Saturday, June 20

Rohit Sharma Fitness Political Controversy: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा इन दिनों अपने प्रदर्शन से ज्यादा अपनी फिटनेस को लेकर सुर्खियों में हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल मुकाबले से ठीक एक दिन पहले, रोहित की फिटनेस को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने ऐसा बयान दे दिया, जिससे पूरा मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल इस बयान ने फैंस के साथ-साथ सियासी गलियारों में भी हलचल मचा दी है।

यह विवाद तब और बढ़ गया जब केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने शमा मोहम्मद की टिप्पणी की कड़ी आलोचना की। वहीं, टीएमसी नेता सौगत रॉय ने भी रोहित शर्मा की फिटनेस पर सवाल खड़े कर इस बहस को और गरमा दिया। ऐसे में सेमीफाइनल मुकाबले से ठीक पहले यह विवाद टीम के माहौल को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, भारतीय कप्तान के पास अब मैदान पर बेहतरीन प्रदर्शन कर अपने आलोचकों को जवाब देने का सुनहरा मौका है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर विवाद तब शुरू हुआ, जब केरल कांग्रेस की प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया पर एक ट्वीट किया।

उन्होंने लिखा, “@ImRo45 एक खिलाड़ी के हिसाब से मोटे हैं! उन्हें वजन कम करने की जरूरत है! और निश्चित रूप से भारत के अब तक के सबसे कमजोर कप्तान हैं!”

यह ट्वीट वायरल होते ही फैंस ने इसे बॉडी शेमिंग करार दिया और कांग्रेस नेता की आलोचना शुरू कर दी। हालांकि, बढ़ते विवाद के बाद शमा मोहम्मद ने ट्वीट डिलीट कर दिया, लेकिन बहस यहीं नहीं रुकी।

केंद्रीय खेल मंत्री ने किया पलटवार

इस विवाद को और बढ़ावा तब मिला, जब केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इस बयान की कड़ी आलोचना की।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस और टीएमसी को खिलाड़ियों को उनके पेशेवर जीवन में हस्तक्षेप करने से बचना चाहिए। खिलाड़ियों की बॉडी शेमिंग करना और टीम में उनकी जगह पर सवाल उठाना शर्मनाक और निंदनीय है।”

खेल मंत्री के बयान के बाद पूरा मामला राजनीतिक रंग लेने लगा और कई भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर खेल भावना का अपमान करने का आरोप लगाया।

शमा मोहम्मद की सफाई

काफी आलोचना झेलने के बाद शमा मोहम्मद ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी बॉडी शेमिंग के लिए नहीं थी, बल्कि उन्होंने सिर्फ एक खिलाड़ी की फिटनेस को लेकर सवाल उठाए थे।

उन्होंने कहा, “मैंने केवल फिटनेस के बारे में बात की थी। एक खिलाड़ी को फिट होना चाहिए। यह मेरी निजी राय थी, इसमें गलत क्या है? यह लोकतंत्र है और मैं अपनी राय रखने के लिए स्वतंत्र हूं।”

हालांकि, कांग्रेस पार्टी ने इस बयान से दूरी बनाते हुए कहा कि यह उनकी आधिकारिक राय नहीं है। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी खेल आइकनों के योगदान का सम्मान करती है और उनकी छवि को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी बयान का समर्थन नहीं करती।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, “शमा मोहम्मद द्वारा क्रिकेटर के खिलाफ की गई टिप्पणी कांग्रेस की आधिकारिक राय नहीं है। उनसे ट्वीट डिलीट करने को कहा गया है और भविष्य में अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।”

टीएमसी नेता ने भी दिया विवादित बयान

विवाद में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने भी आग में घी डालने का काम किया। उन्होंने भी रोहित शर्मा की फिटनेस और प्रदर्शन पर सवाल खड़े कर दिए।

सौगत रॉय ने कहा, “एक खिलाड़ी जो दो साल में एक बार शतक बनाता है और बाकी मैचों में जल्दी आउट हो जाता है, उसे टीम में जगह नहीं मिलनी चाहिए। हां, वो मोटे हैं और लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह और श्रेयस अय्यर जैसे फिट खिलाड़ी टीम की कप्तानी के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

BCCI ने दी सफाई

पूरा विवाद बढ़ता देख बीसीसीआई ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि रोहित शर्मा ने सभी फिटनेस टेस्ट पास किए हैं और वो पूरी तरह फिट हैं।

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, “रोहित शर्मा ने सभी जरूरी फिटनेस टेस्ट पास किए हैं और टीम की कप्तानी शानदार तरीके से कर रहे हैं। उनकी फिटनेस पर सवाल उठाना पूरी तरह अनुचित है।”

रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद के बयान के बाद टीएमसी के सांसद सौगत रॉय की टिप्पणी ने इसे और तूल दे दिया है। अब सभी की नजरें IND vs AUS सेमीफाइनल मुकाबले पर हैं, जहां रोहित शर्मा अपनी बल्लेबाजी से आलोचकों को करारा जवाब दे सकते हैं।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, कबड्डी, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर इनकी पकड़ बेहद मजबूत है।

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