IPL Replacement Rules for Outside Player: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खिलाड़ियों का रिप्लेसमेंट कोई नई बात नहीं है, लेकिन क्या कोई टीम किसी बाहरी खिलाड़ी को सीजन के बीच में जोड़ सकती है और फिर उसे जल्दी ही रिलीज कर सकती है? क्या कोई टीम केवल एक या कुछ मैचों के लिए किसी खिलाड़ी को शामिल कर सकती है? आमतौर पर, ऐसा सोचा जाता है कि IPL में ऐसे अस्थायी कॉन्ट्रैक्ट्स की अनुमति नहीं होती, लेकिन बीसीसीआई (BCCI) ने कुछ विशेष परिस्थितियों के लिए यह प्रावधान रखा है।
बीसीसीआई ने इस संबंध में टीमों को एक आधिकारिक जानकारी दी है, जिसमें रजिस्टर्ड अवेलेबल प्लेयर पूल (Registered Available Player Pool – RAPP) का जिक्र किया गया है। कोई भी टीम केवल इसी पूल से खिलाड़ियों को रिप्लेसमेंट के तौर पर ले सकती है। इस नियम के तहत, खास परिस्थितियों में किसी खिलाड़ी को अस्थायी तौर पर शामिल करने की अनुमति दी जाती है।
कब मिलती है बाहरी खिलाड़ी को IPL में खेलने की अनुमति
IPL में किसी बाहरी खिलाड़ी को अस्थायी रूप से खेलने की इजाजत केवल कुछ खास स्थितियों में मिलती है। इसमें सबसे प्रमुख अपवाद विकेटकीपिंग की स्थिति है। यदि किसी टीम के सभी विकेटकीपर किसी कारणवश अनुपलब्ध हो जाते हैं, तो बीसीसीआई को एक विशेष अनुरोध भेजकर अस्थायी विकेटकीपर को टीम में शामिल करने की अनुमति मांगी जा सकती है।
बीसीसीआई के नियम के अनुसार:
1. यदि किसी टीम के सभी रजिस्टर्ड विकेटकीपर किसी कारण से अनुपलब्ध हो जाते हैं, तो बीसीसीआई एक अस्थायी विकेटकीपर को टीम में शामिल करने की अनुमति दे सकता है।
2. यह अस्थायी विकेटकीपर तब तक टीम में रहेगा, जब तक टीम का कोई नियमित विकेटकीपर खेलने के लिए उपलब्ध नहीं हो जाता।
3. यदि कोई अनुपलब्ध विकेटकीपर विदेशी खिलाड़ी हो और टीम पहले से ही अपने पूरे 8 विदेशी खिलाड़ियों की सीमा पर हो, तो रिप्लेसमेंट खिलाड़ी विदेशी नहीं हो सकता।
हालांकि, IPL के 17 सीजन में अब तक किसी टीम ने इस नियम का फायदा नहीं उठाया है। लेकिन यह नियम संभावित संकट से बचने के लिए रखा गया है।
IPL में रिप्लेसमेंट के मुख्य नियम क्या हैं?
