Chess: विश्व नंबर-एक चेस खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को आखिरकार क्लासिकल शतरंज में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं इस फॉर्मेट में उनको लगभग एक साल बाद हार का सामना करना पड़ा है।
इसके अलावा अब डच ग्रैंडमास्टर जोर्डन वान फॉरेस्ट ने टेपे सिजमेन टूर्नामेंट 2026 में कार्लसन को हराकर उनकी शानदार जीत की लय को अब तोड़ दिया है। वहीं अब यह हार गुकेश से मिली हार के बाद कार्लसन की पहली क्लासिकल हार है।
क्लासिकल शतरंज में मिली मैग्नस कार्लसन को हार :-
नार्वे के दिग्गज चेस खिलाड़ी और मौजूदा विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन को आखिरकार क्लासिकल शतरंज में एक साल बाद हार का सामना करना पड़ा है। वहीं इससे पहले नॉर्वे चेस 2025 टूर्नामेंट में भारत के विश्व चैंपियन गुकेश डोम्माराजू उनको इस फॉर्मेट में हराया था।

लेकिन इसके बाद से कार्लसन इस फॉर्मेट में लगातार अजेय चल रहे थे। वहीं अब उनकी यह लय टूट गई है। इस बार उनको टेपे सिजमेन चेस टूर्नामेंट 2026 के चौथे दौर में नीदरलैंड्स के ग्रैंडमास्टर जोर्डन वान फॉरेस्ट से हार मिली है।
रोमांचक मुकाबले में हारे कार्लसन :-
इन दोनों खिलाड़ियों के बीच खेला गया यह मैच बेहद तनावपूर्ण रहा है। क्यूंकि एंडगेम के दौरान दोनों खिलाड़ियों के पास कम समय बचा था। तब इस मैच में दोनों के लिए स्थिति जटिल बनी हुई थी।

जबकि इस मैच में एक समय ऐसा लग रहा था कि कार्लसन मुकाबला ड्रॉ करा लेंगे लेकिन फिर भी वान फॉरेस्ट ने उनपर दबाव बनाए रखा। इसके चलते हुए आखिर में उन्होंने शानदार चालों की सीरीज से कार्लसन के नाइट को फंसा दिया। इसके बाद नॉर्वे के दिग्गज खिलाड़ी को हार माननी पड़ी।
जीत के बाद क्या बोले वान फॉरेस्ट :-
The final moments of @jordenvforeest defeating World no.1 Magnus Carlsen with the White pieces in Round 4 of @tepesigeman Chess 2026! pic.twitter.com/CdO90xB49W
— ChessBase India (@ChessbaseIndia) May 4, 2026
इस मैच में जीत दर्ज करने के बाद डच ग्रैंडमास्टर ने कहा कि, “मैं तो ड्रॉ के लिए तैयार हो चुका था और उससे संतुष्ट भी था। लेकिन अचानक मुझे मौका मिला और फिर खेल दोबारा नियंत्रण से बाहर हो गया।” इसके आगे उन्होंने कहा कि, “यह बेहद दिलचस्प मुकाबला था और मुझे लगता है कि उन्हें भी ऐसा ही लगा, इसलिए हमने खेल के बाद काफी चर्चा की।”
क्यों खास है कार्लसन की यह हार :-
इसके अलावा अब यह हार सिर्फ एक नतीजा नहीं है बल्कि कार्लसन की लंबी अजेय श्रृंखला के टूटने की कहानी भी है। साल 2022 में विश्व खिताब छोड़ने के बाद कार्लसन ने क्लासिकल शतरंज बहुत कम खेला है। क्यूंकि इस समय वह रैपिड, ब्लिट्ज और फ्रीस्टाइल फॉर्मेट पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

इसके अलावा अब माल्मो में यह टूर्नामेंट नॉर्वे चेस 2026 की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। तभी तो अब उनकी इस हार ने टूर्नामेंट में और दिलचस्पी बढ़ा दी है। जबकि इस टूर्नामेंट में युवा 14 वर्षीय प्रतिभाशाली खिलाड़ी यागिज काआन एर्दोगमुस फिलहाल एकल बढ़त बनाए हुए हैं। क्यूंकि उनके इस प्रदर्शन ने प्रतियोगिता को और रोमांचक बना दिया है।
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