Novak Djokovic retirement talks rise after US Open 2025 fitness struggles: यूएस ओपन 2025 के पहले ही मैच में 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच ने जीत तो दर्ज कर ली, लेकिन उनका प्रदर्शन कई सवाल छोड़ गया। यूएसए के युवा खिलाड़ी लर्नर टिएन के खिलाफ मुकाबले में जोकोविच ने शुरुआत बेहतरीन की और पहला सेट मात्र 20 मिनट में 6-1 से अपने नाम कर लिया। लेकिन जैसे ही मैच दूसरे सेट में गया, उनके शरीर ने जवाब देना शुरू कर दिया।
दूसरे सेट के बीच जोकोविच अचानक थकान से जूझते नजर आए और लंबी रैलियों में खुद को असहज महसूस करने लगे। टिएन ने मौके का फायदा उठाया और सेट को टाईब्रेकर तक खींच लिया।
हालांकि, जोकोविच ने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए 7-6 (7-3) से यह सेट भी जीत लिया और फिर तीसरे सेट में 6-2 से जीत पक्की की। यह स्कोरलाइन भले ही एकतरफा लगी, लेकिन मैच ने दुनिया भर के टेनिस फैंस को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या 38 वर्षीय जोकोविच अब उम्र और फिटनेस से जूझ रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोकोविच ने ईमानदारी से दिया जवाब
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोकोविच ने चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें खुद उम्मीद नहीं थी कि उनका शरीर इतनी जल्दी जवाब दे देगा।
जोकोविच ने कहा, “मैंने पहला सेट बेहतरीन खेला। लेकिन दूसरे सेट में अचानक बहुत खराब महसूस करने लगा। मेरे लिए पॉइंट्स के बाद रिकवर करना बेहद मुश्किल हो गया था। मुझे यह काफी हैरान करने वाला लगा।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें कोई चोट नहीं है, लेकिन शारीरिक रूप से कमजोरी ने खेल को प्रभावित किया। जोकोविच ने उम्मीद जताई कि आने वाले मैचों में यह परेशानी दोबारा न हो, वरना उनके लिए कोर्ट पर टिकना और कठिन हो जाएगा।
टूर्नामेंट से पहले की तैयारी पर सवाल
जोकोविच ने इस साल विंबलडन के बाद से कोई भी ATP टूर्नामेंट नहीं खेला। उन्होंने कनाडा और सिनसिनाटी मास्टर्स जैसे बड़े इवेंट्स को स्किप करके परिवार के साथ समय बिताना चुना। इसका असर सीधे तौर पर उनकी फिटनेस और मैच प्रैक्टिस पर देखने को मिला।
38 साल की उम्र में शरीर को लंबे ब्रेक के बाद टॉप लेवल पर एडजस्ट करने में समय लगता है। प्रैक्टिस मैच और असली टूर्नामेंट मुकाबले की तीव्रता में बड़ा अंतर होता है। टिएन जैसे युवा और ऊर्जा से भरे खिलाड़ी के खिलाफ जोकोविच की थकान साफ नजर आई। यही वजह है कि विशेषज्ञ अब यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या सिर्फ ग्रैंड स्लैम पर फोकस करने की रणनीति उन्हें महंगी पड़ सकती है।
क्या एक हार से टूट जाएगा सपना?
जोकोविच ने हमेशा कहा है कि उनका लक्ष्य केवल ग्रैंड स्लैम जीतना है। ATP टूर पर कम खेलकर वे अपनी ऊर्जा बचाना चाहते हैं। लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि लगातार बड़े ब्रेक लेने से उनकी मैच फिटनेस कमजोर हो सकती है।
अगर जोकोविच इस यूएस ओपन में शुरुआती राउंड में ही हारकर बाहर हो जाते हैं, तो उनका अगला टूर्नामेंट जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन होगा। यानी करीब चार महीने का गैप। इतने लंबे ब्रेक के बाद टॉप लेवल पर टिके रहना शायद संभव न हो। यही कारण है कि विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर न्यूयॉर्क में उनकी जल्दी हार होती है, तो उनके रिटायरमेंट पर चर्चाएं और तेज हो जाएंगी।
अगला मुकाबला और बड़ी चुनौती
अब जोकोविच का अगला मैच दुनिया के नंबर 145 खिलाड़ी जैकरी स्वैज्डा से होगा। यह मुकाबला आसान दिख सकता है, लेकिन जोकोविच को खुद भी मालूम है कि आगे के राउंड में उन्हें टॉप-10 और टॉप-20 खिलाड़ियों से भिड़ना है। अगर शारीरिक स्तर पर वे तैयार नहीं हुए तो बड़ी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
फिलहाल जोकोविच का सपना 25वां ग्रैंड स्लैम जीतने का है। लेकिन उम्र, फिटनेस और टूर्नामेंट से दूरी जैसे कारक उनकी राह में बाधा बन रहे हैं। यह यूएस ओपन उनके करियर का अहम मोड़ साबित हो सकता है।
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