया, तभी से देश के लिए खेलने का सपना देखा था। मुझे लगता है कि मैं उसी दिन का इंतजार कर रहा था।”

यह बयान उस भावनात्मक प्रतिक्रिया से जुड़ा था जो जीत के बाद मैदान पर दिखी। उन्होंने मानो अपने बचपन के सपने को उस एक शॉट में जी लिया।

“मेरे करियर में बहुत उतार-चढ़ाव आए” – सैमसन

सैमसन ने अपने सफर की कठिनाई भी नहीं छिपाई। उन्होंने साफ कहा कि उनके लिए यह रास्ता आसान नहीं था।

अपने करियर में आई मुश्किलों के बारे में बात करते हुए सैमसन ने कहा, “मेरे सफर में बहुत उतार-चढ़ाव आए। कई बार खुद पर शक हुआ। बार-बार सोचा कि क्या मैं यहां तक पहुंच पाऊंगा या नहीं। लेकिन मैंने विश्वास नहीं छोड़ा।”

“भगवान का शुक्रिया कि यह दिन मिला”

सैमसन ने बताया कि मैच के बाद उनका आसमान की ओर देखना और ऊपर देखते हुए हाथ उठाना इसी भावना का हिस्सा था।

उन्होंने कहा, “आज मैं भगवान का शुक्रिया अदा करता हूँ कि उन्होंने मुझे यह दिन देखने का मौका दिया। मैं बहुत खुश हूँ।”

“मैं बस साझेदारी बनाना चाहता था”

जब शुरुआती विकेट गिर गए थे और भारत मुश्किल में था, तब सैमसन ने जोखिम भरा खेल नहीं खेला बल्कि पारी को संभाला।सैमसन ने कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ टीम को स्थिर करना था।

अलग-अलग साझेदारियों पर सैमसन ने कहा, “मैं लंबे समय से इस फॉर्मेट में खेल रहा हूँ। महान खिलाड़ियों जैसे विराट [कोहली] को देखकर बहुत कुछ सीखा है। मेरा लक्ष्य सिर्फ साझेदारी बनाना था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि कुछ इतना खास कर पाऊंगा।”

“यह मेरे जीवन के सबसे महान दिनों में से एक है”

अंत में सैमसन ने फैंस और माहौल की भी बात की। उन्होंने कहा, “यह मेरे जीवन के सबसे महान दिनों में से एक है। फैंस का सपोर्ट और ऊर्जा हमेशा मुझे आगे बढ़ाती है। मैंने सिर्फ गेंद को देखा और खुद पर भरोसा रखा।”

मैच में क्या हुआ

कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट खोकर 195 रन बनाए। रोस्टन चेज, जेसन होल्डर और रोवमैन पॉवेल की पारियों ने स्कोर को बड़ा बना दिया।

जवाब में भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही, लेकिन सैमसन ने एक छोर संभाल लिया। उन्होंने 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन बनाकर भारत को 19.2 ओवरों में 5 विकेट से जीत दिलाई। यह जीत भारत को सीधे सेमीफाइनल में ले गई।

अब भारत 05 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल खेलेगा। सैमसन की यह पारी सिर्फ मैच जीत नहीं, बल्कि उनके करियर की कहानी बदलने वाला पल बन चुकी है।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।

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