Tuesday, March 10

2025 के इंग्लैंड दौरे पर भारत को पहले ही टेस्ट मैच में बेहतरीन शुरूआत के बाद अंत में हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड और भारत के बीच हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट मैच में मेहमानों का स्वागत करारी हार के साथ हुआ। टीम इंडिया ने इस मुकाबले में कुल पांच शतक जमाए, लेकिन इसके बावजूद भी उसे हार का सामना करना पड़ा, जो कि बेहद ही चौंकाने वाला रहा।

मेजबान इंग्लैंड ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट से यह मैच अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही उन्होंने पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। इस मुकाबले में इंग्लैंड के सिर्फ दो ही बल्लेबाज शतक लगा सके, जबकि हैरी ब्रूक ने 99 रनों की बड़ी पारी खेली थी। इसके बावजूद इंग्लैंड ने आसानी से जीत हासिल कर ली।

भारत की शुरुआत रही शानदार, लेकिन अंत बेकार

भारत ने इस मुकाबले की पहली पारी में बेहतरीन शुरुआत की। केएल राहुल (78 गेंदों पर 42 रन) ने यशस्वी जायसवाल के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 92 रनों की साझेदारी की। इसके बाद जायसवाल ने शुभमन गिल के साथ भी मिलकर तीसरे विकेट के लिए 129 रनों को अहम साझेदारी की। जायसवाल ने अपने टेस्ट करियर की सबसे छोटी शतकीय पारी (159 गेंदों पर 101 रन) खेली और आउट हो गए। हालांकि, इन सब के बीच तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए टेस्ट डेब्यूटेंट साईं सुदर्शन बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए।

जायसवाल के आउट होने के बाद ऋषभ पंत बल्लेबाजी करने और और उन्होंने गिल के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 209 रनों की शानदार साझेदारी की। कप्तान गिल 227 गेंदों पर 19 चौके और एक छक्के की मदद से 147 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद, लंबे समय बाद वापसी कर रहे करुण नायर बल्लेबाजी के लिए आए और बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। इसके बाद, पंत 178 गेंदों पर 12 चौकों और 6 छक्कों की मदद से 137 रन बनाकर पवेलियन लौटे।

इसके अलावा, रविंद्र जडेजा (11), शार्दुल ठाकुर (1), जसप्रीत बुमराह (0) मोहम्मद सिराज (3) और प्रसिद्ध कृष्णा (1) छोटी-छोटी पारियाँ खेल सके। चौंकाने वाली बात यह रही कि भारत ने मात्र 42 रनों के अंतराल में 7 विकेट गँवा दिए। जब गिल का विकेट गिरा था, तो भारत का स्कोर 430 था, लेकिन उसके बाद पूरी टीम 471 रनों पर ऑलआउट हो गई।

इंग्लैंड के गेंदबाजों में जोश टंग और कप्तान बेन स्टोक्स को 4-4 विकेट हासिल हुआ, जबकि ब्राइडन कार्स और शोएब बशीर 1-1 विकेट चटका सके। हालांकि, इंग्लैंड के गेंदबाज बीच में विकेट नहीं निकाल सके, लेकिन उन्होंने बाद में मैच को वापस खींच लिया।

इंग्लैंड ने भी पहली पारी में दिया करारा जवाब

इंग्लैंड ने भी पहली पारी में भारत के 471 रनों का करारा जवाब दिया और पहली पारी में 465 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज जैक क्रॉली 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, लेकिन उसके बाद बेन डकेट ने 94 गेंदों पर 62 रन और ओली पोप 137 गेंदों पर 106 रनों की शानदार पारियाँ खेली। हालांकि, जो रूट (58 गेंदों में 28 रन) कुछ खास नहीं कर सके, लेकिन हैरी ब्रूक ने 112 गेंदों पर 11 चौकों और 2 छक्कों की मदद 99 रनों की धमाकेदार पारी खेलकर मैच में जान डाल दी। दुर्भाग्य से वह अपने शतक से चूक गए, लेकिन वह पारी उनकी टीम के लिए वरदान साबित हुई।

उनके अलावा, कप्तान बेन स्टोक्स ने 52 गेंदों पर 20 रन, जैमी स्मिथ ने 52 गेंदों पर 40 रन, क्रिस वोक्स ने 55 गेंदों पर 38 रन, ब्राइडन कार्स ने 23 गेंदों पर 22 रन, जोश टंग ने 18 गेंदों पर 11 रन और शोएब बशीर ने 4 गेंदों पर 1 रन का योगदान दिया।

भारत की दूसरी पारी में फिर दो बल्लेबाजों ने लगाए शतक, लेकिन फिर ढही टीम

भारत ने दूसरी पारी में यशस्वी जायसवाल (11 गेंदों पर 4 रन) का विकेट गिरने के बाद शानदार बल्लेबाजी की। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर्म आए डेब्यूटेंट साईं सुदर्शन 48 गेंदों पर 30 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन उन्होंने केएल राहुल कर साथ मिलकर 66 रनों की अच्छी साझेदारी की। इसके बाद, कप्तान शुभमन गिल भी 8 गेंदो पर 4 रन बनाए, लेकिन फिर ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए आए और उन्होंने केएल के साथ मिलकर 195 रनों की बड़ी साझेदारी की। पंत 140 गेंदो पर 15 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 118 रनों की तेज पारी खेलकर आउट हुए।