IPL में रिप्लेसमेंट के सामान्य नियमों के तहत, यदि कोई खिलाड़ी पूरे सीजन के लिए अनुपलब्ध हो जाता है, तो उसे बदला जा सकता है। यह अनुपलब्धता कई कारणों से हो सकती है, जैसे:
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1. इंजरी या बीमारी – अगर कोई खिलाड़ी पूरे सीजन के लिए घायल हो जाता है और बीसीसीआई का नामित डॉक्टर इसकी पुष्टि करता है, तो वह खिलाड़ी रिप्लेस किया जा सकता है।
2. अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं – यदि कोई खिलाड़ी अपने देश के क्रिकेट बोर्ड के कारण उपलब्ध नहीं है, तो उसे रिप्लेस किया जा सकता है।
3. अनुमति (NOC) न मिलना – यदि किसी खिलाड़ी को उसके नेशनल या स्टेट बोर्ड से NOC नहीं मिलता, तो वह अनुपलब्ध माना जाएगा।
4. संपूर्ण क्रिकेट से संन्यास – यदि कोई खिलाड़ी पूरी तरह से प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लेता है, तो उसकी जगह रिप्लेसमेंट लिया जा सकता है। हालांकि, केवल IPL से संन्यास लेने पर रिप्लेसमेंट की अनुमति नहीं होगी।
5. बीसीसीआई द्वारा स्वीकृत कोई अन्य कारण – अगर किसी अन्य विशेष कारण को बीसीसीआई मान्यता देती है, तो खिलाड़ी को अनुपलब्ध माना जा सकता है।
यदि किसी खिलाड़ी को रिप्लेस किया जाता है, तो वह पूरे सीजन के लिए अपनी टीम में वापस नहीं आ सकता।
RAPP लिस्ट से ही होगा रिप्लेसमेंट
IPL में रिप्लेसमेंट लेने के लिए खिलाड़ी का नाम RAPP लिस्ट में होना अनिवार्य है। RAPP लिस्ट उन खिलाड़ियों की सूची होती है, जो उस सीजन के लिए हुए ऑक्शन में अनसोल्ड रहे या जिन्होंने ऑक्शन में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया लेकिन किसी कारण ऑक्शन से हट गए।
अगर कोई टीम अपने नेट बॉलर्स को RAPP लिस्ट से लेती है, तो वह उस खिलाड़ी पर कोई विशेष अधिकार नहीं रखती। अगर कोई दूसरी टीम उसे रिप्लेसमेंट के रूप में चुनना चाहे, तो पहली टीम को उसे तुरंत छोड़ना होगा।
रिप्लेसमेंट प्लेयर्स का भुगतान और सैलरी कैप
IPL में रिप्लेसमेंट प्लेयर की सैलरी उस खिलाड़ी के बराबर या उससे कम होना चाहिए, जिसे वह रिप्लेस कर रहा है। यदि सीजन के बीच में किसी खिलाड़ी को रिप्लेस किया जाता है, तो उसे उस अवधि का भुगतान किया जाएगा जब से वह टीम में शामिल हुआ है।
BCCI का नियम कहता है कि किसी भी रिप्लेसमेंट प्लेयर के भुगतान को सैलरी कैप में शामिल नहीं किया जाएगा। हालांकि, अगर रिप्लेसमेंट प्लेयर अगले सीजन के लिए टीम के साथ बना रहता है, तो उसका वेतन सैलरी कैप में गिना जाएगा।
IPL में रिप्लेसमेंट की प्रक्रिया क्या है?
कोई भी टीम IPL ऑक्शन के बाद ही रिप्लेसमेंट खिलाड़ी को साइन कर सकती है। रिप्लेसमेंट लेने से पहले, टीम को संबंधित खिलाड़ी की सभी जानकारी बीसीसीआई को भेजनी होगी और उसकी स्वीकृति लेनी होगी।
IPL में रिप्लेसमेंट लेने वाली टीमों को अपनी टीम स्ट्रक्चर के नियमों का भी पालन करना होता है, जिसमें अधिकतम 25 खिलाड़ियों की सीमा शामिल है।
IPL में रिप्लेसमेंट नियम काफी विस्तृत और सख्त हैं। हालांकि, कुछ अपवादों को छोड़कर किसी खिलाड़ी को केवल कुछ मैचों के लिए शामिल करने की अनुमति नहीं होती। अस्थायी रिप्लेसमेंट का नियम मुख्य रूप से विकेटकीपिंग संकट की स्थिति में लागू होता है। इसके अलावा, पूरे सीजन के लिए अनुपलब्ध रहने वाले खिलाड़ियों को ही बदला जा सकता है।
RAPP लिस्ट और सैलरी कैप के नियम यह सुनिश्चित करते हैं कि रिप्लेसमेंट प्रक्रिया पारदर्शी और संतुलित बनी रहे। IPL टीमें इस नियम का पालन करते हुए ही अपने खिलाड़ियों को बदल सकती हैं और बीसीसीआई की स्वीकृति के बिना कोई भी रिप्लेसमेंट नहीं हो सकता।
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