Phoebe Litchfield brilliant century powers Australia in World Cup semi-final vs India Women: नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले जा रहे महिला वनडे विश्व कप 2025 के दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। यह फैसला फीबी लिचफील्ड की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत अब तक सही साबित हुआ। 22 वर्षीय लिचफील्ड ने इस बड़े मुकाबले में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने भारत के गेंदबाजों पर शुरू से दबाव बना दिया।
ऑस्ट्रेलिया ने 27.3 ओवरों में 180 रनों का आंकड़ा पार कर लिया था, जिसमें लिचफील्ड ने अकेले 93 गेंदों में 119 रन बना दिए। उनकी पारी में 17 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। इस पारी में उनका स्ट्राइक रेट 127.95 रहा , जो बताता है कि उन्होंने हर गेंद पर रन बनाने की कोशिश की और भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी।
लिचफील्ड ने पारी की शुरुआत में संभलकर खेला, फिर तेजी से रन बटोरे
लिचफील्ड ने अपनी पारी की शुरुआत संभलकर की। शुरुआती ओवरों में जब कप्तान एलिसा हीली जल्दी आउट हो गईं, तब जिम्मेदारी लिचफील्ड पर आ गई थी। 5वें ओवर में हीली (5 रन) का विकेट गिरने के बाद उन्होंने एलिसे पेरी के साथ साझेदारी शुरू की और धीरे-धीरे मैच की लय अपने हाथों में ले ली।
उन्होंने पहले 30 रन साधे हुए अंदाज में बनाए और फिर 13वें ओवर में पूरी तरह खुलकर खेलना शुरू किया। 13.4 ओवर में उन्होंने श्री चारणी की गेंद पर मिड-ऑफ के ऊपर शानदार चौका जड़कर अपना अर्धशतक पूरा किया। सिर्फ 45 गेंदों में अर्धशतक पूरा करने वाली यह पारी लिचफील्ड की निडर मानसिकता को दिखाती है।
क्लासिक शतक और दर्शकों का खड़ा होकर सम्मान
फीबी लिचफील्ड का यह शतक किसी भी दृष्टि से साधारण नहीं था। उन्होंने 23वें ओवर में श्री चरणी की गेंद पर ट्रैक से आगे बढ़कर मिड-ऑफ के ऊपर एक क्लासी शॉट खेला और मात्र 77 गेंदों पर 17 चौकों और एक छक्के की मदद से शतक पूरा किया।
जैसे ही गेंद बाउंड्री पार गई, पूरी ऑस्ट्रेलियाई डगआउट खड़ा होकर तालियां बजाने लगा। दर्शकों ने भी इस युवा बल्लेबाज के लिए स्टैंडिंग ओवेशन दिया। यह उनका विश्व कप में पहला शतक था और उन्होंने इसे सेमीफाइनल जैसे हाई-प्रेशर मुकाबले में हासिल किया।
लिचफील्ड-पेरी की साझेदारी ने बदल दी मैच की दिशा
लिचफील्ड ने एलिस पेरी के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 155 रनों की साझेदारी की। इस जोड़ी ने भारतीय गेंदबाजों की हर योजना को विफल कर दिया। पेरी ने 56 गेंदों पर 45 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया, जबकि लिचफील्ड लगातार स्ट्राइक बदलती रहीं।
भारतीय गेंदबाजों में कोई भी उन पर नियंत्रण नहीं रख सका। खासकर, जब उन्होंने स्पिनर्स के खिलाफ कदमों का बेहतरीन इस्तेमाल किया। कभी डांस डाउन द ट्रैक तो कभी बैकफुट पंच उनकी पारी देखने लायक रही।
विकेट गंवाने से पहले लिचफील्ड की 119 रनों की शानदार पारी
27वें ओवर में अमनजोत कौर ने आखिरकार फीबी लिचफील्ड को बोल्ड किया। उन्होंने विकेट टू विकेट गेंद रखी, और लिचफील्ड स्कूप लगाने की कोशिश में टाइमिंग से चूक गईं। गेंद सीधे मिडिल स्टंप में जा लगी।
उनकी 119 रन की यह पारी ऑस्ट्रेलिया की जीत की नींव बन चुकी है। उन्होंने अपनी पारी में जिस तरह रन बनाए, उससे यह साफ था कि वह अब केवल एक प्रतिभाशाली युवा नहीं बल्कि टीम की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बन चुकी हैं।
भारतीय गेंदबाजों पर शुरू से रहा दबाव
भारतीय गेंदबाजों के लिए यह दिन मुश्किल भरा रहा। केवल अमनजोत कौर और क्रांति गौड़ ही विकेट निकाल पाईं। बाकी सभी गेंदबाज लिचफील्ड और पेरी की जोड़ी के सामने बेअसर नजर आए।
खबर लिखे जाने तक, क्रांति गौड़ ने 5 ओवरों में 49 रन देकर 1 विकेट और अमनजोत कौर ने 3.3 ओवरों में 16 रन देकर 1 विकेट हासिल किए हैं। लिचफील्ड ने ऑफ-स्पिन और मीडियम पेस दोनों के खिलाफ बराबर आत्मविश्वास दिखाया।
लिचफील्ड की शतकीय पारी ने ऑस्ट्रेलिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। भारत को अब बड़े लक्ष्य का पीछा करना होगा और अगर भारतीय बल्लेबाज शुरुआत में ही साझेदारी नहीं बना पाए, तो यह मैच ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में जा सकता है।
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