Saturday, June 20

क्ले कोर्ट प्रमुख ने सोमवार को अपनी वेबसाइट पर कहा है कि फ्रेंच टेनिस फेडरेशन (एफएफटी) खिलाड़ियों को ऑनलाइन दुर्व्यवहार, धमकियों और अपमान से बचाने के लिए इस साल रोलैंड गैरोस में सभी खिलाड़ियों के लिए ऑनलाइन उत्पीड़न और अभद्र भाषा विरोधी कानून उपलब्ध करा रहा है। टेनिस खिलाड़ियों के सोशल मीडिया खातों में अपमान, जान से मारने की धमकी, ट्रोल्स द्वारा की गई घृणित और कभी-कभी नस्लवादी और होमोफोबिक जैसी टिप्पणियां की जाती हैं। इसके जवाब में एफएफटी जिसने फ्रांसीसी खिलाड़ियों के लिए 2018 में एक समर्थन इकाई की स्थापना की थी, उसने बॉडीगार्ड.एआई तकनीक का उपयोग करके ऑनलाइन उत्पीड़न के खिलाफ अपनी लड़ाई को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

फ्रेंच ओपन विज्ञप्ति के अनुसार, “इस नई प्रणाली से जुड़कर वे सभी प्रकार के उत्पीड़न जैसे भेदभाव, अपमान, उपहास, धमकी, आदि से सुरक्षित रहेंगे और अपने प्रशंसकों के साथ पूरी सुरक्षा में जुड़ सकेंगे। इसके अलावा अदालत में अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।” ये टेक्नोलॉजी का उपयोग करने के लिए विशेष रूप से फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर की गई सार्वजनिक टिप्पणियों को नियंत्रित होती है। सभी खिलाड़ियों को अपने सोशल मीडिया खातों से जुड़ने से पहले एक क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा। GDPR कारणों से निजी संदेशों को मॉडरेट नहीं किया जाएगा।

प्रौद्योगिकी मुख्य ड्रा में सभी खिलाड़ियों के खातों और आधिकारिक एफएफटी और रोलैंड-गैरोस खातों की सुरक्षा करती है, जिसमें टूर्नामेंट से पहले और इसके बाद कुछ दिनों के लिए सुरक्षा उपलब्ध है।

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साल 2020 से स्पोर्ट्स पत्रकारिता में एक सिपाही के तौर पर कार्यरत हूं। प्रत्येक खेल में उसके सभी पहलुओं के धागे खोलकर आपके सामने रखने की कोशिश करूंगा। विराट व रोहित का बल्ला धोखा दे सकता है, लेकिन आपको यहां खबरों की विश्वसनियता पर कभी धोखा नहीं मिलेगा। बचपन से ही क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में खास दिलचस्पी होने के कारण इसके बारे में लिखना बेहद पसंद है।

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