Thursday, June 11

Paris Paralympics 2024: भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल ने इस बार भी पेरिस पैरालंपिक 2024 (Paris Paralympics 2024) में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। इस बार उन्होंने पैरालंपिक रिकॉर्ड दूरी के साथ भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता है। वहीं भारत के इस पैरा एथलीट को इन खेलों का नीरज चोपड़ा भी कहा जाता है। इससे पहले टोक्यो में हुए पैरालंपिक खेलों में भी सुमित ने भारत के लिए गोल्ड जीता था।

Sumit Antil
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इस बार पैरा जैवलिन थ्रो के नीरज चोपड़ा कहे जाने वाले भारत के पैरा एथलीट सुमित अंतिल ने पेरिस में कमाल ही कर दिखाया है। उन्होंने पेरिस पैरालंपिक 2024 (Paris Paralympics 2024) में एफ64 इवेंट में 70.59 मीटर दूर भाला फेंक कर पैरालंपिक रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

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इसके साथ ही अब वह पैरालंपिक या ओलंपिक में बैक टू बैक गोल्ड जीतकर अपने खिताब को बरकरार रखने वाले पहले भारतीय भी बन गए है। वहीं इससे पहले भी सुमित ने टोक्यो में हुए इन्ही खेलों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था। तभी तो अब हर कोई जानना चाहता है कि कौन हैं ये भारत के स्टार पैरा भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल।

Paris Paralympics 2024 कौन हैं सुमित अंतिल :-

सुमित अंतिल एक भारतीय पैरा एथलीट है। इनका जन्म 7 जून 1988 को हरियाणा के सोनीपत में खेवरा गांव में हुआ था। जब वह केवल 17 साल के थे तो तब एक सड़क हादसे में उनको अपना पैर गंवाना पड़ा। इस गंभीर सड़क दुर्घटना के बावजूद सुमित के अंदर खेल के लिए जुनून कम नहीं हुआ था।

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इसके बाद फिर इस भारतीय स्टार पैरा एथलीट सुमित अंतिल ने कृत्रिम पैर के साथ पैरा एथलीट के रूप में अपने देश भारत का नाम कई बार रौशन किया। इस बार हुए इन पेरिस पैरालंपिक 2024 (Paris Paralympics 2024) से पहले भी इस पैरा भारतीय एथलीट सुमित अंतिल ने इसी साल पैरा वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 69.50 मीटर भाला फेंक कर गोल्ड अपने नाम किया था।

Paris Paralympics 2024 टोक्यो पैरालंपिक 2020 में भी सुमित ने बनाया था रिकॉर्ड :-

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भारत के इस स्टार पैरा एथलीट सुमित अंतिल ने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में भी खूब धमाल मचाया था। तब उन्होंने तीन बार विश्व रिकॉर्ड कायम करते हुए 68.55 मीटर के प्रयास से गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद फिर उन्होंने साल 2023 पैरा विश्व चैम्पियनशिप में 70.83 मीटर के थ्रो के अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इसके बाद फिर उन्होंने हांगझोऊ एशियाई पैरा खेलों में इसमें सुधार करते हुए 73.29 मीटर के फिर से गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

Paris Paralympics 2024 क्या होता है पैरा एथलीट के लिए एफ64 :-

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इस कैटेगरी में उस तरह के एथलीट भाग लेते हैं जो हाथ या पैर के किसी विकार से ग्रसित हों। तभी तो इसके लिए ओलंपिक कमेटी की तरफ से अलग-अलग कैटेगरी तय की जाती है। इन सभी में से एक है F64। इस तरह की कैटेगरी में उन पैरा एथलीट को रखा जाता है जिन्हें पैर के निचले हिस्से में किसी तरह की समस्या होती है। तभी तो ऐसी स्थिति में एथलीट एस्थेटिक्स यानी कृत्रिम पैर का उपयोग करके खड़े होने की स्थिति वाली प्रतियोगिताओं में भाग ले सकते हैं।

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Sports Content Writer लाखन सैनी (Lakhan Saini) एक स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं, जो खेलों की दुनिया की बारीकियों को समझने और उसे सरल, सटीक और प्रभावशाली अंदाज में लिखने के लिए जाने जाते हैं। वे क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और अन्य खेलों की ख़बरें लिखने में महारत रखते हैं। उनकी लेखनी का उद्देश्य पाठकों को ताजा और सटीक जानकारियों के साथ अपडेट रखना है।

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