पंत के आउट होने के बाद करुण नायर बल्लेबाजी के लिए आए और उन्होंने राहुल के साथ मिलकर 46 रनों की साझेदारी की। लेकिन इसके बाद केएल राहुल (247 गेंदो पर 18 चौकों की मदद से 137 रन) आउट हो गए। उस समय भारत का स्कोर 333/5 था, लेकिन उसके बाद फिर पहली पारी की ही तरह पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और 364 रनों पर ऑलआउट हो गई।

टीम इंडिया ने लगभग पिछली बार की ही तरह 31 रनों के अंतराल पर अंतिम 5 विकेट गंवा दिए। इस मुकाबले में शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 371 रनों का लक्ष्य रखा, जो उनके लिए आसान साबित हुआ।

बेन डकेट की तूफानी शुरूआत ने इंग्लैंड को दिलाई आसान जीत

भारतीय गेंदबाजों से उम्मीद थी कि वे इस बड़े टारगेट को डिफेंड कर लेंगे, लेकिन इंग्लिश बल्लेबाजों ने आक्रामकता और का मिश्रण करते हुए शानदार बल्लेबाजी की। इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज बेन डकेट ने एक बार फिर धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 170 गेंदो पर 21 चौके और एक छक्के की मदद से 149 रन बनाए। दूसरी तरफ से, क्रॉली ने भी 126 गेंदो पर 7 चौकों की मदद से 65 रनों की धैर्य भरी पारी खेली। दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 188 रनों की बड़ी साझेदारी की और मैच को लगभग एकतरफा कर दिया।

हालांकि, इसके बाद ओली पोप 8 गेंदो पर 8 तन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि हैरी ब्रूक बिना खाता खोले ही गोल्डन डक यानी शून्य पर आउट हो गए। भारत की ओर से शार्दुल ठाकुर ने एक ही ओवर में दो विकेट लेकर मैच को रोमांचक बना दिया था। लेकिन कप्तान बेन स्टोक्स ने भी 51 गेंदो पर 33 रनों का योगदान दिया और अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने 84 गेंदो पर 53 रनों की पारी खेली। बाद में जैमी स्मिथ ने 55 गेंदो पर 4 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 44 रनों की पारी खेली और 82वें ओवर में रविंद्र जडेजा के ओवर में 18 रन मारकर इंग्लैंड को जीत की दहलीज पार करा दी।

इंग्लैंड के बैजबॉल के आगे झुके भारतीय गेंदबाज

भारतीय गेंदबाजों के लिए यह मैच भूलने लायक रहा। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और शार्दुल ठाकुर जैसे तेज गेंदबाज इंग्लैंड की बल्लेबाजी के सामने बेअसर दिखे। शार्दुल ठाकुर ने दो विकेट लिए, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा को भी दो सफलताएं मिलीं। रविंद्र जडेजा को एक विकेट मिला, लेकिन विकेट लेने के लिए उन्होंने 24 ओवर में 104 रन खर्च किए।

इंग्लैंड ने पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और यह साबित कर दिया कि कम शतक लगाने के बावजूद भी धैर्य, संयम और सही रणनीति से जीत हासिल की जा सकती है। भारत की ओर से बनाए गए पांच शतक भी टीम को जीत नहीं दिला सके, क्योंकि गेंदबाजों ने निराश किया।

मैच के हीरो रहे बेन डकेट

इंग्लैंड की इस जीत के असली हीरो रहे बेन डकेट। डकेट ने पहली पारी में भी 94 गेंदों पर 62 रन बनाए थे और ओली पोप के साथ अहम साझेदारी की थी। इसके बाद दूसरी पारी में 149 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और लगभग जीत पक्की कर दी। वहीं जो रूट ने आखिरी क्षणों में टीम को संभालते हुए नाबाद 53 रनों की पारी खेली और इंग्लैंड की जीत सुनिश्चित की।

भारत के लिए सबक भरा रहा हेडिंग्ले टेस्ट

भारत के लिए यह हार कई सबक छोड़ गई। पहली पारी में पांच शतक लगाने के बावजूद टीम मैच नहीं जीत पाई, क्योंकि गेंदबाजों का प्रदर्शन कमजोर रहा। युवा भारतीय कप्तान शुभमन को अपनी गेंदबाजी रणनीति पर काम करना होगा, ताकि अगले टेस्ट में टीम बेहतर प्रदर्शन कर सके। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। भारत के पास अभी मौका है कि वह वापसी करे, लेकिन इसके लिए उसे अपनी गेंदबाजी में धार लानी होगी।

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Neetish Kumar Mishra Sports Digest Hindi में Editor के रूप में कार्यरत हैं और खेल पत्रकारिता में गहरा अनुभव रखते हैं। क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों की बारीकियों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।

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