महिला प्रीमियर लीग (WPL) की मेगा नीलामी 27 नवंबर को आयोजित होगी, जबकि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की मिनी ऑक्शन 15 दिसंबर को की जाएगी। दोनों लीग भारतीय क्रिकेट से गहराई से जुड़ी हुई हैं और हर साल नई प्रतिभाओं को सामने लाती हैं, जो आगे चलकर टीम इंडिया का हिस्सा बनती हैं। हर सीजन की शुरुआत में होने वाली ये नीलामियाँ बेहद रोमांचक होती हैं, क्योंकि इसी दौरान टीमें अपने स्क्वाड को मजबूत बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों पर बोली लगाती हैं। इस आर्टिकल में हम WPL और IPL की नीलामियों के बीच मुख्य अंतर के बारे में बताएंगे।

डब्ल्यूपीएल बनाम आईपीएल नीलामी के अंतर को समझे

चाहे कोई भी लीग हो नीलामी यह तय करती है कि टीम कितनी मजबूत होगी और पिछले सीजन की कमियों को कैसे सुधारा जा सकता है। यही कारण है कि टीमें कई महीनों पहले से ही अपनी रणनीति बनते हैं। अब देखें कि इन दोनों टूर्नामेंटों की नीलामी के नियम कैसे अलग हैं।

IPL बनाम WPL में खिलाड़ी रिटेंशन के नियम

WPL रिटेंशन के नियम

श्रेणी WPL रिटेंशन नियम
अधिकतम खिलाड़ी रिटेन पाँच खिलाड़ी
रिटेंशन का विवरण तीन कैप्ड भारतीय, दो अनकैप्ड भारतीय, दो विदेशी
रिटेंशन स्लैब 3.5 करोड़, 2.5 करोड़, 1.75 करोड़, 1 करोड़, 50 लाख
अधिकतम रिटेंशन पर कुल कटौती 9.25 करोड़
टीम पर्स साइज 15 करोड़
आर टी एम कार्ड रिटेन खिलाड़ियों की संख्या पर आधारित
आर टी एम कटौती नियम हर रिटेन खिलाड़ी पर एक आर टी एम (Right to Match)
कम होगा

IPL रिटेंशन के नियम

श्रेणी IPL रिटेंशन नियम
अधिकतम खिलाड़ी रिटेन  छह खिलाड़ी
रिटेंशन का विवरण  पाँच कैप्ड भारतीय और विदेशी, दो अनकैप्ड भारतीय
रिटेंशन स्लैब  18 करोड़, 14 करोड़, 11 करोड़, 08 करोड़, 06 करोड़
अधिकतम रिटेंशन पर कुल कटौती  75 करोड़
टीम पर्स साइज  120 करोड़
आर टी एम कार्ड  रिटेन खिलाड़ियों की संख्या पर आधारित
आर टी एम कटौती नियम  हर रिटेन खिलाड़ी पर एक आर टी एम (Right to Match)
कम होगा

नीलामी पर्स

IPL 2026 की मिनी नीलामी में कुल दस टीमें हिस्सा लेंगी। हर टीम के पास 120 करोड़ रुपये का पर्स होगा। टीमों को कम से कम 90 करोड़ रुपये खर्च करके 18 खिलाड़ियों की टीम तैयार करनी होती है, जबकि अधिकतम 25 खिलाड़ी रखे जा सकते हैं। WPL 2026 की नीलामी में पाँच टीमें भाग लेंगी। हर टीम को 15 करोड़ रुपये मिलेंगे, हर टीम को 15 से 18 खिलाड़ियों वाली टीम बनानी होगी।

विदेशी खिलाड़ियों के नियम

दोनों लीग में विदेशी खिलाड़ियों को लेकर अलग-अलग नियम लागू होते हैं। IPL में एक टीम अपने स्क्वाड में कुल 8 विदेशी खिलाड़ी रख सकती है, लेकिन मैच में केवल 4 विदेशी खिलाड़ियों को ही शामिल किया जा सकता है। WPL में हर टीम अपने स्क्वाड में 6 विदेशी खिलाड़ियों को रख सकती है और प्लेइंग इलेवन में भी 4 विदेशी खिलाड़ियों को खिलाया जा सकता है। इसके अलावा, हर टीम के लिए एक सहयोगी देश से खिलाड़ी शामिल करना अनिवार्य है।

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मैं हिंदी कंटेंट राइटर, SEO एक्सपर्ट और डिजिटल मीडिया स्पेशलिस्ट हूं। मुझे फीचर राइटिंग और सोशल मीडिया कंटेंट प्रोडक्शन में काफी दिलचस्पी है। मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हिमाचल प्रदेश से एम.ए. इन जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया की पढ़ाई की है। अपने करियर की शुरुआत सिद्धिविनायक टाइम्स में जूनियर हिंदी कंटेंट राइटर के रूप में की और वर्तमान में ABC वर्ल्ड मीडिया में स्पोर्ट्स और गेमिंग कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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