रजत पाटीदार के कैच पर फैंस और प्लेयर लगातार अंपायर के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। तो चलिए जानते हैं नियम के मुताबिक अंपायर का फैसला सही है या गलत।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच मैच में रजत पाटीदार का कैच लगातार चर्चा का विषय बन गया है। यह मैच का टर्निंग प्वाइंट भी साबित हुआ। क्योंकि उसके बाद टीम का कोलैप्स हो गया था।
रजत पाटीदार का कैच बना विवाद का विषय
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की पारी के 9वें ओवर में अरशद खान की शॉर्ट गेंद पर रजत पाटीदार पुल करने गए थे लेकिन वो सही से कनेक्ट नहीं कर पाए और डीप स्क्वायर लेग पर जेसन होल्डर ने डाइविंग लो कैच पकड़ लिया। यह इस सीजन के बेस्ट कैच में से था। हालांकि जब अंपायर ने रिप्ले में देखा तो उन्हें आउट करार दिया।
दरअसल, जेसन होल्डर जब कैच ले रहे थे तब उनका हाथ जमीन में लग रहा था और गेंद भी जमीन में टच हो रही थी। इसके बाद भी थर्ड अंपायर ने उनको आउट करार दे दिया। जिसके बाद विराट कोहली अंपायर से बहस करते हुए भी दिखे जो कि इस फैसले से बिल्कुल भी खुश नहीं थे।
क्या कहता है नियम?
आपको बता दें, कि नियम के मुताबिक अगर कोई फील्डर कैच पकड़ता हैं। उसकी बॉडी मोशन में हैं और गेंद जमीन में टच करती हैं तो उसे नॉट आउट करार दिया जाएगा। इस कैच में भी ऐसा ही था होल्डर ने जब कैच लिया तो गेंद ग्राउंड में टच कर रही थी जब उनकी बॉडी स्टेबल नहीं थी। ऐसे में नियम के मुताबिक यह नोट आउट होना चाहिए था।
एशेज 2023 में स्टार्क के कैच को दिया गया था नॉट आउट
बताते चलें, की 2023 के एशेज में मिचेल स्टार्क ने भी बैन डकेट का ऐसा ही कैच पकड़ा था लेकिन तब अंपायर ने उन्हें नॉट आउट दिया था। क्योंकि उनकी बॉडी मोशन में थी और गेंद जमीन में टच हो रही थी।
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