Doping: डोप में फंसने के बाद भी भारतीय पहलवान विक्रांत सिंह एशियाई खेलों की तैयारियों के लिए लखनऊ में चल रहे नेशनल कैंप में दिखाई दिए हैं। इसके अलावा ग्रीको रोमन पहलवान विक्रांत सिंह को डोप टेस्ट में विफल रहने के बाद अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जा चुका है। लेकिन इस सब के बावजूद वह लखनऊ में चल रहे राष्ट्रीय शिविर में दिखाई दिए हैं।
नेशनल कैंप में दिखाई दिए पहलवान विक्रांत सिंह :-
डोप में फंसने के बाद भी भारतीय पहलवान विक्रांत सिंह एशियाई खेलों की तैयारियों के लिए लखनऊ में चल रहे नेशनल कैंप में दिखाई दिए हैं। इसके चलते हुए उन्होंने वियतनाम में चल रही अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप के ट्रायल में भी हिस्सा लिया है। लेकिन अपने इस ट्रायल में हारने के बाद भी वह कैंप में नहीं लौटे हैं। इसके अलावा फरवरी महीने में हुए फेडरेशन कप में पदक जीतकर नेशनल कैंप में जगह बनाने वाले ग्रीको रोमन पहलवान विक्रांत का नाडा ने 14 फरवरी को सैंपल लिया था।

इसके बाद 24 मार्च को वह एक नहीं, बल्कि तीन प्रतिबंधित पदार्थों के लिए डोप पॉजिटिव पाए गए थे। इसके अलावा अब भारतीय कुश्ती महासंघ ने यह दावा किया है कि नाडा ने विक्रांत के डोप में फंसने की जानकारी नहीं दी थी। इसके चलते हुए उनको समय रहते हुए पता चल जाता तो वो विक्रांत को तत्काल कैंप से निकाल देते। इसके अलावा विक्रांत ने नाडा को भी नोटिस का जवाब नहीं दिया था और बी सैंपल भी टेस्ट नहीं कराया है। इसके चलते हुए नाडा ने उस पर अस्थायी प्रतिबंध भी लगाया है।
तीन प्रतिबंधित पदार्थों के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं विक्रांत :-
इसके अलावा अब सूत्र बताते हैं कि नाडा ने 22 मई को विक्रांत का नोटिस ऑफ चार्ज कुश्ती महासंघ को भेज दिया था। जबकि इससे पहले वह कैंप में था और वहां पर उसने ट्रायल खेला था। इसके अलावा नाडा की तरफ से 26 मार्च को विक्रांत को डोप में फंसने की जानकारी दे दी गई थी।

क्यूंकि विक्रांत के सैंपल में स्टेरायड स्टेनोजोलॉल, वाडा की एस-4 कैटेगरी में आने वाले हार्मोन टैमोक्सीफेन और एस्ट्रोजेन रिसेप्टर लैट्रोजोल पाए गए थे। इसके अलावा एक से अधिक प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाने की स्थिति में आठ साल तक का प्रतिबंध लग सकता है।
24 मार्च को लगा था विक्रांत पर अस्थायी प्रतिबंध :-
इसके चलते हुए नाडा ने पहलवान विक्रांत पर 24 मार्च को ही अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया था। जबकि इससे पहले विक्रांत अल्बानिया में हुए रैंकिंग टूर्नामेंट में 97 किलो भार वर्ग में खेलकर आए थे। जबकि अस्थायी प्रतिबंध लगते ही डोप में फंसा कोई भी खिलाड़ी किसी खेल गतिविधि में भाग नहीं ले सकता है। इसके बाद भी वह नेशनल कैंप में रहे हैं और ट्रायल भी खेले हैं।
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