Gautam Gambhir Reacts After India’s Oval Test Win: भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई पहली एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी बेहद रोमांचक अंदाज़ में 2-2 की बराबरी पर खत्म हुई। द ओवल में खेले गए पांचवें और आखिरी टेस्ट में भारतीय टीम ने 373 रनों के लक्ष्य का सफलतापूर्वक बचाव करते हुए 6 रन से रोमांचक जीत दर्ज की।
इस ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने खिलाड़ियों की सराहना की और एक मजबूत संदेश देते हुए लिखा – “हम कुछ मुकाबले जीतेंगे, कुछ हारेंगे… लेकिन हम कभी सरेंडर नहीं करेंगे!”
मुश्किल दौर से निकलकर मिली नई पहचान
गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद भारतीय टीम को कई कड़े इम्तिहानों से गुजरना पड़ा। पिछले साल अक्टूबर में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज से शुरुआत करने के बाद भारत को आठ में से छह टेस्ट मैचों में हार झेलनी पड़ी।
इस दौरान न्यूज़ीलैंड के खिलाफ क्लीन स्वीप और ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 3-1 से हार ने टीम की आत्मविश्वास को झकझोर कर रख दिया था।
हालांकि, उस कठिन दौर में भी गंभीर ने अपनी सोच और टीम के प्रति विश्वास को कभी कमजोर नहीं होने दिया। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पर्थ में भारत ने 295 रनों की शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि ब्रिसबेन टेस्ट बारिश के चलते ड्रॉ रहा। इन दो मुकाबलों ने टीम के आत्मबल को फिर से जगाया।
इंग्लैंड में टीम इंडिया में जबरदस्त वापसी
इंग्लैंड दौरे की शुरुआत भी भारत के लिए अच्छी नहीं रही। हेडिंग्ले टेस्ट में भारत को पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जिससे आलोचकों ने फिर सवाल खड़े किए। लेकिन इसके बाद भारत ने जबरदस्त वापसी करते हुए एजबेस्टन में 336 रन से शानदार जीत हासिल की। लॉर्ड्स में कड़ा मुकाबला हुआ, जहां भारत मात्र 22 रनों से हार गया, लेकिन टीम का जुझारूपन साफ नजर आया।
मैनचेस्टर टेस्ट में भारतीय खिलाड़ियों ने मुश्किल हालात में भी हार नहीं मानी और मुकाबला ड्रॉ करवाया। ओवल में आखिरी टेस्ट मैच में भारत ने 373 रनों के विशाल लक्ष्य का डटकर बचाव किया, जो टेस्ट इतिहास के सबसे रोमांचक बचावों में से एक बन गया।
मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा बने हीरो
पांचवें टेस्ट में जीत का नायक कोई एक नहीं बल्कि पूरी भारतीय टीम रही। लेकिन गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा की जोड़ी ने आखिरी दिन कमाल कर दिया।
जब इंग्लैंड को जीत के लिए महज 35 रन चाहिए थे और चार विकेट बाकी थे, तब सिराज ने अगली ही गेंद पर गस एटकिंसन को यॉर्कर से बोल्ड कर मुकाबला खत्म कर दिया।
गंभीर ने खिलाड़ियों को दी सलामी
ओवल टेस्ट खत्म होते ही गौतम गंभीर मैदान पर पहुंचे और कप्तान शुभमन गिल को गले लगाकर इस जीत की अहमियत जताई।
इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “हम कुछ जीतेंगे, कुछ हारेंगे… लेकिन हम कभी हार नहीं मानेंगे। शाबाश लड़कों!”
इस सीरीज में शुभमन गिल की कप्तानी भी तारीफ के काबिल रही, लेकिन गंभीर की रणनीति और धैर्य ने भी टीम को कठिन परिस्थितियों से बाहर निकाला। उनके नेतृत्व में टीम ने न केवल वापसी की बल्कि एक प्रेरणादायक उदाहरण भी पेश किया।
“टीम और गंभीर ने कभी हार नहीं मानी” – संजय बांगड़
भारत के पूर्व कोच संजय बांगड़ ने इस सीरीज ड्रॉ को भारतीय क्रिकेट इतिहास का खास लम्हा बताया।
उन्होंने जियोहॉटस्टार पर कहा, “गौतम गंभीर के लिए ये जीत बहुत अहम रही। जिस तरह का उनका सफर रहा, ये सीरीज उनके लिए भी खास मायने रखती है। उन्होंने कभी हार नहीं मानी और टीम को भी उसी दिशा में आगे बढ़ाया।”
भारत ने इंग्लैंड में सिर्फ सीरीज ड्रॉ नहीं की, बल्कि जुझारूपन, रणनीति और आत्मबल का शानदार प्रदर्शन किया। गौतम गंभीर की कोचिंग में यह टीम अब एक नई सोच के साथ आगे बढ़ रही है, जिसमें हार-जीत से ज्यादा कभी हार न मानने का जज्बा मायने रखता है।
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