टीम इंडिया एक तरफ जहाँ एशिया कप खेल रही है, वहीं दूसरी तरफ भारत में घरेलू क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी दिलीप ट्रॉफी खेली जा रही है। इस महत्वपूर्ण घरेलू टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला साउथ जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेला जा रहा है।
दिलीप ट्रॉफी इस बार काफी अहम है, क्योंकि टीम इंडिया इस समय ट्रांजिशन से गुजर रही है, जिसके चलते नए खिलाड़ियों को लगातार मौका दिया जा रहा है। जो घरेलू क्रिकेट में अच्छा करेगा, वह अपनी जगह बना सकता है। ऐसे में एक भारतीय खिलाड़ी जो टीम से बाहर चल रहा है, उसने इस टूर्नामेंट में शतक लगाकर अपनी वापसी की दावेदारी ठोकी है। तो चलिए जानते हैं कि कौन है वह खिलाड़ी?
रजत पाटीदार की कप्तानी में एक दशक बाद फाइनल पहुंची सेंट्रल जोन

आपको बता दें कि यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि घरेलू क्रिकेट में मध्यप्रदेश और आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के कप्तान रजत पाटीदार हैं। बीते कुछ समय से उनका बहुत ख़ास दौर चल रहा है। उनके लिए इस समय यह कहावत फिट बैठती है। “वो जिस भी चीज़ को छू रहे हैं, वह सोना बन जा रही है।”
पहले उनकी कप्तानी में आरसीबी खिताब जीतने में सफल रही है। वह टीम जो कई बार फाइनल में तो पहुंची थी, लेकिन बड़े मैचों में हमेशा चूक जाती थी। इस बार ऐसा नहीं हुआ, और उनकी कप्तानी में पहला टाइटल जीत लिया है।
उनके आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन को देखते हुए दिलीप ट्रॉफी में सेंट्रल जोन का कप्तान बनाया गया था। कप्तानी संभालते ही उन्होंने एक दशक के बाद टीम को फाइनल तक पहुंचा दिया और अब फाइनल में बल्ले से रन बनाकर ट्रॉफी जिताने की ओर भी अग्रसर हो गए हैं। रजत पाटीदार ने अपनी आक्रामक पारी के चलते अपनी टीम को ड्राइविंग सीट पर बैठा दिया है।
रजत पाटीदार ने लगाया ताबड़तोड़ शतक
रजत पाटीदार ने फाइनल मुकाबले में धमाकेदार पारी खेली। उन्होंने इस मैच में 115 गेंदों का सामना करते हुए 12 चौके और 2 छक्के लगाते हुए 101 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 87.83 का था। उन्होंने अपनी तूफानी पारी के दम पर साउथ जोन को बैकफुट पर धकेल दिया। इस ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ ने 60 रन सिर्फ़ बाउंड्री की मदद से बनाए थे।
सस्ते में सिमट गई साउथ जोन की पहली पारी
साउथ जोन की टीम के लिए यह मुकाबला किसी सदमे से कम नहीं है। बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले जा रहे मुकाबले में रजत पाटीदार ने पिच पर घास देखते हुए टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया। पिच पर गेंदबाज़ों के लिए मदद थी, जिसका फायदा सेंट्रल जोन ने भरपूर उठाया।
राइट आर्म ऑफ स्पिनर सारांश जैन और लेफ्ट आर्म ऑफ स्पिन गेंदबाज़ कुमार कार्तिकेय ने धारदार बॉलिंग करते हुए साउथ जोन को सस्ते में समेट दिया। जैन ने 5 तो वहीं कार्तिकेय ने 4 विकेट लिए, जिससे साउथ जोन मात्र 149 रनों पर सिमट गई।
यश और रजत ने सेंट्रल जोन को संभाला
सेंट्रल जोन के ओपनर्स दानिश मलेश्वर और अक्षय वाडकर ने अच्छी शुरुआत की। हालांकि गुरजप्रीत सिंह ने लगातार अंतराल में विकेट लिए, लेकिन रजत पाटीदार ने काउंटर अटैक शुरू कर दिया। उन्होंने और यश राठौड़ ने शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए शतक लगाया।
रजत ने 101 और राठौड़ अभी भी 137 रनों पर खेल रहे हैं। कप्तान के आउट होने के बाद सारांश जैन ने उनका बखूबी साथ दिया और दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक कोई और विकेट नहीं गिरने दिया। सेंट्रल जोन की टीम 5 विकेट के नुकसान पर 384 रन बना चुकी है।







