IPL 2026 में बॉल चेंज नियम खासतौर पर दूसरी पारी में बॉलिंग टीम को एक अतिरिक्त फायदा देने के लिए लाया गया है।
आईपीएल 2026 का सीजन 28 मार्च से शुरू होने जा रहा है, जहां पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा। हर साल की तरह इस बार भी टूर्नामेंट में कुछ नए नियम जोड़े गए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा बॉल चेंज नियम को लेकर हो रही है।
यह नियम खासतौर पर उन मैचों के लिए लाया गया है, जहां दूसरी पारी में ओस यानी ड्यू का असर ज्यादा होता है और गेंदबाजों को ग्रिप में परेशानी होती है। अब इस नियम से गेंदबाजों को थोड़ी राहत मिलने वाली है।
क्या है IPL 2026 का नया बॉल चेंज नियम?
IPL 2026 में बॉल चेंज को लेकर साफ नियम बनाया गया है। अगर मैच के दौरान गेंद खो जाती है, खराब हो जाती है या खेलने लायक नहीं रहती, तो अंपायर उसे बदल सकते हैं। नई गेंद वैसी ही होगी, जैसी पुरानी गेंद की स्थिति थी यानी उसका घिसाव (wear) लगभग समान होगा।
जब भी गेंद बदली जाएगी, अंपायर बल्लेबाज और फील्डिंग कप्तान दोनों को इसकी जानकारी देंगे। यह सामान्य नियम है, जो पहले भी लागू था, लेकिन IPL 2026 में इसमें एक खास बदलाव जोड़ा गया है।
दूसरी पारी में मिलेगा खास फायदा
नए नियम के अनुसार, जो टीम दूसरी पारी में गेंदबाजी कर रही होगी, उसे एक बार बॉल चेंज करने का विकल्प मिलेगा। यह मौका 10 ओवर पूरे होने के बाद ही लिया जा सकता है।
यह नियम सिर्फ एक बार लागू होगा, यानी पूरी दूसरी पारी में सिर्फ एक ही बार टीम गेंद बदलने की मांग कर सकती है। इससे गेंदबाजों को ड्यू के असर से बचने में मदद मिलेगी।
कब और कैसे मांगी जा सकती है नई गेंद?
इस नियम में सबसे जरूरी बात यह है कि गेंद बदलने की मांग ओवर खत्म होने के बाद ही की जा सकती है। बीच ओवर में यह रिक्वेस्ट नहीं की जा सकती।
जब कप्तान बॉल चेंज की मांग करेगा, तब अंपायर उसी तरह की घिसी हुई गेंद देंगे, ताकि मैच का बैलेंस बना रहे। इसका मतलब यह नहीं है कि बिल्कुल नई गेंद मिल जाएगी, बल्कि उसी कंडीशन की गेंद दी जाएगी।
क्या अंपायर खुद भी गेंद बदल सकते हैं?
हाँ, अगर अंपायर को लगता है कि गेंद खेलने लायक नहीं है, तो वह किसी भी समय अपने फैसले से गेंद बदल सकते हैं। इसके लिए टीम की मांग जरूरी नहीं है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि खेल की गुणवत्ता और निष्पक्षता बनी रहे और किसी टीम को बेवजह का कोई नुकसान न हो।
IPL में बॉल चेंज नियम की जरूरत क्यों पड़ी?
IPL में अक्सर देखा गया है कि रात के मैचों में दूसरी पारी के दौरान ओस के कारण गेंदबाजों को काफी परेशानी होती है। गेंद गीली होने से स्पिन और स्विंग दोनों पर असर पड़ता है, जिससे मैच का संतुलन बिगड़ जाता है।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए यह नया नियम लाया गया है, ताकि गेंदबाजों को बराबरी का मौका मिल सके और मुकाबला ज्यादा संतुलित रहे।
IPL 2026 का यह नया बॉल चेंज नियम सीधे तौर पर मैच के बैलेंस को बेहतर बनाने की कोशिश है। इससे खासतौर पर दूसरी पारी में गेंदबाजी करने वाली टीम को फायदा मिलेगा और मुकाबले ज्यादा निष्पक्ष बनेंगे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीमें इस नियम का इस्तेमाल कैसे करती हैं और क्या यह बदलाव IPL के नतीजों पर बड़ा असर डालता है या नहीं।
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