“लक्ष्य को पाने के लिए कड़ी मेहनत,मजबूत इरादा और धैर्य के साथ खुद पर अटूट विश्वास” रखने से किसी भी मंजिल को आसानी से हासिल किया जा सकता है।
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लेसनर अपने प्रभावशाली आकार और शक्ति के साथ-साथ WWE और UFC दोनों में अपनी प्रभावशाली उपलब्धियों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 2002 में डब्ल्यूडब्ल्यूई में अपने कुश्ती करियर की शुरुआत की और अपने कार्यकाल के दौरान कई चैंपियनशिप जीतकर तेजी से प्रसिद्धि हासिल की।
इनका पूरा नाम सेंट लियो उसैन बोल्ट है। उसैन का जन्म 21 अगस्त 1986 को जमैका के एक छोटे शहर ट्रेलानी के शेरवुड कंटेंट में हुआ था। ट्रैकिंग फिल्ड के इस राजा ने 8 बार गोल्ड मैडल जीता है और 11 बार वर्ल्ड चैम्पियनशिप का ख़िताब अपने नाम किया है।
ट्रिपल एच WWE में अपने करियर के दौरान कई चैंपियनशिप और यादगार मैचों के लिए प्रसिद्ध हैं। वह डब्ल्यूडब्ल्यूई में पर्दे के पीछे एक प्रभावशाली व्यक्ति भी हैं, जिन्होंने हाल के वर्षों में कंपनी की दिशा को आकार देने में प्रमुख भूमिका निभाई है।
आईपीएल के उनके पहले ही मैच में उन्होंने किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ धारधार गेंदबाजी से सबका ध्यान अपनी ओर आकृषित कर दिया। इसके बाद मयंक ने अपना दूसरा मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंग्लुरु के खिलाफ खेला।
वह 2004 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी, 2012 आईसीसी विश्व ट्वेंटी-20 और 2016 आईसीसी विश्व ट्वेंटी-20 जीतने वाली वेस्टइंडीज टीमों के एक प्रमुख सदस्य थे। उन्होंने खेल के तीनों प्रारूपों में कई रिकॉर्ड बनाए हैं।
मिल्खा सिंह के जीवन पर बंटवारे का असर पड़ा। ये वो ही बंटवारा था जिसने मिल्खा सिंह के परिवार को उनसे दूर कर दिया। बताया जाता है कि मिल्खा सिंह के सामने उनके परिवार का कत्ल कर दिया गया था। जिसके बाद वो अपने भाई मलखान सिंह के साथ भारत की राजधानी दिल्ली में आ गए।
मशहूर होने से पहले भारत की ये स्टार एथलीट ने बेहद गरीबी देखी है। उनके माता-पिता गांव में किसानी करते थे।
मिल्खा सिंह ने करीब एक दशक से भी ज्यादा समय तक इंडियन ट्रैंक एंड फील्ड पर राज किया। इस दौरान उन्होंने कई रिकॉर्ड्स बनाए और साथ ही कई पदक भी हासिल किए।
मिल्खा सिंह को ‘फ्लाइंग सिख’ बनने के लिए अपने जीवन में बहुत बड़े-बड़े बलिदान देने पड़े। मिल्खा सिंंह जब बेहद कम उम्र के थे इसी वक्त उनकी आंखों के सामने उनके माता-पिता का कत्ल कर दिया गया।
