T20 World Cup 2026: भारत और पाकिस्तान की टीम के बीच इस समय टी20 वर्ल्ड कप 2026 का मुकाबला खतरे में पड़ गया है। क्यूंकि पाकिस्तान की टीम ने आगामी 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले इस मैच के बहिष्कार का ऐलान किया है। इसके अलावा पाकिस्तान की सरकार ने इस मेगा टूर्नामेंट में अपनी टीम के शामिल होने का ऐलान करते हुए यह कहा है कि भारत के खिलाफ मैच में उनकी टीम नहीं उतरने वाली है।
इसके चलते हुए अब पाकिस्तान के इस एक फैसले ने इन दोनों देशों के बीच नए विवाद को जन्म दे दिया है। इस बीच जहां ICC ने पाकिस्तान से फिर से अपने फैसले पर विचार करने को कहा है तो वहीं PCB के खिलाफ कड़े एक्शन की चर्चाएं भी अब तेज हो गई हैं। लेकिन अब क्या बाकई में ऐसा होगा। क्या पहले कभी किसी टीम को इस तरह से सजा मिली है। इसके अलावा आईसीसी के टूर्नामेंट को अब 50 साल से ज्यादा हो चुके हैं।

इसके अलावा साल 1975 में पहले पुरुष वर्ल्ड कप के साथ इसका आगाज हो गया था। लेकिन इतने सालों में कुछ ही मौकों पर किसी मैच के बॉयकॉट का मामला सामने आया है। इस बीच अब पाकिस्तान का भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करना कोई पहला मामला नहीं होने जा रहा है। क्यूंकि इससे पहले भी 2 अलग-अलग वर्ल्ड कप के दौरान 4 मैच इसी तरह के बॉयकॉट की भेंट चढ़ गए थे। उस समय इनका असर उस टूर्नामेंट पर नजर आया था।
ऑस्ट्रेलिया-वेस्टइंडीज ने नहीं खेले थे मैच :-
इस तरह के बॉयकॉट का पहला मामला साल 1996 में भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका में आयोजित वर्ल्ड कप के दौरान आया था। तब ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज की टीम ने श्रीलंका में प्रस्तावित अपने मैच का बॉयकॉट कर दिया था। वहीं यह वो दौर था जब श्रीलंका में उग्रवादी संगठन LTTE का कहर छाया था और उसने वर्ल्ड कप से ठीक एक महीने पहले कोलंबो में एक बैंक में बम धमाका किया था। तब उस धमाके में 91 लोगों की मौत हो गई थी। इसी वजह से तब ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में अपने मैचों का बहिष्कार कर दिया था।

इसके बाद आईसीसी को तब मजबूरी में इन दोनों की बात माननी पड़ी थी। इसके चलते हुए इन दोनों ही टीम को इसके बदले कोई सजा नहीं मिली थी। इसके अलावा तब यह तय हुआ था कि ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज अपने पॉइंट्स सरेंडर करेंगे और श्रीलंका को पूरे 2-2 पॉइंट्स मिलेंगे। इसके चलते हुए तब इस बात का श्रीलंका को ही फायदा हुआ था। इसके बाद उन्होंने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को ही हराते हुए पहली बार वर्ल्ड कप का खिताब भी जीता था। लेकिन तब ऑस्ट्रेलिया-वेस्टइंडीज पर किसी तरह का बैन या जुर्माना नहीं लगा था।
इंग्लैंड-न्यूजीलैंड ने भी किया था बहिष्कार :-
इसके बाद फिर ठीक 8 साल बाद वर्ल्ड कप 2003 में भी एक बार ऐसी ही स्थिति बनीं थी। उस समय इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने अपने मैचों का बहिष्कार किया था। वहीं तब इंग्लैंड ने जिम्बाब्वे में प्रस्तावित अपने मैच का बहिष्कार किया था। क्यूंकि उस समय जिम्बाब्वे में राजनीतिक उठापटक चल रही थी।

इसके चलते हुए इंग्लैंड पर इस मैच के बहिष्कार का दबाव बन रहा था। इसके बाद उन्होंने भी सुरक्षा कारणों से मैच खेलने से इनकार कर दिया था। जबकि न्यूजीलैंड ने भी सुरक्षा का हवाला देते हुए केन्या में मैच खेलने से इंकार कर दिया था। तब इन दोनों ही टीमों ने अपने 2-2 पॉइंट्स सरेंडर किए थे। इसके अलावा इन दोनों पर कोई भी एक्शन नहीं लिया गया था।
क्या अब पाकिस्तान को भी नहीं मिलेगी सजा :-
इस बीच अब सवाल यह है कि पाकिस्तान के बॉयकॉट करने पर सजा की बातें क्यों हो रही हैं। वहीं इस बात की संभावना ज्यादा है। लेकिन इस बात का कोई सीधा जवाब नहीं है और कई अलग-अलग पहलू हैं। इसके अलावा दो मद्दे इसमें सबसे अहम हैं – पहली बात तो ये है कि पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों से भारत में वर्ल्ड कप खेलने से इनकार किया था।

इसके चलते हुए उसके सभी मैच श्रीलंका में आयोजित होने हैं। इसके लिए उसने ICC और BCCI के साथ कॉन्ट्रेक्ट किया था। इसके अलावा अब अगर वह इस कॉन्ट्रेक्ट को तोड़ रहा है और बिना किसी ठोस वजह के बॉयकॉट कर रहा है। इस दौरान अब पाकिस्तान की सरकार ने भले ही अपनी टीम को ये आदेश दिया है लेकिन इसकी कोई वजह नहीं बताई है। इसके अलावा उनके पास कोई बुनियादी वजह बहिष्कार की नहीं है।
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