5 Popular Sports That Have Never Been Part Of Olympics Games
ओलंपिक को हमेशा दुनिया भर में सबसे प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स इवेंट्स में से एक माना जाता है, जो हर चार साल में आयोजित किया जाता है। दुनिया भर के देश अपने फेवरेट इवेंट्स में हिस्सा लेने के लिए अपने टॉप एथलीट्स को ओलंपिक भेजते हैं, जहाँ वे मेडल जीतने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं।
ओलंपिक को मुख्य रूप से तीन कैटेगरी में बांटा गया है – ग्रीष्मकालीन (समर ओलंपिक), शीतकालीन (विंटर ओलंपिक) और पैराओलंपिक। इनमें समर ओलंपिक को दुनिया भर के खेल प्रेमियों के बीच सबसे पॉपुलर स्पोर्ट्स इवेंट्स में से एक माना जाता है।
26 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाले पेरिस ओलंपिक 2024 में 32 अलग-अलग स्पोर्ट्स खेले जाएंगे, जिनमें 329 इवेंट्स आयोजित होंगी। हालांकि, इतिहास में कुछ पॉपुलर स्पोर्ट्स ऐसे रहे हैं, जो कभी ओलंपिक का हिस्सा नहीं रहे। इनमें से कुछ को 2028 में होने वाले ओलंपिक के लिए मंजूरी मिल चुकी है, जबकि कुछ स्पोर्ट्स अभी भी अपनी जगह बनाने में कामयाब नहीं हुए हैं। यहाँ हम आपको, उन 5 स्पोर्ट्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो कभी ओलंपिक का हिस्सा नहीं रहे।
5 पॉपुलर स्पोर्ट्स जो कभी नहीं रहे ओलंपिक गेम्स का हिस्सा
1. स्क्वैश (Squash)

स्क्वैश (Squash) को आखिरकार 2028 के लॉस एंजलिस ओलंपिक में शामिल किए जाने को स्वीकृति मिल गई है, लेकिन यह अभी भी उन स्पोर्ट्स की सूची में शुमार है, जो कभी ओलंपिक का हिस्सा नहीं रहे। समय के साथ इसकी लोकप्रियता बढ़ने के बावजूद यह कभी ओलंपिक गेम्स में जगह नहीं बना सका।
बता दें कि, आमतौर पर टेनिस के वंशज के रूप में जाना जाने वाले स्क्वैश की उत्पत्ति 18वीं शताब्दी में लंदन की जेल में हुई थी। अगले संस्करण (2028) से ओलंपिक में स्क्वैश के शामिल होने से निश्चित रूप से इसे दुनिया भर में और भी अधिक लोकप्रियता हासिल होगी।
2. स्नूकर (Snooker)

1875 में भारत में शुरू हुए स्नूकर (Snooker) को जेंटलमैन गेम माना जाता रहा है। यह ज़्यादातर इंग्लैंड, चीन और दुनिया भर के कुछ अन्य कॉमनवेल्थ देशों में चर्चित है। हालांकि, इस खेल की लोकप्रियता ज़्यादातर पुरुषों तक ही सीमित है, इसीलिए इसे अभी तक ओलंपिक में जगह नहीं मिल पाई है। हालांकि, यदि आने वाले वर्षों में अन्य खेलों की तरह इस खेल की भी लोकप्रियता बढ़ी और पुरूष एवं महिला समानरूप से इस खेल को खेलना शुरू कर दें, तो शायद इसे ओलंपिक में जगह मिल जाए।
3. नेटबॉल (Netball)

नेटबॉल (Netball) में भी यही कमी है कि यह खासतौर से सिर्फ महिलाओं के बीच ही चर्चित है। इसके अलावा, यहाँ पुरूषों की भागीदारी कम है और इसमें उनका करियर भी ना के बराबर है। नेटबॉल को टोक्यो ओलंपिक 2020 में जगह दिलाने पर काफी जोर दिया गया था, लेकिन वहाँ सफलता नहीं मिल सकी।
हालांकि, जिस तरह से नेटबॉल की लोकप्रियता बढ़ रही है और इसमें लड़कियों के साथ-साथ लड़कों की भी रुचि बढ़ रही है, उससे यह खेल निश्चित ही आगे चलकर ओलंपिक का हिस्सा बनेगा। बता दें कि, विश्व नेटबॉल संगठन को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) द्वारा मान्यता प्राप्त है।
4. रोलर स्पोर्ट्स (Roller Sports)

साल 2000 से ही रोलर स्पोर्ट्स (Roller Sports) ओलंपिक में अपनी जगह बनाने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। हालांकि, बार-बार प्रयास करने के बाद भी उन्हें अभी तक ओलंपिक में जगह नहीं मिल पाई है। रोलर स्पोर्ट्स कुछ हद तक आइस स्केटिंग के जैसा है, लेकिन दोनों स्पोर्ट्स की कैटेगरी एक दूसरे से अलग हैं। आइस स्केटिंग पहले से ही विंटर ओलंपिक का हिस्सा है, हो सकता है कि, भविष्य में रोलर स्पोर्ट्स को भी ओलंपिक में जगह मिल जाए।
5. मिक्स्ड मार्शल आर्ट (MMA)

पिछले कुछ वर्षों में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) ने युवाओं के बीच बहुत लोकप्रियता हासिल की है, फिर भी इसे ओलंपिक के योग्य नहीं माना जाता है। दरअसल, यह एक हिंसक खेल होने के कारण आईओसी के मूल्यों का उल्लंघन करता है। दिलचस्प बात यह है कि, ताइक्वांडो और कराटे जैसे अन्य मार्शल आर्ट गेम्स ओलंपिक का हिस्सा हैं, क्योंकि उनमें स्कोरिंग के एक निश्चित नियम होते हैं और उन्हें आवश्यक सुरक्षात्मक उपकरणों के साथ खेला जाता है।







