Friday, February 13

भारत में सबसे ज्यादा पसंद किये जाने वाला खेल क्रिकेट है, लेकिन इतनी लोकप्रियता के बाद भी क्रिकेट भारत का राष्ट्रीय खेल नहीं है। भारत देश में हॉकी को ही राष्ट्रीय खेल माना  जाता है। क्या आपको भी यही लगता है कि वाकई में हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है? आपको बता दें कि आज तक इसका कोई भी सटीक प्रमाण नहीं मिला है। हम सभी लोगों को शुरू से ही स्कूल और कॉलेज में यही बताया जाता है कि भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है। लेकिन आएदिनों कुछ विवादों के बीच कई लोगों के मन में हॉकी बनाम राष्ट्रीय खेल को लेकर संशय बना हुआ है। इस आर्टिकल में हम आपके मन में उठ रहे इन्हीं सवालों के जवाब तलाश कर आपको एक सटीक उत्तर देने वाले हैं। तो आइए जानते है कि आखिर हॉकी आज भारत का राष्ट्रीय खेल है या फिर नहीं।

हॉकी क्या भारत का राष्ट्रीय खेल है?

सभी देशों का कोई ना कोई राष्ट्रीय खेल जरूर होता है। जैसे अमेरिका का बेसबॉल, इंग्लैंड का क्रिकेट तो फिर ब्राजील और फ़्रांस का फुटबॉल राष्ट्रीय खेल है। बचपन से कई दफा सुनते चले आये है की भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है और ज्यादातर लोगों को यही लगता है की हॉकी ही भारत का राष्ट्रीय खेल है। दरअसल, भारत का कोई राष्ट्रीय खेल है ही नहीं। बता दें की ओलंपिक में लगातार भारत का प्रदर्शन काफी बढ़िया रहा था, भारतीय हॉकी टीम ने लगातार 6 ओलम्पिक में जीत हासिल किया था। जिसकी वजह से भारत देश में हॉकी बहुत ज्यादा फेमस रहा और इसके बाद ही इस बात का विवाद बढ़ने लगा और सोशल मीडिया में पूछा जाने लगा कि हॉकी भारत का नेशनल गेम है या फिर नहीं। 

ये है हकीकत? 

अब आपके मन ये सवाल जरूर आ रहा होगा कि बचपन से ही हॉकी को राष्ट्रीय खेल सुनते आए हैं। आपको बता दें कि भारत का अभी तक कोई आधिकारिक राष्ट्रीय खेल नहीं है, क्योंकि भारत सरकार ने 2020 के एक सर्वे कर आरटीआई बताया था कि भारत में किसी भी खेल को राष्ट्रीय खेल का दर्जा नहीं दिया है। इसके पीछे की वजह यह है कि भारत अपने देश में सभी खेलों को एक समान रूप से मानती है। सरकार ने ये भी कहा था कि इससे हर एक खेल को एक दूसरे खेल से प्रोत्साहन मिलेगा। भारत सरकार का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि इससे सभी प्रकार के खेलों में अनुसाशन बना रहे और सभी खेलों को एक नजर से देखा जाए।   

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साल 2020 से स्पोर्ट्स पत्रकारिता में एक सिपाही के तौर पर कार्यरत हूं। प्रत्येक खेल में उसके सभी पहलुओं के धागे खोलकर आपके सामने रखने की कोशिश करूंगा। विराट व रोहित का बल्ला धोखा दे सकता है, लेकिन आपको यहां खबरों की विश्वसनियता पर कभी धोखा नहीं मिलेगा। बचपन से ही क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में खास दिलचस्पी होने के कारण इसके बारे में लिखना बेहद पसंद है।

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