Hockey: एफआईएच मेन्स प्रो लीग 2026 में भारतीय हॉकी टीम के खिलाफ जून में होने वाले मैचों से पहले अब पाकिस्तान हॉकी टीम के अंदर काफी नाराजगी बढ़ती दिख रही है। क्यूंकि इस बीच अब आ रही एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के खिलाड़ी अपनी फेडरेशन से काफी नजरज हैं।
क्यूंकि अभी तक भी पाकिस्तान की टीम के लिए कोई भी ट्रेनिंग कैंप नहीं लगाया गया है। इसके अलावा न ही उनके लिए कोई हाई-प्रोफाइल कोच नियुक्त किया गया है। इसके अलावा इस बार भारत और पाकिस्तान की टीम के बीच एफआईएच मेन्स प्रो लीग 2026 के मुकाबले 23 जून और 26 जून को यूनाइटेड किंगडम में खेले जाएंगे।
पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने जताई नाराजगी :-
इस बीच आ रही एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी खिलाड़ियों का यह मानना है कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मैच के लिए अच्छी तैयारी की जरुरत थी। लेकिन अभी तक पाकिस्तानी फेडरेशन ने इस दिशा में कोई गंभीर कदम नहीं उठाया है।

इस बीच अब न्यूज एजेंसी आईएएनएस ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि, “पाकिस्तान ने साल 2016 के बाद भारत को कोई भी मैच नहीं हराया है। तभी तो पाकिस्तानी खिलाड़ी पूरी तैयारी चाहते हैं। लेकिन अभी तक उनको किसी कैंप या अंतरराष्ट्रीय कोच के संकेत नहीं मिले हैं। क्यूंकि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उनकी यह चुनौती आसान नहीं होने वाली हैं।”
लगातार हार ने पाकिस्तान टीम पर बनाया है दबाव :-
इसके अलावा पाकिस्तान हॉकी टीम इस बार पहली बार नौ टीमों वाली प्रो लीग में खेल रहा है। वहीं इस बार उनको न्यूजीलैंड के हटने के बाद मौका मिला है। इसके अलावा मैदान पर पाकिस्तान टीम का प्रदर्शन काफी खराब रहा है। क्यूंकि पाकिस्तान की टीम अभी तक अपने सभी मैच हारा है। इस बीच उनको नीदरलैंड, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसी टीमों ने हराया है। तभी तो अब ऐसे में भारत और इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान टीम का अगला चरण उनके लिए करो या मरो जैसा हो सकता है।

इसके अलावा एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने फेडरेशन से विदेशी कोच नियुक्त करने की मांग की थी। इस बीच रोलेंट ओल्टमंस जैसे अनुभवी कोच का नाम सामने आया था। जिनको भारतीय खिलाड़ियों और टीम संरचना की काफी अच्छी समझ है। लेकिन पाकिस्तानी फेडरेशन ने उनकी यह मांग भी नहीं मानी है और पूर्व ओलंपियन मंजूरुल हसन को मुख्य कोच बना दिया है। इस बीच सूत्रों ने कहा है कि, “मंजूरुल पुराने दौर के कोच हैं। उन्हें आधुनिक हॉकी और मौजूदा खिलाड़ियों की पर्याप्त जानकारी नहीं है, इसलिए पाकिस्तान की यह नियुक्ति ज्यादा उपयोगी नहीं दिखाई देती है।”
आर्थिक परेशानी भी है बड़ी समस्या :-
पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने भुगतान और सुविधाओं को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई है। इस बीच एक रिपोर्ट के मुताबिक सभी खिलाड़ियों से 120 अमेरिकी डॉलर प्रतिदिन भत्ते का वादा किया गया था। लेकिन मिस्र में क्वालीफाइंग दौर के दौरान उन्हें केवल 40 डॉलर ही मिले थे।

इसके अलावा इस समय पाकिस्तानी खिलाड़ियों को केंद्रीय अनुबंध और मैच फीस भी नहीं मिल रही है। तभी तो इस दौरान एक खिलाड़ी ने भी है कि, “पाकिस्तानी हॉकी खिलाड़ियों की हालत नहीं बदल रही, क्योंकि कोई सुनने वाला नहीं है। हमें कम भुगतान और बिना तैयारी के मैदान में उतरना पड़ रहा है।”
भारत के खिलाफ पाकिस्तान को मिलेगी कठिन चुनौती :-
इसके अलावा भारतीय टीम को इस मौजूदा समय में विश्व हॉकी की मजबूत टीमों में गिना जाता है। इसके चलते हुए अब पाकिस्तान की खराब तैयारी और कमजोर मनोबल के साथ यह मैच खेलना आसान नहीं होने वाला है।

इसके चलते हुए अब भारत के खिलाफ होने वाले इस बड़े मैच से पहले पाकिस्तान हॉकी टीम के भीतर असंतोष सामने आना उनकी मुश्किलें बढ़ाने वाला संकेत है। इसके अलावा अगर जल्द ही उनकी तैयारी, कोचिंग और सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो प्रो लीग में पाकिस्तान टीम का संघर्ष और बढ़ सकता है।
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